प्रदेश विशेष
नागपुर पहुंचे प्रणब मुखर्जी,आरएसएस संस्थापक हेडगेवार को भारत मां का महान बेटा बताया
नागपुर,07/जून/2018/ITNN>>> पूर्व राष्ट्रपति और 43 साल से कांग्रेस नेता प्रणब मुखर्जी गुरुवार को नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। यहां वे करीब 20 मिनट तक स्वयंसेवकों को संबोधित कर सकते हैं। इससे पहले प्रणब ने आरएसएस मुख्यालय में डॉ. केशव राव बलिराम हेडगेवार को श्रद्धांजलि दी। उन्हें भारत मां का महान बेटा बताया। 

इस दौरान मोहन भागवत भी उनके साथ मौजूद रहे। अब्दुल कलाम के बाद प्रणब दूसरे पूर्व राष्ट्रपति हैं,जिन्होंने नागपुर में हेडगेवार को श्रद्धांजलि दी। प्रणब दा नागपुर में 3 दिन तक संघ के मेहमान बनकर रहेंगे। इसके लिए वे बुधवार को एयरपोर्ट पहुंचे पर कोई कांग्रेसी उनसे मिलने नहीं पहुंचा। उधर, अहमद पटेल ने बुधवार देर रात कहा कि मुझे उनसे (प्रणब मुखर्जी) से ऐसी उम्मीद नहीं थी।

प्रणब हेडगेवार को श्रद्धांजलि देने वाले दूसरे राष्ट्रपति
- प्रणब मुखर्जी ने डॉ. हेडगेवार के जन्मस्थान का दौरा किया। इस दौरान भागवत ने उन्हें संघ के संस्थापक के घर के बारे में जानकारी दी। प्रणब ने यहां विजिटर बुक में लिखा- मैं यहां भारत माता के बेटे को श्रद्धांजलि देने आया हूं।

- बता दें कि जुलाई 2014 में पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने भी नागपुर जाकर हेडगेवार को श्रद्धांजलि दी थी। प्रणब ऐसा करने वाले दूसरे पूर्व राष्ट्रपति हैं।

कांग्रेस के 30 नेताओं ने कार्यक्रम में न जाने की अपील की थी
- प्रणब के आरएसएस के कार्यक्रम में शामिल होने के फैसले से कांग्रेस के नेता खुश नहीं हैं। सोनिया गांधी के करीबी और कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने बुधवार देर रात ट्वीट कर कहा कि मुझे उनसे ऐसी उम्मीद नहीं थी।

- इससे पहले भी पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम, जयराम रमेश, सीके जाफर शरीफ समेत 30 से ज्यादा कांग्रेस नेताओं ने प्रणब से संघ कार्यक्रम में नहीं जाने की अपील की थी। इन नेताओं ने पत्र और मीडिया के जरिए मुखर्जी से इस कार्यक्रम से दूर रहने को कहा। नेताओं का कहना है प्रणब के कार्यक्रम में जाने से संघ विचारधारा को मजबूती मिल सकती है।

- उधर,इस कार्यक्रम में शामिल होने पर प्रणब दा ने 2 जून को कहा था कि इस बारे में कई लोगों ने पूछा, लेकिन जवाब नागपुर में दूंगा। उन्होंने कहा कि वे संघ के कार्यक्रम में जाने पर अभी कुछ भी नहीं कहना चाहते हैं।

कांग्रेस ने कहा- उनके आने की ऑफिशियल जानकारी नहीं
- कांग्रेस प्रवक्ता अतुल लोंढे के मुताबिक,पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे हैं। फिलहाल वे निजी दौरे पर नागपुर आए हैं। उनके दौरे की सूचना नगर कांग्रेस को भी अधिकृत तौर पर नहीं मिली है। लिहाजा कांग्रेस नेता उनसे मिलने नहीं पहुंचे। मुखर्जी से मिलने से किनारा करने की कोई ठोस वजह नहीं है।

किस प्रोग्राम में जा रहे हैं प्रणब मुखर्जी?
- नागपुर में आरएसएस का तृतीय शिक्षा वर्ग कार्यक्रम का समापन है। तृतीया शिक्षा वर्ग संघ के प्रचारक बनाने की प्रक्रिया का सबसे ऊंचे दर्जे का ट्रेनिंग प्रोग्राम है। मोदी भी तृतीय शिक्षा वर्ग में हिस्सा ले चुके हैं। इस बार नागरपुर में आरएसएस के देशभर से चुन कर आए हुए 914 स्वंयसेवकों को ट्रेनिंग दी गई है।

- 25 दिन तक चले इस प्रशिक्षण शिविर में देशभर से डॉक्टर, आईटी एक्सपर्ट, इंजीनियर, पत्रकार, किसान और विभिन्न वर्गों के युवा शामिल हुए। इनकी उम्र 25 से 30 साल के बीच है।

- सुभाषचंद्र बोस के पोते अर्धेंदु बोस और लाल लालबहादुर शास्त्री के बेटे भी सुनील शास्त्री भी नागपुर पहुंच गए हैं।

बेटी शर्मिष्ठा ने दी प्रणब को नसीहत,कहा,आपके भाषण को भुला दिया जाएगा
- बेटी और कांग्रेस नेता शर्मिष्ठा मुखर्जी ने पिता प्रणब मुखर्जी से कहा कि आरएसएस भी नहीं मानता है कि आप भाषण में उसकी सोच का बखान करेंगे, लेकिन बातें भुला दी जाएंगी। रहेंगे तो सिर्फ फोटो,जो फर्जी बयानों के साथ प्रसारित किए जाएंगे। नागपुर जाकर आप भाजपा-आरएसएस को फर्जी खबरें प्लांट करने,अफवाहें फैलाने का पूरा मौका दे रहे हैं। आज की घटना तो सिर्फ शुरुआत है।

- बुधवार को कई मीडिया रिपोर्ट्स में उनके भाजपा में शामिल होने की खबरें आई थीं। शर्मिष्ठा ने इन खबरों को खंडन किया।

सीक्रेट मीटिंग: इंदिरा की मौत के बाद संघ ने राजीव को समर्थन दिया
- वैचारिक मतभेदों के बावजूद संघ और कांग्रेस एक-दूसरे की मदद भी करते रहे। दोनों में संवाद भी होते रहे। साल 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद राजीव गांधी ने संघ नेताओं से सीक्रेट मीटिंग की थी। वो आरएसएस प्रमुख बालासाहेब देवरस से मिले थे।

- राजीव गांधी ने देवरस के छोटे भाई भाऊराव देवरस के साथ भी आधा दर्जन बार मुलाकात की थी। परिणाम यह निकला कि जनसंघ के होने के बावजूद संघ ने कांग्रेस को समर्थन दिया था। इसका प्रमाण चुनाव से पहले नानाजी देशमुख द्वारा लिखे गए लेख में मिलता है।

- यह लेख प्रतिपक्ष मैगजीन में छपा था। इसमें उन्होंने इंदिरा की तारीफ की थी। ये 25 नवंबर 1984 को प्रतिपक्ष मैगजीन के अंक में छपा था। इसमें उन्होंने राजीव को समर्थन देने की अपील की थी। इसके अलावा पूर्व पीएम पीवी नरसिम्हा राव पर भी संघ की नजदीकी के आरोप भी लगते रहे।