Bill will come today in Rajya Sabha on divorce, Congress MP dragged Ram's name
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3 तलाक पर राज्यसभा में आज आएगा बिल, कांग्रेस सांसद ने घसीटा राम का नाम
नई दिल्ली,10/अगस्त/2018/ITNN>>>  संसद के मॉनसून सत्र का आज आखिरी दिन है. आज केंद्र सरकार राज्यसभा में अति महत्वपूर्ण तीन तलाक बिल को पेश कर सकती है. गुरुवार को ही मोदी कैबिनेट ने इस बिल में संशोधन किए हैं, जिसके बाद अब ये बिल पास होने की उम्मीद जताई जा रही है. बता दें कि इससे पहले कांग्रेस ने इस बिल में कई तरह की कमियां बताई थीं, जिसके बाद बिल को संशोधित किया गया है.

इस मामले में कांग्रेस सांसद हुसैन दलवई के बयान पर विवाद छिड़ गया है. दलवई ने कहा कि शक के आधार पर राम ने भी सीता को छोडा था. हर धर्म में पुरुषों का वर्चस्व है तो ऐसे में इस्लाम पर ही सवाल क्यों?

तीन तलाक बिल पर रणनीति को लेकर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार के दफ्तर में एक बैठक बुलाई है. जिसमें अमित शाह, अनंत कुमार के अलावा कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद मौजूद हैं.

गौरतलब है कि गुरुवार को ही राज्यसभा में उपसभापति के चुनाव हुए हैं, इस चुनाव में एनडीए के हरिवंश सिंह ने बड़ी जीत हासिल की है. यही कारण है कि एनडीए की स्थिति अभी मजबूत नज़र आ रही है. ऐसे में केंद्र सरकार चाहेगी कि सत्र का अंत होते हुए वह तीन तलाक जैसे महत्वपूर्ण बिल को पास करवा पाए.

बता दें कि नए बिल में तीन तलाक (तलाक-ए-बिद्दत) के मामले को गैर जमानती अपराध तो माना गया है लेकिन संशोधन के हिसाब से अब मजिस्ट्रेट को जमानत देने का अधिकार होगा.

साथ ही विधेयक में एक और संशोधन किया गया है जिसमें पीड़ित के रिश्तेदार जिससे उसका खून का रिश्ता हो भी शिकायत दर्ज कर सकता है. बता दें कि पिछले सत्र में राज्यसभा में इस विधेयक पर सत्ता पक्ष और विपक्ष में तीखी नोक-झोंक देखने को मिली थी. जब विपक्ष की तरफ से विधेयक को त्रुटिपूर्ण बताते हुए प्रवर समिति में भेजने की मांग की गई थी.

संशोधित तीन तलाक बिल में खास क्या...

- ट्रायल से पहले पीड़िता का पक्ष सुनकर मजिस्ट्रेट दे सकता है आरोपी को जमानत.

- पीड़िता, परिजन और खून के रिश्तेदार ही एफआईआर दर्ज करा सकते हैं.

- मजिस्ट्रेट को पति-पत्नी के बीच समझौता कराकर शादी बरकरार रखने का अधिकार होगा.

- एक बार में तीन तलाक बिल की पीड़ित महिला मुआवजे की अधिकार

गौरतलब है कि संसद का मॉनसून सत्र 18 जुलाई से शुरू हुआ था, इस सत्र में ही सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था. अविश्वास प्रस्ताव में भी मोदी सरकार को बड़ी जीत मिली थी.