Amit Shah spoken in Rajya Sabha Why your unemployment even after 55 years of rule
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राज्यसभा में बोले अमित शाह- आपके 55 साल शासन के बाद भी बेरोजगारी क्यों
नई दिल्ली,05/फरवरी/2018(ITNN)>>> भाजपा अध्यक्ष अमित साह ने राज्यसभा सदस्य बनने के बाद पहली बार राज्यसभा में अपना संबोधन दिया। इस दौरान उन्होंने ना सिर्फ मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं बल्कि कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस द्वारा पकौड़ा पॉलिटिक्स को लेकर दिए बयानों का भी जवाब दिया। अमित शाह ने कहा कि देश में पहली बार जनता ने गैर कांग्रेसी सरकार को जनमत दिया। यह जनमत मोदी जी के नेतृत्व में मिला लेकिन हमने अपनी सरकार ने एनडीए को शामिल किया। 

जब सरकार बनी तो मोदीजी ने कहा था कि यह सरकार गरीबों की होगी और दीनदयाल के सिद्धातों पर चलेगी। शाह ने कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि मैं मानता हूं देश में बेरोजगारी है लेकिन आप यह बताएं कि कोई पार्टी देश पर 55 साल राज करे और उसके बाद भी बेरोजगारी हो तो यह सोचने वाली बात है। हमने विभिन्न योजनाओं के माध्यम से युवाओं को रोजगार देने का काम किया है। शाह आगे बोले कि कांग्रेस कहती है कि पकौड़ा तलना रोजगार है। 

तो मैं कहूंगा कि बेरोजगार रहने से बेहतर है पकौड़ा तलकर अपनी रोजी कमाना और सम्मान से जीना। देश में मोदी सरकार ने 31 करोड़ जनधन खाते खोले। पीएम मोदी की अपील के चलते 1.37 करोड़ लोगों ने एलपीडी सब्सिडी छोड़ी। उन्होंने बजट में घोषित नेशनल हेल्थ स्कीम का जिक्र करते हुए कहा कि इस योजना को नमो केयर के नाम से जाना जाएगा। गरीबी का जिक्र करते हुए शाह ने अपने भाषण में आगे कहा,मैं गरीब के घर में पैदा नहीं हुआ लेकिन गरीबी देखी है। 

पत्तियां जलाकर महिलाएं खाना बनाती हैं। हमनें करोड़ों महिलाओं को धुआं मुक्त करने का काम किया है। स्वच्छता अभियान के साथ शौचालय बनाने के काम को जोड़ा गया। हमने 2022 तक हर घर में शौचालय बनवाने का काम शुरू किया है। गरीब के लिए घर बहुत महत्वपूर्ण है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आवास बनाने का काम शुरू हो चुका है। अमित शाह ने जीएसटी को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि भाजपा कभी जीएसटी के विरोध में नहीं थी। 

यूपीए सरकार के तरीकों का विरोध किया था। यूपीए कर सुधार लेकर आई,सेस घटाने से राज्यों को नुकसान हुआ, वो यूपीए को चुकाना था लेकिन नहीं चुकाया। 37000 करोड़ रुपए एनडीए ने चुकाए हैं। सर्वानुमत से जीएसटी आया और शब्द क्या दिया गब्बर सिंह टैक्स। कौन है गब्बर सिंह? फिल्म शोले में एक डकैत का नाम था, क्या कानून से बना हुआ टैक्स लेना डकैती है? इससे पहले उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने जब कामकाज संभला तो उसके पास विरासत में मिले गढ्ढे थे, उन गढ्ढों को भरने में समय लगा और गढ्ढे भरने के बाद इन उपलब्धियों को एक अलग नजरिए से देखा जाना चाहिए।