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नरेन्द्र मोदी की हत्या की माओवादी साजिश हास्यास्पद और डरावनी फिल्म की कहानी है - शिवसेना
मुंबई,12/जून/2018/ITNN>>> शिवसेना ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की हत्या की माओवादियों साजिश को हास्यास्पद बताया है. शिवसेना ने कहा कि ये किसी डरावनी फिल्म की कहानी जैसी बात है. शिवसेना के अलावा कांग्रेस और एनसीपी ने भी इस पर सवाल खड़ा किया है. इस बीच प्रधानमंत्री की सुरक्षा मजबूत करने पर फैसला करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई. बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल,केंद्रीय गृह सचिव राजीव गॉबा और खुफिया ब्यूरो (आईबी) के निदेशक राजीव जैन शामिल थे.

बीजेपी ने इस पर पलटवार करते हुए कहा कि यह संवेदनहीनता और राजनीति का निम्नतम स्तर है. वहीं इससे पहले एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने आरोप लगाया था कि बीजेपी सहानुभूति पाने के लिए खतरे का कार्ड खेल रही है. बता दें कि कि महाराष्ट्र पुलिस ने दावा किया था कि माओवादी प्रधानमंत्री मोदी और राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस की हत्या की साजिश रच रहे हैं. पुलिस ने माओवादियों से कथित संपर्क रखने वाले पांच लोगों को पिछले हफ्ते गिरफ्तार कर कहा था कि उन्होंने उनमें से एक के घर से एक पत्र बरामद किया. पत्र में राजीव गांधी की हत्या की शैली में मोदी की हत्या करने के बारे में गया है.

शिवसेना ने कहा कि ये साजिश तर्कसंगत प्रतीत नहीं हो रहा है. ये किसी डरावनी फिल्म की कहानी लगता है. पार्टी ने तंज कसते हुए कहा कि हाई प्रोफाइल नेताओं को व्यापक सुरक्षा कवर मुहैया कराई जानी चाहिए,भले ही लाखों लोग नक्सली हमले में क्यों नहीं मारे जा रहे हों. शिवसेना के मुखपत्र सामना में कहा गया है,उन्हें सुरक्षा दी जानी चाहिए. यह ठीक है कि लाखों लोग मर जाएं (नक्सली हमले में) लेकिन उन्हें जिंदा रहना चाहिए. शिवसेना ने दावा किया कि मोदी की सुरक्षा मोसाद (इस्राइल की खुफिसा एजेंसी) जैसी मजबूत है और किसी के लिए भी इसे भेदना लगभग असंभव है. 

शिवसेना ने यह भी कहा कि फडनवीस ने राज्य सचिवालय को किले में तब्दील कर दिया है जहां आम आदमी की आवाजाही मुश्किल हो गई है. शिवसेना ने माओवादियों की साजिश के संदर्भ में कहा,मोदी 15 राज्यों में सरकार बनाने में सफल रहे हैं. अगर यह जारी रहता है तो संगठन को खतरा पैदा हो जाएगा. इसलिए, मोदी को खत्म कर देना चाहिए. इन सब का खुलासा पुलिस ने किया है जो कि हास्यास्पद है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने कहा कि उन्हें लगता कि यह पत्र सत्यापित नहीं है. यह सरकार का कर्तव्य है कि वह प्रधानमंत्री को फूलप्रूफ सुरक्षा मुहैया कराए. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि हर किसी को इस तरह की कोशिश की निंदा करनी चाहिए. उन्होंने कहा,लोग अब भी संवेदनशील नहीं हैं.