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इन एक्सप्रेस-वे से बदलेगी दिल्ली की सूरत,प्रदूषण और ट्रैफिक से मिलेगी राहत
नई दिल्ली,27/मई/2018/ITNN>>> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे के पहले चरण (निजामुद्दीन-यूपी बार्डर) लगभग 8.36 किलोमीटर का उद्घाटन किया। लेकिन 2015 से तैयार किए जा रहे 135 किलोमीटर लंबे ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे की सड़क को पांच सौ दिनों में तैयार करने का दावा करते हुए इसे शुरू किया जा रहा है,किंतु यहां अभी निर्माण से जुड़े कई अन्य कार्य शेष हैं। वहीं दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे के पहले फेस में निर्माण पूरा कर लिया गया है। दिल्ली से मेरठ तक प्रधानमंत्री ने रोड शो के जरिये छह किलोमीटर का सफर खुली जीप में किया।

क्या होंगे एक्सप्रेस-वे के फायदे
एक्सप्रेस वे के शुरू होने से दिल्ली में 41 प्रतिशत तक ट्रैफिक जाम और 27 प्रतिशत तक प्रदूषण कम होगा।

135 किमी लंबा एक्सप्रेस-वे कुंडली से पलवल तक गाजियाबाद के रास्ते होते हुए जाएगा। इस एक्सप्रेस-वे पर सात इंटरचेंज भी हैं, जो एक से दूसरे शहर को जोड़ते हैं।

एक्सप्रेस-वे के शुरू होने पर चंडीगढ़, अंबाला, लुधियाना से लेकर जम्मू तक से आने वाले एनएच-1 के वाहनों को आगरा, कानपुर होते हुए देश के दूसरे हिस्सों में जाने के लिए एनएच-2 पर जाने के लिए दिल्ली में एंट्री करने की जरूरत नहीं होगी।

एक्सप्रेस-वे के खुलने से कोलकाता से सीधे जालंधर-अमृतसर और जम्मू आने-जाने वाली गाड़ियों खासकर ट्रकों को भी फायदा होगा।

एक्सप्रेस वे में आठ जगह हाइवे नेस्ट होंगे, जिनमें जलपान और खानपान की सुविधाएं मिलेगी। इतना ही नहीं इसके बगल में पेट्रोल पंप, मोटल्स, रेस्ट एरिया, वॉश रूम, रेस्टोरेंट, दुकानें और रिपेयर सर्विस रहेगी।

इस हाईवे पर सोलर पावर और ड्रिप सिंचाई की सुविधा है इसमें आठ सोलर पावर प्लांट लगाए गए हैं।

इस पर ओवरलोड वाहन एक्सप्रेस-वे नहीं चल सकेंगे,ऐसे वाहनों को एग्जिग गेट से ही बाहर कर दिया जाएगा।

ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे पर सौर ऊर्जा आधारित पथ प्रकाश होगा,इसके अलावा 500 मीटर पर दोनों तरफ वर्षा जल संचयन की व्यवस्था होगी।

36 राष्ट्रीय व ऐतिहासिक स्मारकों एवं 40 झरनों को इस पर लगाया जा रहा है।

यह काम अभी तक अधूरे
प्रवेश-निकास स्थल के आस-पास निर्माण कार्य अब तक है अधूरा

सर्विस रोड से एक्सप्रेस वे पर आने और उतरने के लिए नहीं तैयार है सड़क

वाहनों के सही तरह से सड़क पर चलने के लिए ग्रिप वर्क पूरा करने में जुटे हैं मजदूर

वाहन खराब होने अथवा दुर्घटना की स्थिति में राहत के लिए एक्सप्रेस वे पर नहीं है सुविधा

एक्सप्रेस वे पर इलेक्ट्रानिक सुविधा के लिए तार बिछाने का कार्य अब भी जारी

आठ सौर ऊर्जा के प्लांट लगाने का कार्य अब भी अधूरा जिससे पथ प्रकाश में आएगी समस्या।

पलवल-कुंडली एक्सप्रेस वे पर सर्विस लेन के नाम पर अब तक सिर्फ मिट्टी ही भरी हुई नजर आती है।

पलवल-कतेसरा से एक्सप्रेस वे पर चढऩे के बाद वाहन चालक को नीचे उतरने के लिए फिलहाल ग्रेटर नोएडा तक की दूरी तय करनी पड़ सकती है। क्योंकि अभी यहां साइन बोर्ड का अभाव है।