Thursday, August 13, 2026
  • Insight Corporte
Insight TV News
Advertisement
  • देश
  • विदेश
  • मध्यप्रदेश स्पेशल
  • राज्य
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
  • बिज़नेस
  • खेल
  • मनोरंजन
  • टेक
  • धर्म ज्योतिष
  • लाइफस्टाइल
  • ख़ास मुद्दा
  • इनसाइट फीचर
  • अन्य
    • संपादक की कलम से
    • स्पेशल रिपोर्ट
    • अतिथि आलेख
No Result
View All Result
  • देश
  • विदेश
  • मध्यप्रदेश स्पेशल
  • राज्य
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
  • बिज़नेस
  • खेल
  • मनोरंजन
  • टेक
  • धर्म ज्योतिष
  • लाइफस्टाइल
  • ख़ास मुद्दा
  • इनसाइट फीचर
  • अन्य
    • संपादक की कलम से
    • स्पेशल रिपोर्ट
    • अतिथि आलेख
No Result
View All Result
Insight TV News
No Result
View All Result

तहव्वुर राणा की नागरिकता पर क्यों बेबस है कनाडा? जानिए पूरा कानूनी खेल

Insight TV Admin by Insight TV Admin
May 14, 2026
in देश
0
तहव्वुर राणा की नागरिकता पर क्यों बेबस है कनाडा? जानिए पूरा कानूनी खेल
0
SHARES
1
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

 टोरंटो

भारतीय समेत दुनियाभर के कई लोग बसने के लिए कनाडा को इसलिए भी पसंद करते हैं क्योंकि एक बार यहां की नागरिकता हासिल कर ली जाए तो इस देश से निकाले जाने का खतरा लगभग खत्म हो जाता है और फिर यहां के मूल निवासियों की तरह यहां के अधिकार भी हासिल किए जा सकते हैं. कुछ मिलाकर कनाडा में नागरिकता छीनी जानी इतनी आसान नहीं है. इसका बड़ा उदाहरण मुंबई 26/11 आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा का केस है। 

अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किए जाने के बाद अब उस पर भारत में मुकदमा चलने की तैयारी है लेकिन इसी बीच कनाडा में उससे जुड़ा एक दूसरा बड़ा सवाल भी लगातार उठ रहा है. अगर कनाडाई एजेंसियों को सालों पहले ही शक हो गया था कि राणा ने झूठ बोलकर नागरिकता हासिल की थी, तो उसकी नागरिकता अब तक रद्द क्यों नहीं हुई?

यह सवाल केवल राणा तक सीमित नहीं है. पिछले कुछ सालों में सामने आए मामलों से पता चलता है कि कनाडा में एक बार नागरिकता मिलने के बाद उसे वापस लेना बेहद लंबी, जटिल और धीमी प्रक्रिया बन जाती है. कई मामलों में सरकार को 10 से 20 साल तक लग जाते हैं। 

तहव्वुर राणा पर क्या हैं आरोप?
तहव्वुर हुसैन राणा पर आरोप है कि उसने 2000 में कनाडाई नागरिकता के लिए आवेदन करते समय गलत जानकारी दी थी. उसने दावा किया था कि वह ओटावा में रह रहा है और कनाडा में लगातार मौजूद था. लेकिन बाद में RCMP और अमेरिकी एजेंसियों की जांच में ऐसे दस्तावेज सामने आए जिनसे पता चला कि वह उस दौरान अमेरिका के शिकागो में रह रहा था. कनाडा में दिए गए उसके पते पर दूसरे लोग रहते थे और पड़ोसियों ने भी कहा कि उन्होंने राणा को वहां कभी नहीं देखा। 

जांच में यह भी सामने आया कि राणा शिकागो में कई कारोबार चला रहा था. इसके बावजूद उसे 2001 में कनाडाई नागरिकता और पासपोर्ट दोनों मिल गए. बाद में भारतीय एजेंसियों ने आरोप लगाया कि उसने इसी कनाडाई पासपोर्ट का इस्तेमाल करते हुए मुंबई हमले से पहले भारत की यात्रा की थी। 

आखिर कनाडा में नागरिकता रद्द करना इतना मुश्किल क्यों?

