For the first time in the country, the Mamta Government appointed its own separate security adviser
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देश में पहली बार ममता सरकार ने नियुक्‍त किया अपना अलग सुरक्षा सलाहकार
कोलकता,30/मई/2018/ITNN>>> पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नैशनल सिक्यॉरिटी एडवाइजर की तर्ज पर स्टेट सिक्यॉरिटी अडवाइजर का पद बनाया है। देश में पहली बार कोई राज्य अपना सुरक्षा सलाहकार नियुक्त करने जा रहा है। दरअसल सुरक्षा सलाहकार की नियुक्ति अब तक राष्ट्रीय स्तर पर ही होती रही है।  ममता सरकार ने पुलिस महानिरीक्षक सुरजीत कर पुकारायस्थ को एसएसए के रूप में नियुक्त किया है। 

राज्‍य सरकार ने की अधिसूचना जारी 
राज्‍य सरकार की ओर से 24 मई को अधिसूचना जारी की गई है। जिसमें कहा गया कि SSA पुरकायस्‍थ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रमुख सुरक्षा समन्वयक के तौर पर ही काम नहीं करेंगे बल्कि उनके पास 'रणनीतिक हस्तक्षेप' की भी शक्तियां होंगी। वह सुरक्षा से जुड़े मुद्दों में सीधे हस्तक्षेप कर सकेंगे। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार SSA प्रदेश से जुड़े सुरक्षा के हर मुद्दे के प्रस्ताव का परीक्षण करेंगे।

तीन साल का होगा SSA का कार्यकाल
पुरकायस्थ प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) रहे हैं। अब एसएसए की हैसियत से उन्हें राज्य की तमाम सुरक्षा और कानून का पालन कराने वाली एजेंसियों का प्रमुख बना दिया गया है। एसएसए के पास सुरक्षा मुद्दों से संबंधित सभी प्रस्तावों की जांच करने का अधिकार होगा। इससे पहले यह शक्तियां डीजीपी और गृह सचिव के पास होती थी लेकिन अब अब सबकुछ एसएसए के पास होगा। अधिकारी के अनुसार SSA सीधे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को रिपोर्ट करेंगे। उनका कार्यकाल तीन साल का होगा। उसके बाद प्रदेश सरकार उन्हें फिर से सेवा विस्तार दे सकेगी। 

अमरिंदर सिंह ने भी की थी पहल 
बता दें कि पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने ऐसे ही मुख्यमंत्री के लिए मुख्य प्रधान सचिव पद सृजित किया था। राज्य सरकार के इस कदम को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा 'असंवैधानिक' करार दे दिया गया था। वहीं यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी इस तरह की पहल की थी। उन्होंने रिटायर्ड अधिकारी शशांक शेखर सिंह को प्रदेश का कैबिनेट सेक्रेटरी बनाया था।