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किसानों-आदिवासियों के बाद बुलेट ट्रेन के खिलाफ खड़ा हुआ गोदरेज ग्रुप,हाईकोर्ट पहुंचा
नई दिल्ली,10/जुलाई/2018/ITNN>>> मुंबई से अहमदाबाद के बीच करीब 508 किलोमीटर की दूरी पर चलने वाली बुलेट ट्रेन के खिलाफ अब गोदरेज ग्रुप भी खड़ा हो गया है. अबतक इसका विरोध किसान और आदीवासी तबके के लोग कर रहे थे. सरकार विक्रोली में गोदरेज ग्रुप की जमीन का अधिग्रहण करने की तैयारी कर रही है,इसे खिलाफ गोदरेज ग्रुप ने अब हाईकोर्ट में याचिका दायर की है.

क्या है मामला?
दरअसल गोदरेज ग्रुप ने हाईकोर्ट में बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए प्रस्तावित अधिग्रहण की जाने वाली जमीन के खिलाफ अपनी दलील दी है. बुलेट ट्रेन परियोजना के प्रस्तावित स्वरूप के तहत,508.17 किलोमीटर लंबे रेल ट्रैक में से 21 किलोमीटर ट्रैक अंडरग्राउंड बिछाए जाने की योजना है. 

अंडरग्राउंड टनल के एंट्री प्वाइंट्स में से एक गोदरेज की विक्रोली वाली जमीन से होकर भी गुजरेगा. गोदरेज समूह ने हाईकोर्ट में अपील की है कि कोर्ट संबंधित प्राधिकरण से इस परियोजना के प्लान में बदलाव करने को आदेश दे ताकि उसकी इन्फ्रास्ट्रक्चर आर्म गोदरेज कंस्ट्रक्शन की लगभग 8.6 एकड़ जमीन अधिग्रहण से बाहर आ सके.

परियोजना से जुड़ी कंपनियों को बदलना पड़ सकता है रास्ता
बता दें कि पिछले महीने गोदरेज ग्रुप ने विकल्प के तौर पर अपनी दूसरी जमीन मुहैया कराने का विकल्प दिया था. लेकिन यह जगह प्रस्तावित प्रोजेक्ट से 250 मीटर की दूरी पर है. गोदरेज का विरोध जारी रहा तो परियोजना से जुड़ी कंपनियों को बुलेट ट्रेन का रास्ता बदलना पड़ सकता है. हालांकि महाराष्ट्र भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के तहत राज्य सरकार को जबरन भूमि अधिग्रहण करने का अधिकार भी है.

मुंबई से अहमदाबाद के बीच होंगे 12 स्टेशन
मुंबई से अहमदाबाद तक करीब 508 किलोमीटर की दूरी ये बुलेट ट्रेन तय करेगी, इसके बीच कुल 12 स्टेशन होंगे. बांद्रा कुर्ला कांप्लेक्स से शुरू होकर ये ठाणे, विरार, बोइसर, वापी, बिलीमोरा, सूरत, भरूच, आणंद, अहमदाबाद होते हुए साबरमती स्टेशन पहुंचेगी.

21 किमी का सफर जमीन के नीचे करेगी बुलेट ट्रेन
बुलेट ट्रेन करीब 468 किलोमीटर का सफर एलिवेटेड रोड यानी जमीन से ऊपर बने ट्रैक पर करेगी. 21 किमी का सफर अंडरग्राउंड यानी जमीन के नीचे करेगी,इसमें 7 किलोमीटर वो समंदर के नीचे का सफर भी शामिल है. करीब 13 किमी का सफर बुलेट ट्रेन जमीन पर तय करेगी. 2023 तक बुलेट ट्रेन दौड़ने लगेगी.

फिलहाल बुलेट ट्रेन में 10 डिब्बे होंगे. जिनमें करीब साढ़े सात सौ लोग एक साथ सफर कर पाएंगे. हर दिन एक तरफ से पैंतीस ट्रेनें चलेंगीं. रोजाना करीब 36 हजार लोग सफर कर सकेंगे. 2053 तक ये क्षमता 1 लाख 86 हजार लोगों की यात्रा की हो जाएगी. इसका किराया 2700 से 3000 रूपए तक होगा.