नागरिकता “अधिकार” बन जाती है
कनाडा में एक बार नागरिकता मिलने के बाद व्यक्ति को लगभग वही संवैधानिक और कानूनी सुरक्षा मिलती है जो जन्म से कनाडाई नागरिकों को मिलती है. यही वजह है कि सरकार किसी की नागरिकता बिना मजबूत कानूनी प्रक्रिया के नहीं छीन सकती. अदालतें यह सुनिश्चित करती हैं कि हर व्यक्ति को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका मिले। 

इसी वजह से नागरिकता रद्द करने के मामलों में विस्तृत जांच होती है, अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड जुटाए जाते हैं, अदालत में सबूत पेश होते हैं और अपील की कई परतें होती हैं. इन सबमें सालों लग जाते हैं। 

बार-बार बदलते रहे कानून
यह देरी सिर्फ कानूनी प्रक्रिया की वजह से नहीं हुई. कनाडा में नागरिकता कानून खुद कई बार बदले गए. 2015 में तत्कालीन प्रधानमंत्री Stephen Harper की कंजर्वेटिव सरकार ने कानून बदलकर आतंकवाद, जासूसी और राजद्रोह जैसे मामलों में नागरिकता रद्द करना आसान बना दिया था. सरकार का तर्क था कि जो व्यक्ति कनाडा के खिलाफ गंभीर अपराध करे, उसे नागरिकता रखने का अधिकार नहीं होना चाहिए। 

लेकिन 2015 चुनाव में जस्टिन ट्रूडो और लिबरल पार्टी ने इसका विरोध किया. उनका प्रसिद्ध नारा था- “A Canadian is a Canadian is a Canadian.” लिबरल सरकार का कहना था कि दोहरी नागरिकता रखने वालों को अलग तरीके से ट्रीट करना गलत है। 

इसके बाद 2017-18 में नियम फिर बदले गए. अब कनाडा में नागरिकता केवल इन आधारों पर छीनी जा सकती है:

    धोखाधड़ी
    गलत जानकारी
    तथ्यों को छिपाना

यानी आतंकवाद में दोषी ठहराया जाना अपने आप नागरिकता खत्म करने का आधार नहीं रह गया.

सरकार के पास सीमित संसाधन
इमिग्रेशन विशेषज्ञों का कहना है कि कनाडा के पास ऐसे मामलों को तेजी से निपटाने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं. हर मामले में विदेशों से रिकॉर्ड मंगाने पड़ते हैं, पुराने दस्तावेजों की जांच होती है, गवाहों से पूछताछ होती है और अदालत में लंबी सुनवाई चलती है. राणा केस में जांच 2009 में शुरू हुई थी, लेकिन 2024 में जाकर सरकार ने संघीय अदालत से अंतिम फैसला मांगा। 

आरोपी के बचाव का हिस्सा बन जाती है लंबी देरी

दिलचस्प बात यह है कि सालों की देरी बाद में आरोपियों के लिए कानूनी बचाव भी बन जाती है. राणा ने भी अदालत में कहा कि इतने पुराने मामलों की घटनाएं अब उसे याद नहीं हैं. कई मामलों में आरोपी यह दलील देते हैं कि सबूत पुराने हो चुके हैं, गवाह उपलब्ध नहीं हैं और सरकार ने कार्रवाई में अत्यधिक देरी की. इससे प्रक्रिया और जटिल हो जाती है। 

सुरक्षा और अधिकारों के बीच फंस गया कनाडा
तहव्वुर राणा केस ने कनाडा के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. क्या देश नागरिक अधिकारों की रक्षा करते-करते राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों में बहुत धीमा हो गया है?

मानवाधिकार विशेषज्ञ कहते हैं कि नागरिकता छीनना बेहद गंभीर कदम है और इसमें जल्दबाजी नहीं होनी चाहिए. दूसरी तरफ आलोचकों का तर्क है कि अगर किसी ने धोखे से नागरिकता हासिल की हो, तो कार्रवाई दशकों तक नहीं चलनी चाहिए. यही कारण है कि यह मामला अब केवल एक आतंकी आरोपी का नहीं, बल्कि कनाडा की पूरी इमिग्रेशन और नागरिकता प्रणाली की परीक्षा बन चुका है। 

दूसरे देशों से कनाडा कितना अलग?
    ब्रिटेन ने 2010 के बाद से 1,500 से ज्यादा लोगों की नागरिकता रद्द की है, जिनमें बड़ी संख्या आतंकवाद और धोखाधड़ी के मामलों की थी। 
    अमेरिका भी हाल के सालों में ऐसे मामलों में आक्रामक रुख दिखा रहा है.

इसके मुकाबले कनाडा में नागरिकता रद्द करने के मामले बेहद कम हैं. 2024 के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक-

    दो दर्जन मामलों में कार्रवाई हुई
    सात मामले अदालत में लंबित हैं
    90 से ज्यादा मामलों में सरकार ने कार्रवाई आगे नहीं बढ़ाई

अब आगे क्या होगा?
राणा की नागरिकता रद्द करने का मामला अभी भी कनाडा की संघीय अदालत में लंबित है. अगर अदालत सरकार के पक्ष में फैसला देती है, तो उसकी कनाडाई नागरिकता समाप्त हो सकती है लेकिन इसमें अभी और समय लग सकता है. इस बीच भारत में उस पर 26/11 मुंबई हमले की साजिश में मुकदमा चलेगा। 

