Thursday, September 3, 2026
  • Insight Corporte
Insight TV News
Advertisement
  • देश
  • विदेश
  • मध्यप्रदेश स्पेशल
  • राज्य
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
  • बिज़नेस
  • खेल
  • मनोरंजन
  • टेक
  • धर्म ज्योतिष
  • लाइफस्टाइल
  • ख़ास मुद्दा
  • इनसाइट फीचर
  • अन्य
    • संपादक की कलम से
    • स्पेशल रिपोर्ट
    • अतिथि आलेख
No Result
View All Result
  • देश
  • विदेश
  • मध्यप्रदेश स्पेशल
  • राज्य
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
  • बिज़नेस
  • खेल
  • मनोरंजन
  • टेक
  • धर्म ज्योतिष
  • लाइफस्टाइल
  • ख़ास मुद्दा
  • इनसाइट फीचर
  • अन्य
    • संपादक की कलम से
    • स्पेशल रिपोर्ट
    • अतिथि आलेख
No Result
View All Result
Insight TV News
No Result
View All Result

रायपुर : बारिश की हर बूंद सहेजने में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी, ‘जल संचय जन भागीदारी’ के तीसरे चरण में देश में प्रथम

Insight TV Admin by Insight TV Admin
September 3, 2026
in छत्तीसगढ़, राज्य
0
रायपुर : बारिश की हर बूंद सहेजने में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी, ‘जल संचय जन भागीदारी’ के तीसरे चरण में देश में प्रथम
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

रायपुर : बारिश की हर बूंद सहेजने में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी, ‘जल संचय जन भागीदारी’ के तीसरे चरण में देश में प्रथम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया छत्तीसगढ़ का जनभागीदारी आधारित जल संरक्षण मॉडल

खेत का 5 प्रतिशत हिस्सा जल संरक्षण के लिए देने की किसानों की अनूठी पहल बनी मिसाल

जल संचय जन भागीदारी के तीन चरणों में प्रदेश में 28 लाख से अधिक जल संरचनाओं का निर्माण और पंजीयन

सूरजपुर, महासमुंद, बालोद, बलौदाबाजार-भाटापारा और कबीरधाम देश के शीर्ष 10 जिलों में शामिल

मुख्यमंत्री साय ने हर राज्य के लिए ‘कैच द रेन’ प्लान, स्टेट वाटर अवार्ड्स और त्रैमासिक समीक्षा का दिया सुझाव

रायपुर

बारिश की हर बूंद को सहेजने और उसे धरती के भीतर पहुंचाकर आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षित करने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने देश के सामने जनभागीदारी का प्रभावी मॉडल प्रस्तुत किया है। जल शक्ति मंत्रालय के ‘जल संचय जन भागीदारी’ अभियान के तीसरे चरण में छत्तीसगढ़ ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। राज्य के पांच जिले भी जल संरक्षण के क्षेत्र में देश के शीर्ष 10 जिलों में स्थान बनाने में सफल रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति में नई दिल्ली के सुषमा स्वराज भवन में आयोजित जल शक्ति मंत्रालय के विभागीय शिखर सम्मेलन में  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण के लिए किए जा रहे नवाचारों और जनभागीदारी आधारित प्रयासों की जानकारी राष्ट्रीय मंच पर साझा की। सम्मेलन के ‘कैच द रेन’ सत्र में उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने राज्य में वर्षा जल संचयन, भू-जल पुनर्भरण तथा पेयजल स्रोतों के संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी दी।

सम्मेलन में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल सहित विभिन्न राज्यों के जल संसाधन मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

