Political stirring in Karnataka Congress, party convenes meeting
प्रदेश विशेष
कर्नाटक कांग्रेस में सियासी घमासान जारी,पार्टी ने बुलाई बैठक
बेंगलुरु,12/जून/2018/ITNN>>> कर्नाटक में जेडीएस (जनता दल सेक्यूलर) और कांग्रेस ने मिलकर सरकार तो बना ली है लेकिन मंत्रिमंडल को लेकर छिड़ा घमासान ख़त्म होता नहीं दिख रहा. काफी जद्दोजहद के बाद जहां मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ वहीं अब जिन नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली वो काफी नाराज़ हैं. कांग्रेस के भीतर आलम ये है कि नाराज़ विधायक दिल्ली के चक्कर लगा रहे हैं. बीजेपी (भारतीय जनता पार्टी) नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के कुछ असंतुष्ट विधायकों के साथ होने के दावे के बाद सियासत और गर्म हो गई है. वहीं बिगड़ते माहौल को देखते हुए कांग्रेस ने कल अहम् बैठक बुलाई है. 

बता दें कि कर्नाटक के असंतुष्ट विधायकों ने एमबी पाटिल के नेतृत्व में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की थी. बैठक के बाद पाटिल ने कहा था कि वे अब अपने साथ मौजूद 15-20 विधायकों के साथ चर्चा करने के बाद ही अगले कदम को लेकर निर्णय लेंगे. हालांकि,उन्होंने ये भी कहा था कि बीजेपी ने उनसे संपर्क नहीं किया है और ना ही वो खुद भगवा पार्टी से संपर्क में हैं. उन्होंने कहा,मेरी लड़ाई कांग्रेस के अंदर की है. डिप्टी सीएम और कांग्रेस नेता जी परमेश्वरा ने भी मीडिया के सामने माना कि कुछ विधायक कैबिनेट में जगह नहीं मिलने को लेकर नाराज़ है और उनसे बातचीत की जा रही है. 

मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने से रोशन बेग, रामलिंगा रेड्डी, एनए हेर्रिस, एचके पाटिल, एमबी पाटिल, जर्कीहोली नाराज़ बताये जा रहे हैं. हालांकि,मीडिया के सामने एमबी पाटिल,जर्कीहोली ने नाराज़गी से इंकार कर दिया है. केसी वेणुगोपाल और ग़ुलाम नबी आज़ाद लगातार नाराज़ विधायकों के संपर्क में है. बता दें कि राज्य के विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा 104 सीटें पाने के बाद सरकार बनाने का दावा कर मुख्यमंत्री बने येदियुरप्पा सदन में विश्वास मत हासिल नहीं कर पाए थे. इसके बाद कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन ने सरकार बनाई है.