Arvind Kejriwal's strategy to counter BJP replaced
प्रदेश विशेष
लोकसभा चुनाव पास आता देख केजरीवाल ने बदली BJP से मुकाबले की रणनीति
नई दिल्ली,4/जून/2018/ITNN>>> आम आदमी पार्टी के नेताओं और राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि 2019 के आम चुनाव के लिए माहौल बनने की शुरुआत के साथ ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सावधानी के साथ राजनीतिक खेल खेलते प्रतीत हो रहे हैं और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमलों की अपनी रणनीति में बदलाव कर लिया है.

पंजाब में साल 2017 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के खराब प्रदर्शन और उत्तर प्रदेश में बीजेपी के आगे दूसरे दलों का सूपड़ा साफ होने के बाद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अपने हमलों की तीव्रता कम करने का फैसला किया था.

पढ़ें- कांग्रेस से हाथ मिलाने को क्यों बेकरार है AAP?

केजरीवाल एक साल से ज्यादा समय तक अपनी इस रणनीति पर कायम रहे, लेकिन हाल में बीजेपी की कई चुनावी हार और केंद्र की बीजेपी नीत सरकार के खिलाफ धीरे-धीरे 'बढ़ रही' सत्ता विरोधी लहर को देखते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री ने एक बार फिर मोदी पर अपने हमलों की धार तेज करने का फैसला कर लिया है.

आम आदमी पार्टी (आप) के एक वरिष्ठ नेता कहते हैं, 'उत्तर प्रदेश के चुनाव परिणाम के बाद 2017 में केजरीवाल ने जब अपनी रणनीति में बदलाव किया तो तब मोदी का करिश्मा बरकरार था. आप ऐसे नेता पर हमले नहीं करते जो लोकप्रिय हो, क्योंकि उसका उल्टा असर होता है. लेकिन अब जब वह (मोदी) अलोकप्रिय हो रहे हैं तो रणनीति बदल गई है.'

उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल के दामों में इजाफे के चलते मोदी सरकार के खिलाफ लोगों के गुस्से, हालिया उपचुनावों में बीजेपी की हार और विपक्ष के एकजुट होने की वजह से केजरीवाल ने रणनीति बदल ली है. बीते 31 मई को आए उपचुनाव परिणामों में बीजेपी महज एक लोकसभा सीट पर जीती थी. विधानसभा सीटों में से भी उसके खाते में केवल एक सीट आई थी.

इसके बाद केजरीवाल ने सावधानी के साथ एक ट्वीट कर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की तारीफ की थी, जिन्हें उन्होंने 2013 के दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान अपने भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत निशाना बनाया था. उसके बाद 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी केजरीवाल ने मनमोहन को निशाना बनाया था.

मोदी पर हमला बोलते हुए केजरीवाल ने कहा था कि लोग मनमोहन सिंह जैसे 'पढ़े-लिखे प्रधानमंत्री' की कमी महसूस कर रहे हैं. उपचुनाव परिणाम के बाद केजरीवाल ने कहा था कि परिणाम प्रधानमंत्री के खिलाफ लोगों के गुस्से को दिखाते हैं.

आप की दिल्ली इकाई के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज कहते हैं कि केजरीवाल भी इंसान हैं. दिल्ली सरकार को उन्होंने काम नहीं करने दिया, तो ऐसे में वह जवाबी हमला करेंगे ही.

भारद्वाज ने कहा, 'हमने अपने हमलों को कम करने और काम पर ध्यान देने की रणनीति अपनाने की कोशिश भी की, लेकिन पिछले एक साल में हुई घटनाएं दिखाती हैं कि इस रणनीति ने काम नहीं किया है.'

वह दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के आवास पर सीबीआई के छापे, मुख्यमंत्री अंशु प्रकाश पर आप विधायकों के कथित हमले के संबंध में मुख्यमंत्री केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से पूछताछ किए जाने, दिल्ली सरकार के सलाहकारों को हटाए जाने और पीडब्ल्यूडी के कामों में कथित अनियमितता के मामले में केजरीवाल के रिश्तेदार की गिरफ्तारी के संबंध में बोल रहे थे.