Court gives relief to Mallya in extradition case, next hearing on September 12
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प्रत्यर्पण केस में कोर्ट ने दी माल्या को राहत,अगली सुनवाई 12 सितंबर को
लंदन,31/जुलाई/2018/ITNN>>> शराब कारोबारी विजय माल्या को लंदन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट से मंगलवार को जमानत मिल गई। अब प्रत्‍यर्पण मामले की अगली सुनवाई 12 सितंबर को होगी। कोर्ट ने भारतीय अफसरों से कहा कि वे उस जेल का वीडियो सब्मिट करें,जहां माल्या को रखा जाएगा। पिछले साल अप्रैल में गिरफ्तारी के बाद से माल्या जमानत पर है। इससे पहले कोर्ट परिसर पहंचे विजय माल्या ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों का खंडन किया। प्रत्‍यर्पण पर सुनवाई के लिए भारत की तरफ से सीबीआई और ईडी दोनो की टीमें लंदन में थीं। 

आरोपों को किया खारिज  
माल्या अपने बेटे सिद्धार्थ के साथ अदालत पहुंचे। सुनवाई से पहले पत्रकारों से बात करते हुए माल्या ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया और कहा- अंतत: अदालत ही फैसला करेगी। बता दें कि माल्या भारत में धोखाधड़ी के आरोपों में वांछित हैं। किंगफिशर एयरलाइन के पूर्व मालिक माल्या ने धोखाधड़ी और तकरीबन 9000 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में प्रत्यर्पण के भारत के प्रयासों को चुनौती दी है। वह पिछले साल अप्रैल में गिरफ्तारी के बाद जमानत पर रिहा हैं। 
 
वेस्टमिंस्टर कोर्ट ने स्‍वीकार किए थे CBI के सबूत
इससे पहले 27 अप्रैल को वेस्टमिंस्टर अदालत ने सीबीआई की तरफ से पेश किए गए सबूतों को स्वीकार कर लिया था। हाल ही में ब्रिटेन की एक अदालत ने प्रवर्तन अफसरों को माल्या के वहां स्थित परिसरों में जाने और जब्ती करने की इजाजत दी थी। तब उसने कहा था कि ब्रिटेन में उसके पास सिर्फ कुछ कारें और थोड़ी ज्वेलरी है। वह इसे कभी भी जांच एजेंसियों को सौंपने को तैयार है।

माल्या से 965 करोड़ की रिकवरी हुई 
13 बैंकों के कंसोर्टियम ने माल्या की किंगफिशर एयरलाइंस को कर्ज दिया था। 31 जनवरी 2014 तक माल्या पर बैंकों के 6,963 करोड़ रुपए बकाया थे। 2016 तक ये राशि करीब 9,000 करोड़ हो गई। अब यह राशि ब्याज समेत 10 हजार करोड़ से ज्यादा हो चुकी है। कर्ज चुकाने का दबाव बढ़ा तो मार्च 2016 में माल्या विदेश भाग गया। बैंकों का कंजोर्शियम माल्या से अभी तक 965 करोड़ रुपए की रिकवरी कर चुका है। 

भारत आने की खुद ही इच्छा जता चुका है माल्या
माल्या भारतीय अधिकारियों से स्वदेश लौटने और कानून का सामना करने की इच्छा जता चुका है। शराब कारोबारी ने भारतीय अधिकारियों से इच्छा जताई थी कि वह भारत में जारी कानूनी प्रक्रिया में शामिल होना चाहता है और खुद के खिलाफ भगोड़ा आर्थिक अपराधी अध्यादेश के तहत हुई हालिया कार्रवाई का सामना करना चाहता है। अगर वह अपनी मर्जी से लौटता है, तो हम इमरजेंसी ट्रैवल डॉक्यूमेंट्स जारी कर सकते हैं। इसके बाद प्रत्यर्पण का मामला खत्म हो जाएगा।