प्रदेश विशेष
राज्यपाल के अभिभाषण के बाद विधानसभा कल तक के लिए स्थगित
रायपुर,05/फरवरी/2018(ITNN)>>> छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र की कार्यवाही राज्यपाल के अभिभाषण के बाद स्थगित कर दी गई है. अब छह फरवरी यानी कल 11 बजे से फिर से कार्यवाही शुरू होगी. विधानसभा में वर्तमान भाजपा सरकार का अंतिम बजट सत्र की शुरूआत 05 फरवरी से हुई. राज्यपाल बलरामजी दास टंडन के अभिभाषण के साथ बजट सत्र की शुरुआत हुई है. उन्होंने कहा कि कार्यकाल के अंतिम वर्ष में भी सरकार प्रदेशवासियों की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने में सफल होगी. रमन सरकार ने गांव, गरीब, किसान, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यकों के लिए विशिष्ट काम किए. 

राज्यपाल ने कहा कि नीतियां और योजनाएं इनके हिसाब से बनाईं और उन्हें लाभान्वित किया. विशिष्ट जनहितकारी योजनाओं को लागू किया गया. कृषि क्षेत्र में सुधार एल लंबी प्रक्रिया है. दलहन में 43 प्रतिशत,उद्यानिकी फसलों में 406 फीसदी की वृद्धि हुई. पीएम नरेंद्र मोदी के आह्वान पर राज्य सरकार क्षेत्र विशेष की जलवायु के मुताबिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है. इय बीच विपक्ष ने टोकाटाकी भी की. 17 बैठकों वाले इस सत्र में 10 फरवरी को बतौर वित्त मंत्री डॉ.रमन सिंह बजट पेश करेंगे. इस पर 12 और 13 फरवरी को चर्चा होगी. 

इसके बाद विभागवार मांगों पर चर्चा होगी. बता दें कि इस बार बजट सत्र में कुल 2670 प्रश्न लगे हैं,जिसमें आधे तारांकित और आधे आतारांकित है. वहीं प्रश्नों के जवाब के लिए मंत्रियों को वर्गवार बांट कर उनके विभाग के जुड़े प्रश्नों के लिए तारीख तय कर दी गई है. वर्ग एक में मुख्यमंत्री, महिला बाल विकास मंत्री और श्रम मंत्री से जुड़े विभागों के प्रश्नों के उत्तर के लिए 06, 13, 21 और 28 फरवरी की तारीख तय की गई है. वहीं वर्ग दो में पंचायत, खाद्य और सहकारिता मंत्री से जुड़े विभागों के प्रश्नों के लिए 07, 15 और 22 फरवरी की तारीख तय की गई है.

इसी प्रकार वर्ग तीन में नगरीय प्रशासन, गृह और वन मंत्री से जुड़े विभागों के प्रश्नों के लिए 08, 16 और 23 फरवरी की तारीख तय की गई है. साथ ही वर्ग चार में कृषि और आदिम जाति मंत्री से जुड़े विभागों के लिए 09, 19 और 26 फरवरी की तारीख तय की गई है. अंत में वर्ग पांच में राजस्व और लोक निर्माण मंत्री से जुड़े विभागों के लिए 12, 20 और 27 फरवरी की तारीखें तय की गई. इन तारीखों पर ये तमाम मंत्री अपने विभागों से जुड़े प्रश्नों के उत्तर सदन में देंगे.