Army encircles terrorists coming to attack CRPF camp in Srinagar
प्रदेश विशेष
श्रीनगर में CRPF कैंप पर हमला करने आए आतंकियों को सेना ने घेरा
श्रीनगर,12/फरवरी/2018(ITNN)>>> श्रीनगर सीआरपीएफ शिविर पर सोमवार को हमले की फिराक में आए आतंकियों के मंसूबे को नाकाम करते हुए सीअारपीएफ के जवानों मे मोर्चा संभाल लिया है। सीआरपीएफ की क्विक रिएक्शन टीम (QRT) ने करन नगर इलाके में एनकाउंटर शुरू कर दिया है। दोनों आतंकियों को ढूंढ लिया गया है,दोनों तरफ से गोलीबारी जारी है। इस मुठभेड़ में एक जवान शहीद हो गया। सीआरपीएफ के आइ जी रविदीप सहाय ने जानकारी दी की 2 आतंकियों ने सुबह सीआरपीएफ मुख्यालय में घुसने की कोशिश की थी। 

वे मुख्यालय में प्रवेश नहीं कर सके लेकिन मुख्यालय के पास एक इमारत में घुस गए। वहां से 5 परिवारों को निकाल लिया गया है। ऑपरेशन चालू है। करण नगर में सीआरपीएफ कैंप से गोलाबारी की आवाज सुनी गई थी,जिसके बाद सेना ने जवाबी कार्रवाई की। दोनों तरफ से रुक-रुक कर गोलाबारी हो रही है। 2 इमारतों में आतंकियों के छिपे होने की आशंका है। इन आतंकियों को सुबह हथियारों के साथ कैंप के पास देखा गया था। जम्मू और कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में सोमवार की तड़के एक सीआरपीएफ शिविर पर हमले की फिराक में आए आतंकियों को सतर्क जवानों की त्वरित कार्रवाई से जान बचाकर भागना था। 

फिलहाल,पूरे शहर में अलर्ट लगा हुआ है। न्यूज एजेंसी के अनुसार सीपीआरएफ कैंप के पास देखे गए 2 हथियारबंद आतंकी देखे गए। उन लोगों के पास बैग और AK47s थी।  आतंकि सीपीआरएप कैंप की ओर जा रहे थे। जवानों ने उन्हें देखते ही गोलियां चलाई जिसके बाद दोनों आतंकी वहां से भाग गए। आतंकियों की ये नाकाम कोशिश सुबह करीब 4.30 बजे की गई थी। बता दें कि श्रीनगर में बर्फबारी दोबारा शुरू हुई है,जिसका फायदा आतंकी उठाना चाहते हैं।

स्वचालित हथियारों से लैस थे आतंकी
आतंकियों ने हमले के लिए श्रीनगर के कर्णनगर इलाके में स्थित सीआरपीएफ की 23वीं वाहिनी के मुख्यालय को चुना था। संबधित अधिकारियों ने बताया कि आज तड़के करीब साढ़े चार बजे स्वचालित हथियारों से लैस दो आतंकी जिनकी पीठ पर पिटठु बैग भी थे। संतरी ने दो युवकों को जब अंधेरे में शिविर की तरफ आते देखा तो उसे कुछ संदेह हुआ। उसने अपने अन्य साथियों को सचेत करते हुए चेतावनी देते हुए दोनों आतंकियों को रुकने व अपनी पहचान बताने के लिए कहा।

भागने के लिए मोटरसाईकल का किया इस्तेमाल
संतरी द्वारा देख लिए जाने पर दोनों आतंकियों ने वहीं अपनी पोजीशन ले गोली चलाई। लेकिन संतरी ने खुद को बचाते हुए जवाबी फायर किया। अपने मंसूबे को नाकाम होते देख दोनों आतंकी अपनी जान बचाते हुए वहां से भाग निकले। सीआरपीएफ के जवानों ने भाग रहे आतंकियों पर पीछे से भी गोली दागी थी। बताया जाता है कि आतंकियों ने भागने के लिए किसी मोटरसाईकल का इस्तेमाल किया है। गोलियों की आवाज से पूरे कर्णनगर में सनसनी फैल गई। सीआरपीएफ के जवानों ने उसी समय पुलिस के साथ मिलकर पूरे इलाके की घेराबंदी करते हुए तलाशी अभियान चलाया। लेकिन आतंकियों का सुराग नहीं मिला।

शहर में अलर्ट घोषित
इस घटना के बाद पूरे शहर में अलर्ट घोषित कर दिया गया और शहर में विभिन्न जगहों पर पुलिस व अर्धसैनिकबलों के जवानों ने हिमपात के बावजूद नाके लगा संदिग्ध तत्वों और वाहनों की जांच पड़ताल भी शुरु कर दी।

शनिवार को हुआ था आतंकी हमला
बता दें कि शनिवार की सुबह सेना के कैंप पर आतंकियों ने हमला कर दिया था, जिसका जवानों ने मुहतोड़ जवाब दिया, लेकिन इस हमले में 5 जवान शहीद हो गए, वहीं एक आम नागरिक को भी अपनी जान गंवानी पड़ी है। जम्मू-कश्मीर में सुंजवां आर्मी कैंप को आतंकियों ने निशाना बनाया था। यह हमला शनिवार सुबह करीब पांच बजे हुआ था। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह ऑपरेशन करीब 51 घंटे चला। जवानों ने चार आतंकियों को मार गिराया। फिलहाल सर्च ऑपरेशन जारी है।

जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी हमले की जिम्मेदारी
बता दें कि यह हमला आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने करवाया था। सुंजवां आतंकी हमले का मास्टरमाइंड रउफ असगर है। रउफ मौलाना जैश-ए-मोहम्मद का चीफ आतंकी मसूद अजहर का भाई है। फरवरी के पहले हफ्ते में रउफ ने भाई मौलाना मसूद अजहर के साथ हिजबुल के चीफ सैयद सलाउद्दीन से मिला था और 9 फरवरी को आतंकी अफजल गुरु की बरसी के दिन दोनों ने हमले को अंजाम देने के लिए मदद मांगी थी।