Tags: Tahawwur Rana
Previous Post

महंगाई का नया झटका! आज से अमूल-मदर डेयरी का दूध महंगा, जानें ताजा रेट

Next Post

अमरनाथ यात्रा सुरक्षा पर बड़ा फोकस, नुनवान से पवित्र गुफा तक तैनात होंगी 4 विशेष टीमें

Insight TV Admin

Insight TV Admin

Next Post
अमरनाथ यात्रा सुरक्षा पर बड़ा फोकस, नुनवान से पवित्र गुफा तक तैनात होंगी 4 विशेष टीमें

अमरनाथ यात्रा सुरक्षा पर बड़ा फोकस, नुनवान से पवित्र गुफा तक तैनात होंगी 4 विशेष टीमें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Latest
  • Trending
  • Comments
ED की भंसाली और नाहटा ग्रुप पर बड़ी कार्रवाई, कई प्रतिष्ठानों पर दबिश; दस्तावेज खंगाले

ED की भंसाली और नाहटा ग्रुप पर बड़ी कार्रवाई, कई प्रतिष्ठानों पर दबिश; दस्तावेज खंगाले

August 13, 2026
लोक निर्माण विभाग के सचिव ने सड़क एवं भवन निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने सड़क एवं भवन निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

August 13, 2026
CG में बैंक अधिकारियों-कर्मचारियों का प्रदर्शन, ‘5 दिवसीय बैंक सप्ताह’ लागू करने की मांग

CG में बैंक अधिकारियों-कर्मचारियों का प्रदर्शन, ‘5 दिवसीय बैंक सप्ताह’ लागू करने की मांग

August 13, 2026
कंगना रनौत की फिल्म से शुरू हुआ था साई पल्लवी का करियर, आज बनीं सीता

कंगना रनौत की फिल्म से शुरू हुआ था साई पल्लवी का करियर, आज बनीं सीता

August 13, 2026
Claude के AI टेक्स्ट में छिपेगा वॉटरमार्क, कॉपी-पेस्ट के बाद भी पकड़ा जाएगा कंटेंट

Claude के AI टेक्स्ट में छिपेगा वॉटरमार्क, कॉपी-पेस्ट के बाद भी पकड़ा जाएगा कंटेंट

August 13, 2026
‘क्राइम पेट्रोल’ में बड़ा ट्विस्ट, अजय देवगन के बाद राजेश तैलंग संभालेंगे शो की कमान

‘क्राइम पेट्रोल’ में बड़ा ट्विस्ट, अजय देवगन के बाद राजेश तैलंग संभालेंगे शो की कमान

August 13, 2026
श्रीलंका दौरे पर गिल की अग्निपरीक्षा, पनेसर के सवाल का देंगे जवाब?

श्रीलंका दौरे पर गिल की अग्निपरीक्षा, पनेसर के सवाल का देंगे जवाब?

August 13, 2026
बस्तर दशहरा की पहली रस्म ‘पाट जात्रा’ संपन्न, शुरू हुआ ऐतिहासिक पर्व का आगाज

बस्तर दशहरा की पहली रस्म ‘पाट जात्रा’ संपन्न, शुरू हुआ ऐतिहासिक पर्व का आगाज

August 13, 2026
प्रधानमंत्री मोदी की हर गारंटी को पूरा कर रही है छत्तीसगढ़ सरकार : मुख्यमंत्री साय

प्रधानमंत्री मोदी की हर गारंटी को पूरा कर रही है छत्तीसगढ़ सरकार : मुख्यमंत्री साय

December 5, 2025
रायपुर : नेचुरोपैथी भवन निर्माण के लिए दी 2 करोड़ 62 लाख रूपये की सौगात

रायपुर : नेचुरोपैथी भवन निर्माण के लिए दी 2 करोड़ 62 लाख रूपये की सौगात

December 8, 2025
IND vs AUS: टी20 सीरीज का बदला टाइम, कितने बजे शुरू होगा कैनबरा में पहला मुकाबला?

IND vs AUS: टी20 सीरीज का बदला टाइम, कितने बजे शुरू होगा कैनबरा में पहला मुकाबला?

