Thursday, September 17, 2026
  • Insight Corporte
Insight TV News
Advertisement
  • देश
  • विदेश
  • मध्यप्रदेश स्पेशल
  • राज्य
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
  • बिज़नेस
  • खेल
  • मनोरंजन
  • टेक
  • धर्म ज्योतिष
  • लाइफस्टाइल
  • ख़ास मुद्दा
  • इनसाइट फीचर
  • अन्य
    • संपादक की कलम से
    • स्पेशल रिपोर्ट
    • अतिथि आलेख
No Result
View All Result
  • देश
  • विदेश
  • मध्यप्रदेश स्पेशल
  • राज्य
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
  • बिज़नेस
  • खेल
  • मनोरंजन
  • टेक
  • धर्म ज्योतिष
  • लाइफस्टाइल
  • ख़ास मुद्दा
  • इनसाइट फीचर
  • अन्य
    • संपादक की कलम से
    • स्पेशल रिपोर्ट
    • अतिथि आलेख
No Result
View All Result
Insight TV News
No Result
View All Result

झीरम घाटी नक्सली हमले के 10 दोषियों को फांसी की सजा, हाईकोर्ट की पुष्टि के बाद होगा अमल

Insight TV Admin by Insight TV Admin
September 17, 2026
in छत्तीसगढ़, राज्य
0
झीरम घाटी नक्सली हमले के 10 दोषियों को फांसी की सजा, हाईकोर्ट की पुष्टि के बाद होगा अमल
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

रायपुर 

2013 में झीरम घाटी में कांग्रेस नेताओं समेत 29 लोगों की हत्या के मामले में जगदलपुर NIA कोर्ट ने 10 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। इनमें 2 महिला और 8 पुरुष शामिल हैं।25 मई 2013 को कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के काफिले पर नक्सली हमला हुआ था। NIA के मुताबिक इस हमले में कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, महेंद्र कर्मा और पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल समेत 27 लोगों की मौत हुई थी।

करीब 13 साल चली सुनवाई में 101 गवाहों के बयान और दस्तावेज दर्ज किए गए। यह सजा हाईकोर्ट के आदेश के बाद ही लागू होगी। तब तक सभी दोषी केंद्रीय जेल जगदलपुर में रहेंगे। 30 दिन के अंदर हाईकोर्ट में अपील कर सकते हैं। अभियोजन पक्ष ने फांसी की मांग की थी, जबकि बचाव पक्ष ने दलील में सजा कम करने की मांग की थी।

न्यायालय के फैसले का सम्मान, लेकिन न्याय की लड़ाई जारी
झीरम नक्सली हमले के मामले में न्यायालय के फैसले के बाद पीड़ितों की प्रतिक्रिया सामने आई है. हमले में घायल हुए शिवनारायण द्विवेदी ने न्यायालय के फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए इसका स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में इतनी बड़ी घटना को अंजाम देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए थी. द्विवेदी के मुताबिक, झीरम हमले में बड़े नेताओं समेत कई निर्दोष लोगों की हत्या हुई थी. वे खुद भी इस हमले में घायल हुए थे और आज भी उस घटना के पीड़ित हैं. उन्होंने कहा कि न्यायालय के फैसले का सम्मान है, लेकिन न्याय की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। 

क्या था झीरम घाटी हमला ?
झीरम घाटी छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में दरभा इलाके के पास स्थित है। 25 मई 2013 को CPI (माओवादी) के सदस्यों ने कांग्रेस की ‘परिवर्तन यात्रा’ के काफिले पर हमला किया। NIA के रिकॉर्ड के मुताबिक हमला करीब शाम 4:15 बजे NH-221 के झीरम घाटी क्षेत्र में हुआ था।

हमले में माओवादी दस्ते ने काफिले को निशाना बनाया। NIA के अनुसार 27 लोगों की मौके पर मौत हुई थी, जिनमें 10 पुलिसकर्मी शामिल थे और 38 लोग घायल हुए थे। सार्वजनिक रिपोर्टों में बाद में मृतकों की संख्या 29 बताई गई, जिसमें बाद में चोटों के कारण हुई मौतें भी शामिल हैं।

हमला किसने किया था?
जांच एजेंसी के अनुसार हमला CPI (Maoist) के सदस्यों ने किया था। NIA के मामले में इसी संगठन के सदस्यों पर काफिले पर हमले, हत्या और साजिश समेत विभिन्न अपराधों के आरोप लगाए गए।

2026 में हुई सुनवाई में 10 आरोपियों को दोषी ठहराया गया और 16 सितंबर को इन्हीं 10 को मृत्युदंड सुनाया गया। हालांकि आरोपपत्र में इससे अधिक लोगों के नाम आरोपी के तौर पर दर्ज थे और कुछ आरोपी फरार/वांछित बताए गए हैं।

आखिर हमला क्यों किया गया था?
हमले के उद्देश्य को लेकर जांच और सार्वजनिक रिपोर्टों में कांग्रेस के राजनीतिक नेतृत्व को निशाना बनाने की बात सामने आई है। खास तौर पर तत्कालीन कांग्रेस नेता महेंद्र कर्मा माओवादियों के निशाने पर बताए गए, क्योंकि वे माओवादी विरोधी सलवा जुडूम अभियान से जुड़े प्रमुख नेताओं में थे।

हालांकि पूरे हमले के पीछे के उद्देश्य को एक ही कारण तक सीमित करना उचित नहीं होगा। उस समय बस्तर क्षेत्र में माओवादी हिंसा, सुरक्षा अभियानों और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर तनाव पहले से मौजूद था।

