2 youths beaten to death as child thief
प्रदेश विशेष
बच्चा चोर समझकर 2 युवकों की पीट-पीट कर हत्या
गुवाहाटी,11/जून/2018/ITNN>>> असम के कार्बी आंगलांग जिले में भीड़ ने दो युवकों की 'बच्चा चोर' होने के शक में पीट पीटकर हत्या कर दी. इस मामले में राज्य सरकार ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिये हैं और अब तक 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. हत्या के मामले में पुलिस की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है. सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक पुलिसकर्मी हिंसक भीड़ पर नियंत्रण के बजाय वब वीडियो बना रहा है. बच्चा चोर होने की अफवाह सोशल मीडिया के जरिए फैलाई गई थी.

कैसे हुई हत्या?
भीड़ की हिंसा के शिकार बने दोनों युवक नीलोत्पल दास और अभिजीत नाथ कार्बी आंगलांग जिले में पिकनिक मनाकर लौट रहे थे. दोनों एसयूवी कार पर सवार थे. तभी भीड़ ने उन्हें रोका और कार से निकालकर पीट पीटकर उनकी हत्या कर दी. यह घटना शुक्रवार की शाम करीब 8 बजे की है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक,भीड़ का मानना था की कार में गायब दो बच्चा है. नीलोत्पल दास पेशे से सांउड इंजीनियर थे जबकि अभिजीत गुवाहाटी में व्यवसाय कर रहे थे. हत्या की खबर के बाद गुवाहाटी कॉमर्स कॉलेज के पास बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी एकत्रित हो गए और उन्होंने व्यस्त आरजी बरुआ रोड को करीब तीन घंटे के लिए जाम कर दिया. इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर हल्का लाठीचार्ज किया.

सीएम ने की समीक्षा
मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने हालात की समीक्षा के लिए उच्च-स्तरीय बैठक की और डीजीपी से कहा कि वह अफवाहों पर लगाम लगाएं और उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई करें. पुलिस ने कहा कि जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनमें सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाला व्यक्ति भी शामिल है. उसने अफवाह फैलायी थी कि बच्चा चोर असम में घुस चुके हैं.

असम के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कुलधर सैकिया ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) मुकेश अग्रवाल जांच की निगरानी कर रहे हैं वहीं एडीजीपी हरमीत सिंह को सोशल मीडिया की अफवाहों पर कड़ी नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई है. डीजीपी ने लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया की अफवाहों पर ध्यान नहीं दें और अगर वे इस तरह का कोई पोस्ट देखते हैं तो तुरंत पुलिस को सूचित करें.

सैकिया ने कहा कि पुलिस ने कुछ टेलीफोन नंबर जारी किए हैं जिनके माध्यम से लोग उनसे संपर्क कर सकते हैं. वे नजदीकी थाने,पुलिस अधीक्षक या गुवाहाटी में पुलिस मुख्यालय को भी सूचित कर सकते हैं. डीजीपी ने कहा कि साइबर क्षेत्र काफी बड़ा है जिसकी निगरानी के लिए ज्यादा लोगों की आवश्यकता है और मुख्य सचिव टी.वाई.दास ने सोशल मीडिया की निगरानी के लिए और लोगों को इस कार्य में लगाने की मंजूरी दी है.