*जल संरक्षण को सरकारी कार्यक्रम नहीं, जनअभियान बनाया : मुख्यमंत्री साय*

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने जल संरक्षण को केवल शासकीय योजनाओं और जल संरचनाओं के निर्माण तक सीमित नहीं रखा है। किसानों, ग्राम पंचायतों, जल सखियों, जल मित्रों और स्थानीय समुदायों को इससे जोड़कर इसे व्यापक जनअभियान का स्वरूप दिया गया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वे स्वयं किसान परिवार से आते हैं और अपने गृहग्राम बगिया में हल चलाकर खेती कर चुके हैं। इसलिए खेती और ग्रामीण जीवन में पानी का महत्व उन्होंने बहुत करीब से देखा और समझा है। किसान के लिए पानी केवल एक प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि उसकी फसल, परिवार, आजीविका और भविष्य से जुड़ा विषय है। यही कारण है कि छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण की योजनाओं के केंद्र में किसान और गांव को रखा गया है।

उन्होंने कहा कि देश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल में लगभग चार प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाला छत्तीसगढ़ ‘जल संचय जन भागीदारी’ अभियान में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है। यह उपलब्धि केवल जल संरचनाओं की संख्या की नहीं, बल्कि जल संरक्षण के प्रति प्रदेश में विकसित हो रही सामूहिक चेतना और जनभागीदारी की भी उपलब्धि है।

*कोरिया से निकला ‘5 प्रतिशत मॉडल’, किसान स्वयं दे रहे जमीन*

मुख्यमंत्री साय ने सम्मेलन में कोरिया जिले से शुरू हुए ‘5 प्रतिशत मॉडल’ का विशेष उल्लेख किया। यह मॉडल जल संरक्षण में किसानों की स्वैच्छिक भागीदारी का अभिनव उदाहरण है।

इस पहल के अंतर्गत किसान अपनी कृषि भूमि का लगभग 5 प्रतिशत हिस्सा भू-जल पुनर्भरण और वर्षा जल संचयन के लिए स्वेच्छा से उपलब्ध करा रहे हैं। इस हिस्से में ऐसी जल संरचनाएं विकसित की जा रही हैं, जिनमें बारिश का पानी खेत से बहकर बाहर जाने के बजाय वहीं एकत्र हो और धीरे-धीरे जमीन के भीतर समाहित हो सके।

इस मॉडल की विशेषता यह है कि इसमें किसान जल संरक्षण के केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि सक्रिय भागीदार हैं। किसान अपनी भूमि उपलब्ध करा रहे हैं, पंचायतें और स्थानीय समुदाय सहयोग कर रहे हैं तथा विभिन्न विभागों और योजनाओं के समन्वय से जल संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है।

जल संरचनाओं की जियो-टैगिंग, नियमित मॉनिटरिंग और प्रगति की समीक्षा को भी इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। जल सखी, जल मित्र, किसान और पंचायत प्रतिनिधि गांवों में जल संरक्षण की इस मुहिम को आगे बढ़ा रहे हैं।

खेत में ही वर्षा जल को रोकने से भू-जल पुनर्भरण को बढ़ावा मिलने के साथ सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बेहतर होने की संभावना है। लंबे समय में इससे खेती की वर्षा पर निर्भरता कम करने और जल सुरक्षा बढ़ाने में भी सहायता मिलेगी।

*JSJB 3.0 में छत्तीसगढ़ देश में प्रथम*

जल शक्ति मंत्रालय के ‘जल संचय जन भागीदारी’ अभियान के तीनों चरणों में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। पहले दो चरणों में देश में दूसरा स्थान हासिल करने के बाद तीसरे चरण में राज्य ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है।

‘जल संचय जन भागीदारी’ अभियान के प्रथम चरण JSJB 1.0 में छत्तीसगढ़ में 4 लाख 5 हजार 561 जल संरचनाएं बनाई गईं। इस चरण में छत्तीसगढ़ देश में दूसरे स्थान पर रहा।

दूसरे चरण JSJB 2.0 में प्रदेश में 24 लाख 7 हजार 456 जल संरचनाएं दर्ज की गईं। इनमें से 23 लाख 7 हजार 768 जल संरचनाओं का कार्य पूरा हो चुका है। इस चरण में भी छत्तीसगढ़ ने देश में दूसरा स्थान हासिल किया।

