प्रदेश विशेष
2019 का चुनाव गांधी-अंबेडकर-मंडल बनाम गोलवलकर-गोडसे के बीच लड़ा जाएगा: तेजस्वी यादव
नई दिल्ली,24/जून/2018/ITNN>>> आरजेडी नेता और लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव ने कहा है कि 2019 में बीजेपी से मुकाबला करने के लिए विपक्षी दलों को अपना अहंकार छोड़ना होगा. तेजस्वी ने कांग्रेस को यह नसीहत भी दी कि उन्हें उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में अन्य दलों को ड्राइविंग सीट पर रखना चाहिए जहां वह सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी नहीं है. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री उम्मीदवार का मुद्दा इतना महत्वपूर्ण नहीं है. विपक्षी दलों के लिए संविधान बचाने के वास्ते सबसे ज्यादा जरुरत एक साथ आने की है. 

बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री ने कहा,मेरी नजर में प्रधानमंत्री उम्मीदवार के बारे में बात प्राथमिकता नहीं है क्योंकि देश खतरे का सामना कर रहा है.  संविधान, लोकतंत्र और आरक्षण खतरे में है. उन्होंने कहा कि जिस तरह यूपीए-1 के समय चुनाव बाद मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री चुना गया था उसी तरह इस बार भी होना चाहिए. तेजस्वी यादव ने कहा कि विपक्ष एक साथ आ कर जीत सकता है. 2019 का चुनाव गांधी-अंबेडकर-मंडल बनाम गोलवलकर - गोडसे के बीच लड़ा जाएगा. युवा नेता ने आरक्षण पर महात्मा गांधी,बी आर अंबेडकर और मंडल आयोग बनाम आरएसएस के एम एस गोलवलकर और नाथूराम गोडसे के विचारों का जिक्र करते हुए कहा,सामाजिक न्याय और धर्म निरपेक्षता में विश्वास करने वाले विपक्ष के सभी राजनीतिक दलों को अपने अहंकार और मतभेदों को पीछे छोड़कर संविधान बचाने के लिए एक साथ आना चाहिए. 

केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े की टिप्प्णी का जिक्र करते हुए तेजस्वी ने आरोप लगाया कि बीजेपी आरएसएस कानून लागू करना चाहती है. बता दें कि हेगड़े ने कहा था कि पार्टी संविधान बदलने के लिए सत्ता में आयी है. विपक्षी गठबंधन की जरुरत पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते कांग्रेस पर दूसरे दलों को साथ लेकर चलने की बड़ी जिम्मेदारी है. कांग्रेस को अपनी रणनीति में केवल अपने हित ही नहीं बल्कि अपने सहयोगियों के हितों को भी ध्यान में रखना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उन्हें सम्मान दिया जाए.

तेजस्वी ने कहा कि करीब 18 राज्यों में बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है. उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में राहुल गांधी के नेतृत्व वाली पार्टी को सबसे बड़े विपक्षी दल को ड्राइविंग सीट पर बैठाना चाहिए. इस महीने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की इफ्तार पार्टी से विपक्ष के कई शीर्ष नेताओं के गैरमौजूद रहने पर विपक्षी एकता में दरार की अफवाहों को खारिज करते हुए यादव ने कहा कि यह कोई मुद्दा नहीं है. उन्होंने कहा कि वह वहां नहीं थे लेकिन आरजेडी सांसद मनोज झा ने पार्टी का प्रतिनिधित्व किया था. उन्होंने कहा,उसी दिन हमने बिहार में इफ्तार पार्टी का आयोजन किया था. 

गांधी की इफ्तार पार्टी के लिए कई नेताओं ने अपने प्रतिनिधियों को भेजा था. यह पूछे जाने पर कि बीजेपी के पास नरेंद्र मोदी के तौर पर प्रधानमंत्री पद का चेहरा होने का फायदा है,इस पर यादव ने दावा किया कि एनडीए के सहयोगी दलों के बीच दरार है और इस बात का कोई भरोसा नहीं है कि गठबंधन बरकरार रहेगा या टूट जाएगा. आरजेडी नेता ने कहा,लोगों ने चार वर्षों से मोदी जी को देखा है,उन्होंने कुछ नहीं किया. लोगों को पूछना चाहिए कि वह देश के लिए क्या कर रहे हैं. ऐसा व्यक्ति जिसने काम नहीं किया,वह कैसे प्रधानमंत्री पद का चेहरा हो सकता है. 

बीजेपी के पास इस सवाल का जवाब नहीं है और वह मुद्दों से ध्यान भटकाती रहती है. उन्होंने कहा कि भारत को ऐसे प्रधानमंत्री की जरुरत है जो झूठ नहीं बोलता,जो जुमलेबाजी नहीं करता और जो वही करता है जो वह कहता है. तेजस्वी ने सरकार की विदेश नीति पर भी निशाना साधा और कहा कि कोई ऐसा क्षेत्र नहीं है जिसमें सरकार ने अच्छा प्रदर्शन किया हो. यादव ने कहा कि सीटों का बंटवारा अंदरुनी मुद्दा है और वह इस पर विचार करेंगे. उन्होंने कहा कि पार्टी 2019 के आम चुनावों के लिए एक साथ आने वाले विपक्षी दलों की राह में रोड़ा नहीं बनेगी. 

उन्होंने कहा,हम एनडीए की तरफ क्यों नहीं देखते। बिहार का उदाहरण लीजिए,कैसे वे नीतीश कुमार जी की भूमिका तय करने जा रहे हैं,वे शिवसेना के साथ कैसे सीटों का बंटवारा करने जा रहे हैं. यादव ने कहा,बीजेपी अकेली नहीं है. हम हमेशा क्यों भूल जाते हैं और हम हमेशा मोदी जी पर ही क्यों ध्यान केंद्रित करते हैं. उनके पास 40 सहयोगी दल हैं. वह अकेले नहीं हैं तो हमें क्यों अकेले रहना चाहिए. युवा नेता ने कहा,हमने महागठबंधन बनाकर बिहार में एक उदाहरण पेश किया है.