After the oath taking ceremony, CM Kumaraswamy gave this statement on division split
प्रदेश विशेष
शपथ ग्रहण के बाद सीएम कुमारस्वामी ने विभाग बंटवारे पर दिया ये बयान
बेंगलुरु,27/मई/2018/ITNN>>> कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने शनिवार को स्वीकार किया कि विभागों के बंटवारे को लेकर गठबंधन सहयोगी कांग्रेस के साथ कुछ खींचतान है। साथ ही उन्होंने साफ किया, यह इतनी भी नहीं है कि सरकार गिर जाए। पत्रकारों से बातचीत में कुमारस्वामी ने कहा कि वह अपनी कैबिनेट का विस्तार तभी करेंगे जब प्रदेश कांग्रेस के नेता अपने हाईकमान से इस बाबत मंजूरी हासिल कर लेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा,मैं कोशिश करूंगा कि इसे प्रतिष्ठा का मुद्दा न बनाऊं और मसले का हल करने की कोशिश करूं. अन्यथा मैं देखूंगा कि अपने आत्मसम्मान को ताक पर रखकर इस पद से न चिपका रहूं। उन्होंने साफ किया कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने वह दिल्ली नहीं जा रहे हैं। कृषि ऋण माफी के मसले पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वह अपनी घोषणा से पीछे नहीं हटेंगे। इस बारे में वह अकेले फैसला नहीं ले सकते, लिहाजा कांग्रेस नेताओं से भी बातचीत कर चुके हैं। लेकिन उन्हें राज्य की वित्तीय स्थिति को भी समझना होगा।

कांग्रेस नेता दिल्ली में 
सरकार के विश्वास मत हासिल करने के बाद से ही कांग्रेस-जदएस नेताओं में कैबिनेट विस्तार को लेकर बातचीत जारी है। सूत्रों के मुताबिक, कुमारस्वामी ने शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री परमेश्वर और कांग्रेस के कर्नाटक मामलों के प्रभारी महासचिव केसी वेणुगोपाल से मुलाकात की। इसके बाद कांग्रेस नेता एक विशेष विमान से दिल्ली रवाना हो गए। उपमुख्यमंत्री परमेश्वर ने बताया, "सारी बातचीत दिल्ली में होगी। कैबिनेट विस्तार में किसको लिया जाना है, किसे प्राथमिकता देनी है... सभी मानकों का फैसला हाईकमान ही करेगा।" मालूम हो कि यह फैसला पहले ही लिया जा चुका है कि जदएस-कांग्रेस की गठबंधन सरकार में 22 मंत्री कांग्रेस के और 12 मंत्री जदएस के होंगे।

डीके शिवकुमार नारा 
इस बीच,बताते हैं कि विश्वास मत से पहले कांग्रेसी विधायकों को एकजुट रखने में अहम भूमिका निभाने वाले पार्टी के वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार उपमुख्यमंत्री पद नहीं मिलने से नाराज हैं। वहीं, उपमुख्यमंत्री परमेश्वर ने संकेत दिए हैं कि वह अब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का पद छोड़ देंगे। उन्होंने कहा कि वह इस पद पर आठ साल से हैं और पार्टी में इस पद के योग्य कई अन्य सक्षम नेता हैं।