अब तीसरे चरण JSJB 3.0 में छत्तीसगढ़ ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। इस चरण में प्रदेश में 79 हजार 775 जल संरचनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें से 77 हजार 719 जल संरचनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है।

इस प्रकार अभियान के अलग-अलग चरणों में छत्तीसगढ़ ने बड़े पैमाने पर जल संचयन और भू-जल पुनर्भरण की संरचनाओं को विकसित और दर्ज किया है। इन प्रयासों का मूल उद्देश्य बारिश के पानी को बहकर बाहर जाने से रोकना, स्थानीय स्तर पर उसका संचयन करना और अधिक से अधिक पानी को जमीन के भीतर पहुंचाना है।

*छत्तीसगढ़ के पांच जिले देश के टॉप-10 में*

राज्य स्तर की उपलब्धि के साथ ही छत्तीसगढ़ के जिलों ने भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। जल संरक्षण के क्षेत्र में सूरजपुर, महासमुंद, बालोद, बलौदाबाजार-भाटापारा और कबीरधाम देश के शीर्ष 10 जिलों में शामिल हुए हैं।

इन जिलों में जल संरक्षण को स्थानीय समुदायों से जोड़ते हुए गांव और पंचायत स्तर पर वर्षा जल संचयन एवं भू-जल पुनर्भरण के कार्य किए गए हैं। स्थानीय परिस्थितियों और जरूरतों के अनुरूप जल संरचनाओं के निर्माण के साथ लोगों की भागीदारी पर विशेष जोर दिया गया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह उपलब्धि बताती है कि जब शासन की योजनाओं के साथ समाज की सक्रिय भागीदारी जुड़ती है, तो जल संरक्षण जैसे बड़े लक्ष्य को भी जनांदोलन का रूप दिया जा सकता है।

*26 से घटकर 19 हुए पानी की कमी वाले ब्लॉक*

राज्य में किए जा रहे जल संरक्षण प्रयासों के सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। छत्तीसगढ़ में पानी की कमी वाले ब्लॉकों की संख्या 26 से घटकर 19 रह गई है। साथ ही पांच क्रिटिकल ब्लॉकों के भी सामान्य श्रेणी में आने का अनुमान है।

भू-जल की स्थिति में सुधार के लिए राज्य में जल संचयन संरचनाओं के निर्माण के साथ पुराने जल स्रोतों के संरक्षण, भू-जल पुनर्भरण, जल संरचनाओं की मैपिंग और स्थानीय स्तर पर नियमित निगरानी पर जोर दिया जा रहा है।

*‘जहां जल गिरे, वहीं सहेजें’ के मंत्र को जमीन पर उतार रहा छत्तीसगढ़*

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘कैच द रेन – जहां जल गिरे, वहीं सहेजें’ के संदेश को छत्तीसगढ़ ने स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप धरातल पर उतारा है। प्रदेश की भौगोलिक विविधता को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग क्षेत्रों में वहां की आवश्यकता और जल उपलब्धता के अनुसार जल संचयन तथा भू-जल पुनर्भरण की संरचनाएं विकसित की जा रही हैं।

राज्य का प्रयास है कि बारिश का अधिकतम पानी गांव और खेत की सीमा के भीतर ही रोका जाए। इससे न केवल भू-जल पुनर्भरण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि सिंचाई, पेयजल और अन्य स्थानीय जरूरतों के लिए जल उपलब्धता को भी बेहतर बनाया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ जल संरक्षण के अपने अनुभवों, नवाचारों और सफल मॉडलों को देश के अन्य राज्यों के साथ साझा करने के लिए तैयार है।

*हर राज्य का हो अपना ‘कैच द रेन’ प्लान : मुख्यमंत्री साय*

मुख्यमंत्री साय ने सम्मेलन में देशभर में जल संरक्षण अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।

उन्होंने सुझाव दिया कि प्रत्येक राज्य अपनी भौगोलिक परिस्थितियों, वर्षा के स्वरूप, भू-जल स्थिति और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप अलग ‘कैच द रेन प्लान’ तैयार करे। इससे जल संरक्षण के लिए राज्यवार स्पष्ट लक्ष्य और रणनीति निर्धारित की जा सकेगी।

