The farmer gave pesticide to drink, within 10 days the fourth case, 1 lakh 55 thousand was bank loan
प्रदेश विशेष
किसान ने कीटनाशक पीकर दी जान,10 दिन के अंदर चौथा मामला,1 लाख 55 हजार का था बैंक कर्ज
बालाघाट,02/जून/2018/ITNN>>> मध्य प्रदेश में किसान कर्ज के दबाव में आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं। 10 दिन के अंदर राज्य में कर्ज से परेशान चौथे किसान ने सुसाइड कर लिया। दो मामले बैतूल जिले के थे,तीसरा रायसेन का। ताजा मामला बालाघाट जिले के बारासिवनी है,जहां कर्ज से परेशान एक किसान ने कीटनाशक पीकर जान दे दी। किसान पर 1 लाख 55 हजार कर्ज था,जिसे वह चुका नहीं पा रहा था। मृतक किसान का नाम धन्नालाल पिता विट्ठोबा बोपचे है। पुलिस ने डेड बॉडी को कब्जे में लेकर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।

- धन्नालाल के भतीजे ने बताया कि उनके ऊपर करीब 1 लाख 55 हजार रुपए का कर्ज था। यह कर्ज उन्होने पंजाब नेशनल बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के जरिए लिया था,लेकिन फसल अच्छी न होने की वजह से वह कर्ज चुका नहीं पा रहे थे।

छोटे बेटे से हुई थी 21 मई को लड़ाई
- भतीजे राहुल बोपचे ने बताया कि कर्ज के दबाव से परेशान किसान की अपने छोटे बेटे से लड़ाई हुई थी, इसके बाद उन्होने जहर खा लिया था, जिनकी उपचार के दौरान दो जून को मौत हो गई। मृतक किसान के पास सिर्फ 5 एकड़ जमीन है।

आंदोलन को देखते हुए कड़ी सुरक्षा
- किसान आंदोलन के चलते मृतक किसान के घर पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। किसान की मौत की खबर मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी उनके घर पर पहुंच गए थे। हालांकि किसान की मौत कीटनाशक पीने से हई है, ये अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। पोस्ट मार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ हो जाएगी।

एक बेटा नागपुर में नौकरी करता है
- किसान धन्नालाल के दो बेटे है। दोनों बेटे अलग रहते है। बड़ा बेटा अपने परिवार के साथ नागपुर में रहता है। धन्नालाल पत्नी के साथ छोटे बेटे राजेंद्र बोपचे के साथ रहता था। 30 मई को बड़ा बेटा आया था। बताया जा रहा है कि 31 मई को रात 10 बजे धन्नालाल ने कुछ पी लिया। उसे वारासिवनी से जिला अस्पताल रेफर किया था। जहां एक जून को रात धन्नालाल की मौत हो गई।

पीएनबी केसीसी से 1.55 लाख लोन
- धन्नालाल पर पंजाब नेशनल बैंक और कायदी सोसायटी का एक लाख 55 हजार रूपये का ऋण है। धन्नालाल ने कर्ज या फिर दोनों बेटे के हिस्से बंटवारे से परेशान हो कर कीटनाशक का सेवन कर आत्महत्या कर ली। नायाब तहसीलदार तीरथ सिंह ने बताया कि किसान पर बैंक से करीब डेढ़ लाख का कर्ज था,इसी दबाव में उसने खुदकुशी की है,पुलिस मामले की जांच कर रही है।

रायसेन के किसान ने की खुदकुशी
- रायसेन जिले में बरेली के नयागांव कलां में रहने वाले किसान दिलीप धाकड़ पुत्र निरपतसिंह (50) ने कीटनाशक पीकर आत्महत्या कर ली। वह 27 मई को रात करीब 12 बजे अपने खेत से घर लौटा और जब घर में सब सो गए तो उसने कीटनाशक पी लिया था। किसान पर करीब तीन लाख का कर्ज था, जिसे चुकाने का उस पर दबाव था।

बैतूल में दो किसानों ने की खुदकुशी
- बीते सप्ताह ही जिले के चिचोली थानाक्षेत्र के पाटाखेड़ा गांव में किसान अम्मू उइके ने कर्ज के दबाव में खुदकुशी कर ली थी। बकौल पुलिस, परिजनों ने बताया कि मृतक पर दो लाख रुपए का कर्ज था। बैंक कर्मी लगातार कर्ज चुकाने का दवाब बना रहे थे। इससे मृतक तनाव में था। इससे पहले बीते शुक्रवार को भी जिले के झाड़ेगाव में कर्ज से परेशान एक किसान ने खेत में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। उस पर भी दो लाख से ज्यादा का कर्ज था।

तुलाई के इंतजार में किसान की मौत
- विदिशा जिले के लटेरी में उपज के तुलने का 4 दिन से इंतजार कर रहे किसान की बीते गुरुवार को मौत हो गई। 65 वर्षीय किसान चार दिन पहले चना लेकर मंडी आया था। तब से लाइन में लगकर चना की तुलाई का इंतजार कर रहा था। जिला प्रशासन ने मृतक किसान के परिजनों को तत्काल 4 लाख रुपए की मदद देने की घोषणा की है।