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चिदंबरम का PM मोदी पर तंज- बेरोजगार युवा पकौड़ा तलने के नए विचार को नहीं अपना रहे
नई दिल्ली,11/जून/2018/ITNN>>> कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने आज मोदी सरकार पर एक के बाद एक कई वार किये. उन्होंने घटते सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी), बढ़ते पेट्रोल के दाम,किसानों की बदहाली और बेरोजगारी को लेकर सवाल उठाए. उन्होंने तंज भरे लहजे में कहा,देश भर के यूनिवर्सिटी में काफी खलबली मची हुई है.

क्योंकि युवाओं को पता है कि उनके ग्रेजुएट होने के बाद कोई नौकरियां नहीं होंगी. अब तक,किसी ने भी उस नये विचार को नहीं अपनाया है कि 'पकौड़ा तलना भी एक नौकरी है. उन्होंने कहा,बेरोजगारी चरम पर है. श्रम ब्यूरो का तिमाही सर्वेक्षण ही एकमात्र विश्वसनीय आंकड़ा होता है. मैं पूछना चाहता हूँ कि अक्टूबर-दिसंबर 2017 के श्रम ब्यूरो सर्वेक्षण को जारी क्यों नहीं किया गया?

चौपट अर्थव्यवस्था
चिदंबरम ने कहा,मई 2018 का आरबीआई का कन्ज्यूमर कॉन्फिडेंस सर्वे बताता है कि 48 प्रतिशत लोग मानते हैं कि देश की आर्थिक स्थिति बदतर हुई है. मुद्रास्फीति बढ़ रही है. रेपो दर में वृद्धि इसका सबसे बड़ा सबूत है. तमिलनाडू सरकार ने माना है कि 50,000 एसएमई इकाइयां बंद हो गई हैं. साल 2015 के जनवरी बाद आरबीआई (भारतीय रिजर्व बैंक) ने प्रमुख ब्याज दरों में वृद्धि की है,जिससे आवास और वाहन कर्ज महंगे हो गए हैं. रेपो दर 25 आधार अंकों की वृद्धि के साथ अब 6.25 फीसदी हो गई है.

चिदंबरम ने जीएसटी और नोटबंदी का जिक्र करते हुए कहा कि इसकी वजह से विकास दर में डेढ़ प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है. जीएसटी से व्यापारियों की मुश्किलें जारी है, करोड़ों का रिफंड बकाया है. उन्होंने कहा कि हमें खुशी है कि करेंसी बाजार में वापस आ गया है. GDP और करेंसी को समान रफ्तार में बढ़ना चाहिए और ये तय करना सरकार का नहीं RBI का काम है.

GST से कम होगी पेट्रोल की कीमत
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि पेट्रोल,डीजल और एलपीजी की कृत्रिम रूप से तय कीमतों को लेकर व्यापक आक्रोश है. मई-जून 2014 में जो कीमतें थीं,उसके मुकाबले आज कीमतें अधिक होने की कोई वजह नहीं है. यदि पेट्रोल को जीएसटी के तहत लाया जाए तो कीमतें काफी कम होंगी. केंद्र और 19 राज्यों में बीजेपी की सरकार होने के बावजूद वे कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं. चिदंबरम ने कहा कि किसानों की हालत दिन व दिन बदतर होती जा रही है. उन्हें समर्थन मूल्य नहीं मिल रहा है. किसानों को लागत पर 50 फीसदी मुनाफा एक जुमला था. सामाजिक सुरक्षा के स्कीमों जैसे मनरेगा,खाद्य सुरक्षा की गई.

PM को सरकार दे सुरक्षा
मोदी की हत्या की साजिश से जुड़ी कथित चिट्ठी पर उन्होंने कहा कि सरकार के मंत्री ने ही कहा कि इसका माओवादियों से लेना देना नहीं है. ऐसी अपुष्ट चिठ्ठियां आती रहेंगी. लेकिन प्रधानमंत्री को पूरी सुरक्षा देना सरकार का काम है.