उन्होंने बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘स्टेट वाटर अवार्ड्स’ प्रारंभ करने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री ने BISAG-N के माध्यम से जल संरचनाओं की मैपिंग की व्यवस्था को और मजबूत करने तथा अभियान की प्रगति की मुख्य सचिव की अध्यक्षता में प्रत्येक तीन महीने में समीक्षा करने का भी सुझाव दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक, नियमित मॉनिटरिंग और जनभागीदारी – इन तीनों के समन्वय से जल संरक्षण के प्रयासों को अधिक परिणाममूलक बनाया जा सकता है।

*जल संरक्षण से खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती*

देश में 31 मई 2027 तक दो करोड़ नई जल संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। इस व्यापक राष्ट्रीय लक्ष्य की प्राप्ति में छत्तीसगढ़ का जनभागीदारी मॉडल महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

बारिश का पानी खेतों और गांवों में रोकने तथा उसे जमीन में पहुंचाने से भू-जल स्तर में सुधार के साथ सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ सकती है। इसका सीधा लाभ खेती को मिल सकता है और किसानों की मानसून पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।

जल उपलब्धता बेहतर होने से कृषि और उससे जुड़े आजीविका के अवसरों को भी मजबूती मिल सकती है। गांवों में पेयजल स्रोतों की स्थिति बेहतर होने से परिवारों, विशेषकर महिलाओं को पानी जुटाने में लगने वाले समय और श्रम में भी कमी आ सकती है।

छत्तीसगढ़ का यह मॉडल बताता है कि जल संरक्षण केवल संरचनाओं के निर्माण का विषय नहीं है। यह सरकार, किसान, पंचायत और समाज की साझा जिम्मेदारी है। खेत का एक छोटा-सा हिस्सा पानी के लिए छोड़ने से शुरू हुई पहल भविष्य के लिए जल सुरक्षित करने के बड़े अभियान का आधार बन सकती है।

शिखर सम्मेलन में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Tags: featuredvishnu
Previous Post

CG में योग और आदिवासी आयोग अध्यक्ष समेत 3 पदाधिकारियों को राज्य मंत्री का दर्जा

Next Post

सुकमा में 10 हजार की रिश्वत लेते BEO गिरफ्तार, एसीबी ने रंगे हाथों पकड़ा

Insight TV Admin

Insight TV Admin

Next Post
सुकमा में 10 हजार की रिश्वत लेते BEO गिरफ्तार, एसीबी ने रंगे हाथों पकड़ा

सुकमा में 10 हजार की रिश्वत लेते BEO गिरफ्तार, एसीबी ने रंगे हाथों पकड़ा

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Latest
  • Trending
  • Comments
जांजगीर-चांपा में ACB की बड़ी कार्रवाई, ₹10 हजार रिश्वत लेते प्रिंसिपल और बाबू गिरफ्तार

जांजगीर-चांपा में ACB की बड़ी कार्रवाई, ₹10 हजार रिश्वत लेते प्रिंसिपल और बाबू गिरफ्तार

September 3, 2026
बस्तर ओलंपिक 2026-27 की तैयारी शुरू, 7 से 11 दिसंबर तक होंगे संभाग स्तरीय मुकाबले

बस्तर ओलंपिक 2026-27 की तैयारी शुरू, 7 से 11 दिसंबर तक होंगे संभाग स्तरीय मुकाबले

September 3, 2026
सुकमा में 10 हजार की रिश्वत लेते BEO गिरफ्तार, एसीबी ने रंगे हाथों पकड़ा

सुकमा में 10 हजार की रिश्वत लेते BEO गिरफ्तार, एसीबी ने रंगे हाथों पकड़ा

September 3, 2026
रायपुर : बारिश की हर बूंद सहेजने में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी, ‘जल संचय जन भागीदारी’ के तीसरे चरण में देश में प्रथम

