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एयर एशिया मामले में अजित सिंह और राजू निशाने पर
नई दिल्ली,07/जून/2018/ITNN>>> एयर एशिया (इंडिया) लि.(ए.ए.आई.एल.) के खिलाफ सी.बी.आई.द्वारा की जा रही कार्रवाई के समय को लेकर सत्ता के गलियारे में बहुत से लोग आश्चर्यचकित हैं। ए.ए.आई.एल.प्रतिष्ठित टाटा संज लि.और अन्य के बीच एक संयुक्त उद्यम है। वास्तव में एयर एशिया का मामला काफी समय से लटक रहा है और किसी की भी इसे आगे बढ़ाने में रुचि नहीं थी क्योंकि सभी लोग यह समझते हैं कि टाटा इस परियोजना के हिस्सेदार हैं और भारतीय मूल के मलेशियाई कारोबारी टोनी फर्नांडीज इसमें शामिल हैं। 

मगर बदलती राजनीतिक स्थिति ने सी.बी.आई.मुख्यालय में अचानक तेजी ला दी और बिना किसी के स्तर को देखते हुए हर कोई निशाने पर है। अब यह चर्चा है कि 2 पूर्व नागरिक उड्डयन मंत्री अजित सिंह और अशोक गजपति राजू सी.बी.आई.के राडार पर हैं। इसके अलावा विदेशी निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (एफ.आई.पी.बी.) के कुछ अधिकारी भी निशाने पर हैं जिन्होंने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। सी.बी.आई. का कहना है कि एयर एशिया को निर्धारित नियमों और प्रक्रिया का उल्लंघन कर अंतर्राष्ट्रीय रूटों पर उड़ान भरने की महत्वपूर्ण अनुमति दी गई और तत्कालीन मंत्रियों व अधिकारियों द्वारा नियमों में मनमर्जी से संशोधन किया गया था। 

बताया जाता है कि प्रफुल्ल पटेल उस समय नागरिक उड्डयन मंत्री नहीं थे और रालोद के अजित सिंह को मंत्री बनाया गया था जिन्होंने 18 दिसम्बर, 2011 से 25 मई, 2014 तक मंत्रालय का नेतृत्व किया। एयर एशिया ने 2013 में एफ.आई.पी.बी.को निवेदन दिया था और सितम्बर,2013 में कोई आपत्ति नहीं प्रमाण पत्र (एन.ओ.सी.) के बाद अप्रैल,2013 में औपचारिक रूप से मंजूरी प्राप्त की। मई,2014 में एयर एशिया को भारत में घरेलू उड़ानें शुरू करने की अनुमति दी गई। इसके साथ ही एक गोपनीय कैबिनेट नोट 27 फरवरी,2014 को कैबिनेट को भेजा गया जिसमें कहा गया कि नागरिक उड्डयन में अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम के आप्रेशन के लिए मौजूदा 5/20 नियम में संशोधन किया जाए। 

टोनी फर्नांडीज चाहते थे कि एयर एशिया अंतर्राष्ट्रीय एयर रूटों पर उड़ानें भरे और स्थानीय हिस्सेदार टाटा संज ने अपने प्रतिनिधि वैंकटरमनन के जरिए सरकार से स्वीकृति लेने के लिए लांबिग की जिसमें एफ.आई.पी.बी.से मंजूरी और तत्कालीन 5/20 नागरिक उड्डयन नियम में संशोधन भी शामिल था। 5/20 नियम में यह व्यवस्था है कि अंतर्राष्ट्रीय उड़ान का लाइसैंस केवल उन्हीं एयरलाइंस को दिया जा सकता है जो 5 वर्ष तक घरेलू उड़ानों का आप्रेशन करती हैं और उसके बेड़े में कम से कम 20 विमान हों। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 5 मार्च,2014 को पूरक नोट कैबिनेट को भेजकर स्पष्ट किया कि नियमों में छूट दी जाए मगर ऐसा नहीं हो सका क्योंकि लोकसभा चुनावों की घोषणा 5 मार्च,2014 को की गई थी। अंतत: 5/20 नियम में जून,2016 में उस समय छूट दी गई जब तेदेपा के अशोक गजपति राजू नागरिक उड्डयन मंत्री थे।