प्रदेश विशेष
महाराष्ट्र में शिवसेना और भाजपा एक-दूसरे के खिलाफ लड़ेंगी चुनाव
मुंबई,13/मई/2018 (ITNN) >>> कर्नाटक विधानसभा चुनावों के परिणाम चाहे कुछ भी हों,शिवसेना ने यह पहले ही कह दिया है कि 2019 के लोकसभा चुनाव वह अकेले लड़ेगी। पालघर लोकसभा उपचुनाव में शिवसेना ने अपना उम्मीदवार खड़ा करने का फैसला किया है। यह सीट पहले भाजपा के पास थी। 4 वर्षों में यह पहली दफा होगा कि भाजपा का महत्वपूर्ण सहयोगी दल उसके खिलाफ लोकसभा उपचुनाव लड़ेगा। 

शिवसेना ने भाजपा के सांसद चिन्तामन वांगा के पुत्र श्रीनिवास वांगा को मैदान में उतारा है। वांगा की मृत्यु के बाद उनका परिवार भाजपा को अलविदा कह कर शिवसेना में शामिल हो गया। बौखलाए भाजपा नेतृत्व ने कांग्रेस के रजिन्द्र गावित को लुभाया और अपने साथ कर उन्हें पार्टी के उम्मीदवार के रूप में खड़ा किया। कांग्रेस ने पालघर से पार्टी के पूर्व सांसद दामोदर को अपना उम्मीदवार बनाया है। 

राकांपा ने कांग्रेस उम्मीदवार का समर्थन करने का फैसला किया है। पिछले सप्ताह बताया गया था कि शिवसेना अपनी राह पर चल रही है और भाजपा के प्रयासों के बावजूद वह भगवा पार्टी की बात सुनने को तैयार नहीं। पालघर में त्रिकोणीय मुकाबला होने वाला है क्योंकि शिवसेना भाजपा से बाहर होकर अपना आधार बनाने की कोशिश कर रही है। वास्तव में शिवसेना नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया है कि इसका भाजपा के साथ तब तक कोई लेना-देना नहीं होगा जब तक मोदी राजग का नेतृत्व करते हैं।