प्रदेश विशेष
वोट के लिए कांग्रेस उठा रही है NRC पर सवाल: अमित शाह
नई दिल्ली,31/जुलाई/2018/ITNN>>> बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि संसद में मुझे बोलने नहीं दिया। उन्होंने कहा कि ये मेरे  लिए दुर्भाग्य की बात है कि मैं अपनी बात नहीं रख पाया। इसलिए प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी पड़ी। नागरिकता विवाद पर बोलते हुए शाह ने कहा कि राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी)  में किसी भारतीय का नाम नहीं कटेगा। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वोट के लिए कांग्रेस एनआरसी पर सवाल उठा रही है। 

शाह ने कहा, पिछले दो दिनों से देश में एनआरसी के उपर बहस चल रही है और यह कहा जा रहा है कि 40 लाख भारतीयों नागरिकों को अवैध घोषित कर दिया गया है जबकि वास्तविकता है कि प्राथमिक जांच होने के बाद जो भारतीय नहीं है उनके नाम NRC से हटाए गए हैं। एनआरसी के मुद्दे पर जनता को गुमराह करने का विपक्ष पर आरोप लगाते हुए शाह ने कहा,अलग अलग प्रकार की भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं। प्रांत..प्रांत के बीच झगड़े जैसा एक माहौल खड़ा करने का प्रयास किया जा रहा है। मैं इसकी घोर निंदा करता हूं। 

उन्होंने कहा कि भाजपा के मन में बांग्लादेशी घुसपैठियों के विषय पर कोई दुविधा नहीं है और इसलिये हम नागरिकता विधेयक लेकर आए। लोकसभा में यह पारित हो चुका है और राज्यसभा में लंबित है। भाजपा अध्यक्ष ने पार्टी मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा कि हमारा पहले भी मत था कि बांग्लादेशी घुसपैठियों को देश में रहने का कोई अधिकार नहीं है और अब भी मानते हैं कि एनआरसी को पूरी तरह से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा,बांग्लादेशी घुसपैठियों के विषय पर कांग्रेस और उसके अध्यक्ष राहुल गांधी,तृणमूल कांग्रेस समेत सभी दलों को अपना रूख स्पष्ट करना चाहिए। 

उन्हें हां या नहीं में इस बारे में अपना रूख स्पष्ट करना चाहिए। अमित शाह ने कहा कि देश की जनता संदिग्ध हालत में नहीं रह सकती है । किसी भी दूसरे देश से कोई यहां आए और रहने लगे,इस प्रकार से देश कैसे चलेगा। उन्होंने कहा कि एनआरसी का संबंध देश की सुरक्षा से है। असम एनआरसी के मुद्दे पर विपक्ष द्वारा मानवाधिकार का विषय उठाने के संबंध में शाह ने कहा कि एनआरसी देश के नागरिकों के मानवाधिकारों के लिए है। 

क्या देश के नागरिकों का कोई मानवाधिकार नहीं होता है ?  भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा का ²ढ़ मत है कि उच्चतम न्यायालस के आदेश का अक्षरश: पालन किया जाए। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी समय समय पर अपना रूख बदलती रही है। उन्होंने दावा किया कि 1971 में इंदिरा गांधी ने कहा था कि देश में घुसपैठियों के लिये स्थान नहीं होगा। शाह ने राहुल गांधी से रूख स्पष्ट करने की मांग करते हुए पूछा कि क्या आप उनकी बात भूल गए या आज भी उस बात पर कायम हैं. इस बारे में स्थिति स्पष्ट करें।   

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के बयान का उल्लेख करते हुए शाह ने कहा कि वह कहती हैं कि गृह युद्ध हो सकता है। वह :ममता: स्पष्ट करें कि किस प्रकार का गृह युद्ध होगा। इस मुद्दे पर वह देश की जनता के सामने अपना रूख स्पष्ट करें। उन्होंने कहा कि जब उच्च सदन में उन्होंने एनआरसी पर अपनी बात रखनी चाही तो सदन नहीं चलने दिया गया,ये दुर्भाग्य की बात है कि मैं अपनी बात नहीं रख पाया। उन्होंने कहा कि 40 लाख लोगों को अवैध घोषित करने की चर्चा हो रही है,लेकिन वास्तविकता अलग है. 

जो नाम हटाए गए हैं,प्राथमिक जानकारी में वो भारतीय नहीं पाए गए हैं। शाह ने कहा कि यह आंकड़ा अंतिम आंकड़ा नहीं है। भारतीय नागरिकों के नाम काटे गए हैं,ऐसा कहकर देश को गुमराह किया जा रहा है. जो अपने भारतीय होने का सबूत नहीं दे पाए हैं,उनका नाम हटाया गया है। इस बारे में किसी के साथ अन्याय नहीं होगा। शीर्ष अदालत में हर महीने रिपोर्ट देनी है। उन्होंने कहा कि भाजपा के लिये देश की सीमा और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस विषय पर सभी दल अपना रूख स्पष्ट करें।