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मुजफ्फरपुर कांड पर सियासी संग्राम, आज दिल्ली में तेजस्वी यादव का प्रदर्शन
नई दिल्ली,4/अगस्त/2018/ITNN>>> बिहार के मुजफ्फरपुर में बच्चियों के साथ हुई बेशर्म करतूत पर अब सियासी रण छिड़ा हुआ है. यहां तक कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का विरोध अब दिल्ली तक पहुंच गया है. राष्ट्रीय जनता दल के विधायक तेजस्वी यादव आज राजधानी में जंतर-मंतर पर नीतीश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे. उनके इस विरोध में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत दूसरे विपक्षी दलों के नेता भी शिरकत कर सकते हैं.

देश को हिला देने वाले इस यौन शोषण कांड पर शुक्रवार को पहली बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चुप्पी तोड़ी और इसे शर्म का विषय बताया. नीतीश कुमार ने इस घटना पर अफसोस जाहिर करते हुए ये भी कहा कि जो पापी हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा. लेकिन विपक्ष आरजेडी नीतीश कुमार के इतने आश्वासन से संतुष्ट नहीं है. तेजस्वी इस कांड के बहाने नीतीश सरकार को घेरने की कोशिश में हैं.

मुजफ्फरपुर के बालिकागृह से निकली शर्म की कथाएं पूरे बिहार के माथे पर बदनुमा दाग बनकर सामने आई हैं और इस साजिश को रचने का आरोप ब्रजेश ठाकुर पर है. ब्रजेश सेवा संकल्प एवं विकास समिति NGO का संस्थापक है, जो यह बालिकागृह चलाती थी.  

टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस (टीआईएसएस), मुम्बई द्वारा अप्रैल में राज्य के समाज कल्याण विभाग को सौंपी गई एक ऑडिट रिपोर्ट में यह मामला सबसे पहले सामने आया था. जिसके बाद बालिका गृह में रहने वाली 42 में से 34 लड़कियों के मेडिकल टेस्ट में यौन उत्पीड़न की पुष्टि हुई.

इस मामले में 31 मई को 11 लोगों के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी. ठाकुर समेत 10 लोगों को तीन जून को गिरफ्तार किया गया था. एक व्यक्ति फरार है.

इस केस में बिहार समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा के पति का नाम भी आ रहा है, जिस पर विवाद बना हुआ है. दरअसल, इस मामले में गिरफ्तार जिला बाल संरक्षण अधिकारी रवि रोशन की पत्नी ने यह आरोप लगाया है कि मंत्री के पति चंद्रशेखर वर्मा अक्सर बालिका गृह में जाया करते थे. वहीं, पीड़ित लड़कियों ने अपने बयान में बताया है कि वहां कोई बड़े पेट वाले नेता जी आते थे. इसी आधार पर विपक्ष मंजू वर्मा के इस्तीफे की मांग कर रहा है. हालांकि, वह अपने पति को निर्दोष करार दे रही हैं.