Hearing on Supreme Court's pay scales of employed teachers of Bihar
प्रदेश विशेष
बिहार के नियोजित शिक्षकों के वेतनमान को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई
पटना,31/जुलाई/2018/ITNN>>> बिहार के नियोजित शिक्षकों को समान काम के लिये समान वेतन के मामले में सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई होगी. सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई को अंतिम सुनवाई माना जा रहा है, साथ ही इस मामले में आज फैसला आने की भी उम्मीद जताई जा रही है. इससे पहले समान काम के लिये समान वेतन के मामले में सुप्रीम कोर्ट में कई सुनवाई हो चुकी है.

दोपहर 12 बजे से सरकार और शिक्षक कोर्ट में अपना पक्ष रखेंगे. इस मामले में सोमवार को ही केंद्र सरकार ने एफिडेविट दाखिल किया है. बिहार सरकार की दलील को केंद्र सरकार ने सही ठहराया है. पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट में बिहार सरकार ने कहा था कि नियोजित शिक्षकों के परीक्षा में पास होने से ही सैलरी इन्क्रिमेंट होगा और ये वृद्दि 20 फीसदी की होगी, लेकिन कोर्ट ने कहा कि 20 फीसदी बढ़ाने से भी शिक्षकों की सैलरी चपरासी जितनी नहीं हो पायेगी.

कोर्ट ने सरकार से कहा कि एक ऐसी स्कीम लायें जिससे बिहार ही नहीं, बल्कि समान काम के लिये समान वेतन मांगने वाले अन्य प्रदेश के शिक्षकों का भी भला हो सके. कोर्ट ने कहा कि इसके लिये केन्द्र सरकार और बिहार सरकार बैठकर बात करें. सुप्रीम कोर्ट ने अटार्नी जनरल की दलील पर चार सप्ताह का समय दिया था और कहा कि केन्द्र सरकार चार सप्ताह के भीतर कम्प्रिहैंसिव स्किम बनाये और कोर्ट में हलफनामा दाखिल करे. 

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के लिये अगली तारीख 12 जुलाई की तय की थी अगली सुनवाई से पहले केन्द्र सरकार का रुख भी देखने लायक होगा, क्योंकि शिक्षकों को दिये जाने वाले वेतन का 70 फीसदी हिस्सा केन्द्र सरकार ही भुगतान करती है. मालूम हो कि बिहार में फिलहाल लगभग तीन लाख नियोजित शिक्षक कार्य कर रहे हैं. कोर्ट के इस फैसले पर नियोजित शिक्षकों की आस टिकी है.