October 26, 2025
बिहार में एनडीए को  प्रचंड जनादेश  मोदी-नीतीश का करिश्माई नेतृत्व और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्ट्रेटेजिक ब्रेकथ्रू

बिहार में एनडीए को प्रचंड जनादेश मोदी-नीतीश का करिश्माई नेतृत्व और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्ट्रेटेजिक ब्रेकथ्रू

November 14, 2025
डंकुनी–सूरत कॉरिडोर का असर: दुर्ग के 25 गांवों की जमीन की खरीद-फरोख्त पर लगी रोक

डंकुनी–सूरत कॉरिडोर का असर: दुर्ग के 25 गांवों की जमीन की खरीद-फरोख्त पर लगी रोक

June 10, 2026
RSS कार्यालय पहुंचे इंदौर कलेक्टर, जीतू पटवारी ने शिवम वर्मा पर उठाए सवाल – ‘अधिकारी नहीं, BJP कार्यकर्ता की तरह काम कर रहे’

RSS कार्यालय पहुंचे इंदौर कलेक्टर, जीतू पटवारी ने शिवम वर्मा पर उठाए सवाल – ‘अधिकारी नहीं, BJP कार्यकर्ता की तरह काम कर रहे’

January 9, 2026
MMS क्या होता है? जानें कैसे लीक होती हैं प्राइवेट वीडियो और क्या है सजा का प्रावधान

MMS क्या होता है? जानें कैसे लीक होती हैं प्राइवेट वीडियो और क्या है सजा का प्रावधान

November 28, 2025
Zoho Vani क्या है? अरट्टई के बाद Zoho का नया Free AI टूल चर्चा में!

Zoho Vani क्या है? अरट्टई के बाद Zoho का नया Free AI टूल चर्चा में!

October 4, 2025
ब्रह्मास्त्र: ब्रह्मोस से भी ताकतवर, दुश्मन के एयर डिफेंस जोन में बिना घुसे करेगा तबाही

ब्रह्मास्त्र: ब्रह्मोस से भी ताकतवर, दुश्मन के एयर डिफेंस जोन में बिना घुसे करेगा तबाही

0
महाराष्ट्र में भारी बारिश का अलर्ट, मुंबई में येलो चेतावनी जारी

महाराष्ट्र में भारी बारिश का अलर्ट, मुंबई में येलो चेतावनी जारी

0
कोयंबटूर में सेव एनर्जी मुहिम, 122 स्थानों पर लगे मोशन सेंसर सोलर स्ट्रीट लाइट

कोयंबटूर में सेव एनर्जी मुहिम, 122 स्थानों पर लगे मोशन सेंसर सोलर स्ट्रीट लाइट

0
चीन का रोबोटिक कमाल! क्या इंसानों की नौकरियों पर आ गया खतरा?

चीन का रोबोटिक कमाल! क्या इंसानों की नौकरियों पर आ गया खतरा?

0
जर्मनी के रेडलाइट इलाकों में बढ़ी चीनी लड़कियों की मौजूदगी, कर रही हैं मोटी कमाई

जर्मनी के रेडलाइट इलाकों में बढ़ी चीनी लड़कियों की मौजूदगी, कर रही हैं मोटी कमाई

0
10 साल में प्रदेश के 69 निजी इंजीनियरिंग कॉलेज बंद, भोपाल और इंदौर सबसे आगे

10 साल में प्रदेश के 69 निजी इंजीनियरिंग कॉलेज बंद, भोपाल और इंदौर सबसे आगे

0
प्रदेश में निर्माण स्थलों के इंजीनियर के साथ ड्रोन से होगी निगरानी

प्रदेश में निर्माण स्थलों के इंजीनियर के साथ ड्रोन से होगी निगरानी

0
नेशनल लोक अदालत 13 सितंबर को: बिजली चोरी और अन्य अनियमितताओं के मामलों में हो सकेंगे समझौते

नेशनल लोक अदालत 13 सितंबर को: बिजली चोरी और अन्य अनियमितताओं के मामलों में हो सकेंगे समझौते

0

About Us

Insight TV News – एक ऑनलाइन मंच है जहाँ देश-विदेश की ताज़ा ख़बरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, तकनीक और व्यवसाय से जुड़ी जानकारियाँ तुरंत उपलब्ध होती हैं। पाठकों को नवीनतम घटनाओं से जोड़े रखती है और हर समय, हर जगह समाचार पढ़ने की सुविधा प्रदान करती है।

Categories

  • अतिथि आलेख
  • इनसाइट फीचर
  • ख़ास मुद्दा
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • देश
  • धर्म ज्योतिष
  • बिज़नेस
  • भोपाल
  • मध्य प्रदेश
  • मध्यप्रदेश स्पेशल
  • मनोरंजन
  • राज्य
  • लाइफस्टाइल
  • विदेश
  • संपादक की कलम से
  • स्पेशल रिपोर्ट

Contact Us

B-29, IT Park, Badwai
Near RGPV, Bhopal (M. P.) – 462033

Mobile: +91 93036 09004
Email: insighttvnews@gmail.com

WhatsApp: +91 93036 09004

  • Home
  • About Us
  • Advertise
  • Contact Us
  • MP Info RSS Feed
  • Privacy Policy

Copyright © 2025 Insight TV News. All Rights Reserved

No Result
View All Result
  • About Us
  • Advertise
  • Contact Us
  • Home
  • MP Info RSS Feed
  • Privacy Policy

Copyright © 2025 Insight TV News. All Rights Reserved