No scam in Rafael deal: Nirmala Sitharaman
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राफेल सौदे में नहीं हुआ कोई घोटाला: निर्मला सीतारमण
चेन्नई,09/जून/2018/ITNN>>> मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को यह बात दोहराई कि फ्रांस के साथ राफेल विमान की खरीददारी के लिए हुए सौदे में कोई घोटाला नहीं हुआ जैसा कांग्रेस आरोप लगा रही है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि लड़ाकू विमानों के तकनीकी विवरणों का खुलासा करने पर देश के दुश्मनों को उसकी क्षमताओं का पता चल सकता है। सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली चार साल की राजग सरकार में कोई घोटाला नहीं हुआ और इसलिए कांग्रेस इस तरह के आरोप लगा रही है। 

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी रक्षा सौदे को लेकर मोदी सरकार पर लगातार निशाना साधते आए हैं। उनका आरोप है कि यूपीए सरकार के दौरान लड़ाकू विमानों की जो कीमतें थीं वे काफी बढ़ गईं। विपक्षी दल इस संबंध में विवरणों की जानकारी मांगता रहा है। रक्षा मंत्री ने कार का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर कोई खरीददार अतिरिक्त एक्सेसरीज एवं उपकरण के साथ कार चाहता है तो वही ब्रांड उसे ज्यादा कीमत का पड़ेगा। उन्होंने कहा,(विमानों में) एक्सेसरीज,अतिरिक्त चीजें लगी हैं। राहुल बस कहते हैं कि हम कीमत का खुलासा करें। 

अगर ऐसा किया गया तो इससे पता चल जाएगा कि किस तरह की तकनीक एवं उपकरण से विमान की कीमत तय हुई है। निर्मला ने कहा,आम नागरिकों को भले ही इससे कोई फर्क ना पड़ें लेकिन विरोधी ताकतों,देशों को राफेल की (क्षमताओं की) सीमा का पता चल जाएगा। तो वह हमारी ताकत होगी या कमजोरी? रक्षा मंत्री ने कहा कि इस संबंध में किया जाना वाला खुलासा राहुल के अलावा हमारे दुश्मनों को भी संतुष्ट कर सकता है। उन्होंने कीमत में बढ़ोतरी के आरोपों को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कोई बिना खरीदे किसी खास उत्पाद के सस्ते या कीमती होने का निर्धारण कैसे कर सकता है।

यूपीए सरकार में नही हुआ सौदा पूरा
निर्मला ने कहा,अगर उन्होंने खरीदा होता,सौदा पूरा किया किया होता और फिर कहते कि हमने इस दर से इतने विमान खरीदे,दावा करते कि हमने ज्यादा पैसे दिए तो वह सही होता। लेकिन उन्होंने वह सौदा पूरी नहीं किया। जब आपने कोई भी विमान नहीं खरीदा तो किस आधार पर ज्यादा कीमत की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वायुसेना की जरूरतेों के बावजूद सशस्त्र बलों को तैयार रखने,सैनिकों के लिए कुछ करने की कोई सोच नहीं थी रक्षा मंत्री ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व वाली संप्रग सरकार ने इस सौदे के भविष्य पर प्रश्नचिह्न लगा दिया था और मुझे हैरानी है।

कि आप उन लोगों (राजग) पर आरोप लगा रहे हैं जिन्होंने इसे अंतिम रूप दिया। उन्होंने कांग्रेस के माओवादी तत्वों का समर्थन करने के भाजपा के आरोप को लेकर कहा,पार्टी ने निश्चित रूप से अपने अध्यक्ष तक के स्तर पर भी कम्युनिस्टों,माक्र्सवादियों और लेनिनवादियों के छिटपुट समूहों से खुद को जोडऩे में कभी भी संकोच नहीं किया। निर्मला ने आरोप लगाया कि पार्टी उपाध्यक्ष के तौर पर राहुल गांधी दिल्ली में जेएनयू के कुछ छात्रों से मिले थे जिनपर भारत विरोधी नारेबाजी करने का आरोप था।