रायपुर : बारिश की हर बूंद सहेजने में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी, ‘जल संचय जन भागीदारी’ के तीसरे चरण में देश में प्रथम

September 3, 2026
CG में योग और आदिवासी आयोग अध्यक्ष समेत 3 पदाधिकारियों को राज्य मंत्री का दर्जा

CG में योग और आदिवासी आयोग अध्यक्ष समेत 3 पदाधिकारियों को राज्य मंत्री का दर्जा

September 3, 2026
इंदिरा सागर बांध 2.39 मीटर खाली, अगस्त में बिजली उत्पादन 4 गुना घटा

इंदिरा सागर बांध 2.39 मीटर खाली, अगस्त में बिजली उत्पादन 4 गुना घटा

September 3, 2026
खेल सामग्री खरीदी में गड़बड़ी पर सहायक संचालक पर कार्रवाई, निलंबन की अनुशंसा

खेल सामग्री खरीदी में गड़बड़ी पर सहायक संचालक पर कार्रवाई, निलंबन की अनुशंसा

September 3, 2026
CG में सार्वजनिक आयोजनों के लिए नए नियम: 50% पार्किंग जरूरी, महिला-पुरुष के लिए अलग शौचालय अनिवार्य

CG में सार्वजनिक आयोजनों के लिए नए नियम: 50% पार्किंग जरूरी, महिला-पुरुष के लिए अलग शौचालय अनिवार्य

September 3, 2026
प्रधानमंत्री मोदी की हर गारंटी को पूरा कर रही है छत्तीसगढ़ सरकार : मुख्यमंत्री साय

प्रधानमंत्री मोदी की हर गारंटी को पूरा कर रही है छत्तीसगढ़ सरकार : मुख्यमंत्री साय

December 5, 2025
रायपुर : नेचुरोपैथी भवन निर्माण के लिए दी 2 करोड़ 62 लाख रूपये की सौगात

रायपुर : नेचुरोपैथी भवन निर्माण के लिए दी 2 करोड़ 62 लाख रूपये की सौगात

December 8, 2025
विधायक गोपालसिंह इंजीनियर के प्रयास रंग लाये,50 ग्राम पंचायतों में 25-25 लाख के सामुदायिक भवन निर्माण की मिली स्वीकृति

विधायक गोपालसिंह इंजीनियर के प्रयास रंग लाये,50 ग्राम पंचायतों में 25-25 लाख के सामुदायिक भवन निर्माण की मिली स्वीकृति

November 29, 2025
IND vs AUS: टी20 सीरीज का बदला टाइम, कितने बजे शुरू होगा कैनबरा में पहला मुकाबला?

IND vs AUS: टी20 सीरीज का बदला टाइम, कितने बजे शुरू होगा कैनबरा में पहला मुकाबला?

October 26, 2025
बिहार में एनडीए को  प्रचंड जनादेश  मोदी-नीतीश का करिश्माई नेतृत्व और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्ट्रेटेजिक ब्रेकथ्रू

बिहार में एनडीए को प्रचंड जनादेश मोदी-नीतीश का करिश्माई नेतृत्व और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्ट्रेटेजिक ब्रेकथ्रू

November 14, 2025
डंकुनी–सूरत कॉरिडोर का असर: दुर्ग के 25 गांवों की जमीन की खरीद-फरोख्त पर लगी रोक

डंकुनी–सूरत कॉरिडोर का असर: दुर्ग के 25 गांवों की जमीन की खरीद-फरोख्त पर लगी रोक

June 10, 2026

मानसिक स्वास्थ्य पर खुला संवाद जरूरी, विद्यार्थियों को मिला सकारात्मक जीवन का मंत्र

August 5, 2026
RSS कार्यालय पहुंचे इंदौर कलेक्टर, जीतू पटवारी ने शिवम वर्मा पर उठाए सवाल – ‘अधिकारी नहीं, BJP कार्यकर्ता की तरह काम कर रहे’

