All 90 seats in Chhattisgarh, the Samajwadi Party will contest on their own.
प्रदेश विशेष
छत्तीसगढ़ की सभी 90 सीटों पर समाजवादी पार्टी अपने दम पर लड़ेगी चुनाव
बिलासपुर,05/मई/2018 (ITNN) >>> उत्तरप्रदेश विधान परिषद के सदस्य व छत्तीसगढ़ संगठन प्रभारी पुष्पराज जैन का कहना है कि वर्ष 2018 में होने वाले विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी प्रदेश की सभी 90 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। कांग्रेस,बहुजन समाज पार्टी या जनता कांगे्रस छत्तीसगढ़ से राजनीतिक समझौता करने से साफतौर पर इनकार कर दिया है। विधायक जैन पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि सपा सुप्रीमो के निर्देश पर छत्तीसगढ़ में संगठनात्मक गतिविधियों के अलावा विधानसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक संभावनाओं को टटोल रहे हैं। 

सपा विधानसभा चुनाव को गंभीरता से ले रही है। यही कारण है कि प्रदेश के सभी 90 विधानसभा सीटों के लिए प्रभारी की नियुक्ति कर दी गई है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के अलावा मध्यप्रदेश व राजस्थान भी पार्टी की प्राथमिकता में है। यहां होने वाले विधानसभा चुनाव में सपा पूरे दमखम के साथ चुनाव लड़ेगी। छत्तीसगढ़ में पार्टी की राजनीतिक संभावनाआं के सवाल पर उनका कहना था कि छत्तीसगढ़ हमारे लिए नया नहीं है। बीते एक दशक से हमारी मौजूदगी रही है। संगठन का विस्तार भी हो रहा है। 

यूपी की तर्ज पर कार्यकर्ताओं की टीम तैयार की जा रही है। विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी किस मुद्दे पर फोकस करेगी इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि प्रदेश में अराजकता का माहौल है। नक्सल समस्या और बढ़ती बेरोजगार प्रमुख मुद्दा रहेगा। सत्ताधारी दल के खिलाफ प्रदेश में माहौल बनने लगा है। कानून व्यवस्था की स्थिति भी दयनीय है। यह पूछे जाने पर कि राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा को रोकने के लिए गठबंधन की चर्चा हो रही है। 

इसकी अगुवाई मुलायम सिंह कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में कांग्रेस से गठबंधन की संभावना है क्या। विधानसभा चुनाव में उन्होंने गठबंधन से इनकार कर दिया है। विधायक पुष्पराज ने कहा कि वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन की कोशिशें हो रही है। छत्तीसगढ़ में होने वाले विधानसभा चुनाव से इस गठबंधन का राजीनितकतौर पर कोई लेना देना नहीं है।

यूपी में भाजपा की धर्म की राजनीति के आगे विकास का मुद्दा नहीं चल पाया
एक सवाल के जवाब में विधायक ने कहा कि उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान सपा का प्रमुख मुद्दा विकास था। अखिलेश यादव की सरकार ने बीते पांच वर्ष के दौरान प्रदेश में विकास के जो काम किए वह अभूतपूर्व रहा है। अफसोस की बात ये कि विकास के मुद्दे पर भाजपा द्वारा प्रचारित की गई धर्म की राजनीति हावी हो गई। पार्टी में विवाद के सवाल को टालते हुए कहा कि मुलायम सिंह सपा के संरक्षक की भूमिका निभा रहे हैं। अखिलेश अध्यक्ष हैं।