प्रदेश विशेष
कबीर की मजार पर सीएम योगी आदित्यनाथ का टोपी पहनने से इनकार
संतकबीरनगर,28/जून/2018/ITNN>>> संतकबीरनगर जिले में पीएम मोदी के दौरे से पहले कल तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे सीएम योगी ने नए विवाद को जन्म दे दिया. दरअसल संत कबीर की मजार पर पहुंचे सीएम योगी को जब मजार के संरक्षक ने टोपी पहनानी चाही तो सीएम योगी ने साफ मना कर दिया. जिससे विवाद खड़ा हो गया. हालांकि बाद में संरक्षक खादिम हुसैन ने पूरे विवाद पर सफाई भी दी. 

आप देख सकते हैं कैसे सीएम योगी मुस्कराकर टोपी पहनने से इनकार कर दिया और टोपी लौटा दी. इससे पहले पीएम मोदी भी जब सीएम थे तो उन्होंने मुस्लिम टोपी पहनने से इंकार कर दिया था. विवाद के बाद कबीर की मजार के संरक्षक खादिम अंसारी ने कहा विवाद की कोई वजह नहीं है. सीएम योगी ने कहा मैं टोपी नहीं पहनना चाहता. उन्होंने मुस्कुरा कर टोपी लौटा दी. 

बता दें कि संत कबीर की स्मृतियों को देश-विदेश तक पहुंचाने के लिए सरकार की ओर से यह कवायद शुरू की गई है. उत्तर प्रदेश के संत कबीरनगर जिले में स्थित संत कबीर के निर्वाण स्थल मगहर में जल्द ही एक अंतर्राष्ट्रीय शोध संस्थान बनाया जाएगा. कबीर की स्मृतियों को एक अकादमी में संरक्षित किया जाएगा,ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटक उससे अवगत हो सकें.

संत कबीर के जीवन दर्शन पर केंद्रित होगी अकादमी
संत कबीरनगर के मगहर में बनने वाली यह अकादमी संत कबीर के जीवन दर्शन पर केंद्रित होगी. राज्य पुरातत्व विभाग की देख रेख में 17 एकड़ में इसका निर्माण कराया जाएगा. पर्यटन विभाग इसकी नोडल एजेंसी होगा. पर्यटन विभाग के सूत्रों के मुताबिक,इस महीने के अंतिम सप्ताह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका शिलान्यास कर सकते हैं. 

लगभग 24 करोड़ रुपए की लागत से बन रही इस अकादमी में इंटरप्रिटेशन सेंटर,प्रदर्शनी गैलरी के अलावा 300 दर्शकों की क्षमता वाले एक सभागार का भी निर्माण किया जाएगा. इसके अलावा इस अकादमी में पुस्तकालय, प्रशासनिक भवन, छात्रावास, कर्मचारी भवन का निर्माण भी कराया जाएगा. अकादमी की जमीन को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मंजूरी दे दी थी.

बनाया जाएगा स्पिरिचुअल सर्किट
राज्य पुरातत्व विभाग के निदेशक ए.के.सिंह के अनुसार,संत कबीर के स्मारक से उत्तर 8.118 एकड़ क्षेत्र पर पर्यटन मंत्रालय की ओर से एक स्पिरिचुअल सर्किट भी बनाया जाएगा. इस योजना के तहत देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए आमी नदी के घाट का विकास,पब्लिक कन्वेंशन सेंटर और पाथवे निर्माण के अलावा 'साउंड एंड लाइट शो' का भी इंतजाम किया जाएगा.