RSS कार्यालय पहुंचे इंदौर कलेक्टर, जीतू पटवारी ने शिवम वर्मा पर उठाए सवाल – ‘अधिकारी नहीं, BJP कार्यकर्ता की तरह काम कर रहे’

January 9, 2026
ब्रह्मास्त्र: ब्रह्मोस से भी ताकतवर, दुश्मन के एयर डिफेंस जोन में बिना घुसे करेगा तबाही

ब्रह्मास्त्र: ब्रह्मोस से भी ताकतवर, दुश्मन के एयर डिफेंस जोन में बिना घुसे करेगा तबाही

0
महाराष्ट्र में भारी बारिश का अलर्ट, मुंबई में येलो चेतावनी जारी

महाराष्ट्र में भारी बारिश का अलर्ट, मुंबई में येलो चेतावनी जारी

0
कोयंबटूर में सेव एनर्जी मुहिम, 122 स्थानों पर लगे मोशन सेंसर सोलर स्ट्रीट लाइट

कोयंबटूर में सेव एनर्जी मुहिम, 122 स्थानों पर लगे मोशन सेंसर सोलर स्ट्रीट लाइट

0
चीन का रोबोटिक कमाल! क्या इंसानों की नौकरियों पर आ गया खतरा?

चीन का रोबोटिक कमाल! क्या इंसानों की नौकरियों पर आ गया खतरा?

0
जर्मनी के रेडलाइट इलाकों में बढ़ी चीनी लड़कियों की मौजूदगी, कर रही हैं मोटी कमाई

जर्मनी के रेडलाइट इलाकों में बढ़ी चीनी लड़कियों की मौजूदगी, कर रही हैं मोटी कमाई

0
10 साल में प्रदेश के 69 निजी इंजीनियरिंग कॉलेज बंद, भोपाल और इंदौर सबसे आगे

10 साल में प्रदेश के 69 निजी इंजीनियरिंग कॉलेज बंद, भोपाल और इंदौर सबसे आगे

0
प्रदेश में निर्माण स्थलों के इंजीनियर के साथ ड्रोन से होगी निगरानी

प्रदेश में निर्माण स्थलों के इंजीनियर के साथ ड्रोन से होगी निगरानी

0
नेशनल लोक अदालत 13 सितंबर को: बिजली चोरी और अन्य अनियमितताओं के मामलों में हो सकेंगे समझौते

नेशनल लोक अदालत 13 सितंबर को: बिजली चोरी और अन्य अनियमितताओं के मामलों में हो सकेंगे समझौते

0

About Us

Insight TV News – एक ऑनलाइन मंच है जहाँ देश-विदेश की ताज़ा ख़बरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, तकनीक और व्यवसाय से जुड़ी जानकारियाँ तुरंत उपलब्ध होती हैं। पाठकों को नवीनतम घटनाओं से जोड़े रखती है और हर समय, हर जगह समाचार पढ़ने की सुविधा प्रदान करती है।

Categories

  • अतिथि आलेख
  • इनसाइट फीचर
  • ख़ास मुद्दा
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • देश
  • धर्म ज्योतिष
  • बिज़नेस
  • भोपाल
  • मध्य प्रदेश
  • मध्यप्रदेश स्पेशल
  • मनोरंजन
  • राज्य
  • लाइफस्टाइल
  • विदेश
  • संपादक की कलम से
  • स्पेशल रिपोर्ट

Contact Us

B-29, IT Park, Badwai
Near RGPV, Bhopal (M. P.) – 462033

Mobile: +91 93036 09004
Email: insighttvnews@gmail.com

WhatsApp: +91 93036 09004

  • Home
  • About Us
  • Advertise
  • Contact Us
  • MP Info RSS Feed
  • Privacy Policy

Copyright © 2025 Insight TV News. All Rights Reserved

No Result
View All Result
  • About Us
  • Advertise
  • Contact Us
  • Home
  • MP Info RSS Feed
  • Privacy Policy

Copyright © 2025 Insight TV News. All Rights Reserved