Advani never asked in Parliament in 4 years
प्रदेश विशेष
4 साल में आडवाणी ने संसद में नहीं पूछा एक भी सवाल
अहमदाबाद,26/मई/2018/ITNN>>> केंद्र सरकार जहां एक ओर अपने चार साल की उपलब्धियां गिना रही है,वहीं गुजरात के सांसद लालकृष्ण आडवाणी ने इन चार के दौरान संसद में एक भी सवाल नहीं पूछा है। लोकसभा चुनाव 2014 में गुजरात की सभी 26 सीटों पर भाजपा ने जीत हासिल की थी। संसद में गुजरात के इन 26 सांसदो की औसतन हाजिरी 84 फीसद है। आडवाणी गुजरात की राजधानी गांधीनगर से सांसद है। संसद में उनकी उपस्थिति 92 फीसद है। उन्होंने एक बार भी जनता के प्रश्नों को नहीं उठाया,जबकि केवल एक बार 11 अगस्त 2014 को संसद की चर्चा में हिस्सा लिया था। 

संसद में कुछ ऐसा ही प्रदर्शन पोरबंदर के 60 वर्षीय सांसद विठ्ठल रादडिया का भी रहा है। संसद में उनकी उपस्थिति केवल 16 फीसद है। संसद में जनता समस्याओं पर सवाल उठाना तो दूर उन्होंने चार साल में एक बार भी किसी चर्चा में हिस्सा नहीं लिया। इतना ही नहीं वे 2015 और 2017 के मानसून सत्र और शीतकालीन सत्र में एक भी दिन संसद में उपस्थित नहीं रहे। पंचमहाल के सांसद प्रभातसिंह चौहाण ने 6, पाटण के सांसद लीलाधर वाघेला 11 तो बनासकांठा के सांसद हरिभाई चौधरी ने 12 ही प्रश्न संसद में पूछे हैं।

संसदों को हैं ये सुविधाएं
सांसदों को हर महीने 50 हजार रुपए वेतन दिया जाता है। संसद सत्र के दौरान पार्लियामेंट रजिस्टर में सही हस्ताक्षर करने पर प्रतिदिन 2 हजार रुपए मिलते हैं। इसके अलावा अन्य तरह के भत्ते भी हैं। सरकारी काम से बाहर जाना पड़ता है तो तमाम खर्च सरकार द्वारा चुकाया जाता है। ट्रेन के फर्स्ट क्लास एसी या एक्जिक्युटिव क्लास में यात्रा के लिए पास मिलता है। साल में वे 34 बार निःशुल्क हवाई यात्रा कर सकते हैं। इसके अलावा उनकी पत्नी को भी 8 बार निःशुल्क हवाई यात्रा कर सकती है।