RBI to present monetary policy review
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RBI आज पेश करेगा मौद्रिक नीति की समीक्षा
नई दिल्ली,07/फरवरी/2018(ITNN)>>> रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल की अध्यक्षता वाली छठी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा (एमपीसी) का ब्योरा आज दोपहर जारी होगा। बता दें कि मौद्रिक नीति समीक्षा की दो दिवसीय बैठक कल से शुरू हो गई थी। यदि बैंक ब्याज दरों में कटौती का ऐलान करता है तो लोन की दरें कम होंगी और इसके चलते आपको होमलोन व अन्य प्रकार के लोन पर आपकी ई.एम.आई.में कटौती होगी।

इन कारणों से रुक सकती है सस्‍ते कर्ज की राह
क्या बैंक इस बार ब्याज दरों में कोई बदलाव करेगा,इस पर विशलेषकों की अलग अलग राय है। ज्यादातर जानकारों का मानना है कि मुद्रास्फीति में वृद्धि,तेल के दाम में तेजी और सरकार की फसल का समर्थन मूल्य बढ़ाने की योजना को देखते हुए मानक नीतिगत दर में कटौती से परहेज कर सकता है।

दिसंबर में भी नहीं बदले थे रेपो रेट 
आरबीआई ने दिसंबर में मौद्रिक नीति समीक्षा में मुद्रास्फीति में वृद्धि की आशंका को देखते हुए मानक नीतिगत दर में कोई बदलाव नहीं किया था। साथ ही चालू वित्त वर्ष के लिए आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को कम कर 6.7 प्रतिशत कर दिया था। केंद्रीय बैंक ने दिसंबर में रेपो रेट को 6 प्रतिशत पर जबकि रिवर्स रेपो रेट को 5.75 प्रतिशत पर बरकरार रखा था।

समिति में शामिल हैं ये सदस्य 
मौद्रिक नीति समिति में सरकार द्वारा नामित सदस्यों में चेतन घाटे,पामी दुआ,रवीन्द्र एच ढोलकिया शामिल हैं। वहीं रिजर्व बैंक की तरफ से गवर्नर उर्जित पटेल, मौद्रिक नीति प्रभारी डिप्टी गवर्नर विरल.ए.आचार्य और बैंक के कार्यकारी निदेशक मिशेल डी पात्रा इसके सदस्य हैं।

क्या होती है रेपो रेट?
रेपो रेट वह दर होती है जिसपर बैंकों को आर.बी.आई.कर्ज देता है। बैंक इस कर्ज से ग्राहकों को लोन मुहैया कराते हैं। रेपो रेट कम होने का अर्थ है कि बैंक से मिलने वाले तमाम तरह के कर्ज सस्ते हो जाएंगे।

रिवर्स रेपो रेट
यह वह दर होती है जिस पर बैंकों को उनकी ओर से आर.बी.आई.में जमा धन पर ब्याज मिलता है। रिवर्स रेपो रेट बाजारों में नकदी की तरलता को नियंत्रित करने में काम आती है।