कांग्रेस के कौन-कौन से बड़े नेता मारे गए?
झीरम घाटी हमले में कांग्रेस के कई बड़े नेता मारे गए। इस हमले में कांग्रेस नेताओं, आम नागरिकों और 10 सुरक्षाकर्मियों समेत 29 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 30 से अधिक लोग घायल हुए थे। मारे गए लोगों में प्रमुख कांग्रेस नेताओं में…

विद्या चरण शुक्ल – पूर्व केंद्रीय मंत्री, हमले में गंभीर रूप से घायल हुए और बाद में उनकी मृत्यु हुई

नंद कुमार पटेल – तत्कालीन छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष

दिनेश पटेल – नंद कुमार पटेल के बेटे

महेंद्र कर्मा – कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष

उदय मुदलियार – कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक

इनके अलावा पार्टी कार्यकर्ता, आम नागरिक और सुरक्षाकर्मी भी हमले में मारे गए।

उस दिन क्या हुआ था?
कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव से पहले ‘परिवर्तन यात्रा’ निकाली थी। यात्रा के बाद नेताओं का काफिला बस्तर के रास्ते लौट रहा था। झीरम घाटी के पास माओवादियों ने काफिले को घेर लिया और हमला शुरू कर दिया। NIA के रिकॉर्ड के अनुसार हमले में हथियार और गोला-बारूद भी लूटा गया था। जांच में दो AK-47 राइफल, एक 9mm पिस्टल, हैंड ग्रेनेड और अन्य सामान के लूटे/गायब होने का उल्लेख है।

जांच कैसे आगे बढ़ी?
हमले के बाद मामला पहले छत्तीसगढ़ पुलिस ने दर्ज किया। केंद्र सरकार ने इसके बाद NIA को जांच सौंपी। साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार ने घटना की न्यायिक जांच के लिए तत्कालीन हाईकोर्ट जज न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में आयोग बनाया था। NIA की जांच के बाद मामला अदालत में पहुंचा और लंबे समय तक सुनवाई चलती रही। 5 सितंबर 2026 को विशेष NIA अदालत ने ट्रायल का सामना कर रहे 10 आरोपियों को दोषी ठहराया। 16 सितंबर 2026 को अदालत ने सभी 10 को मृत्युदंड सुनाया।

झीरम घाटी हमला इतना महत्वपूर्ण क्यों माना जाता है?
झीरम घाटी हमला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें छत्तीसगढ़ कांग्रेस के एक बड़े हिस्से का नेतृत्व एक ही हमले में मारा गया था। घटना ने राज्य की राजनीति और माओवादी हिंसा के बीच संबंधों पर देशभर में चर्चा छेड़ दी थी।

13 साल बाद आया अदालत का फैसला अब इस मामले की कानूनी प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। मृत्युदंड के फैसले के बाद दोषियों के पास कानून के तहत उपलब्ध आगे की न्यायिक प्रक्रिया का रास्ता रहेगा।

वे माओवादी जिन्हें आरोपी बनाया गया था, अब मिली फांसी
झीरम घाटी के हमले को नक्सली संगठन के टॉप लीडरों ने प्लान किया है। जानकारी के अनुसार, झीरम घाटी हमले का मास्टरमाइंड हिडमा था। 25 मई 2013 को यह हमला हुआ था। माओवादियों ने बस्तर जिले के दरभा थाना क्षेत्र के झीरम घाटी इलाके में एक राष्ट्रीय राजमार्ग पर कांग्रेस की ‘परिवर्तन यात्रा’ पर घात लगाकर हमला किया था। हमला करने वाले सभी नक्सली संगठन के मेंबर थे। आरोपियों में जो शामिल थे, उनमें…

    प्रमिला कोडियाम उर्फ ज्योति
    बंजामी उर्फ सन्ना
    अयाता मरकारम
    कवासी कोसा
    चौतू उर्फ मुन्ना
    कवासी
    महादेव नाग
    सुमित्रा
    मुक्का मंडावी
    मड़कामी देवा

बता दें कि, जांच एजेंसी एनआईए ने इस मामले में लंबी और विस्तृत जांच के बाद साल 2015 में कोर्ट में करीब एक हजार पन्नों की चार्जशीट पेश की थी। इस चार्जशीट में शुरुआत में 11 लोगों को आरोपी बनाया गया था।

NIA की जांच पर सवाल, बड़े नक्सली कमांडरों को लेकर उठाई आपत्ति
शिवनारायण द्विवेदी ने NIA की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि मामले में छोटे स्तर के नक्सलियों को आरोपी बनाया गया, लेकिन हमले में कथित रूप से शामिल बड़े नक्सली कमांडरों को जांच के दायरे में नहीं लाया गया. उन्होंने दावा किया कि झीरम हमले को करीब 300 नक्सलियों ने अंजाम दिया था और इसमें कई बड़े कमांडर शामिल थे. द्विवेदी का सवाल है कि इतनी बड़ी घटना के लिए केवल छोटे स्तर के लोगों को दोषी ठहराने से क्या हमले की पूरी सच्चाई सामने आ पाएगी? उन्होंने कहा कि NIA की जांच किस दिशा में हुई, यह शुरू से ही उनके लिए सवाल का विषय रहा है। 

खुद घायल हुए, प्रत्यक्षदर्शी होने का दावा, फिर भी बयान नहीं लिया गया
झीरम हमले में खुद गोली लगने से घायल हुए शिवनारायण द्विवेदी ने जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि घटना के समय वे मौके पर मौजूद थे और पूरे घटनाक्रम के प्रत्यक्षदर्शी हैं. इसके बावजूद उनका बयान दर्ज नहीं किया गया. द्विवेदी ने कहा कि घटना के पीड़ितों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जांच के लिए महत्वपूर्ण होते हैं, लेकिन उनकी बात को जांच में शामिल नहीं किया गया. उन्होंने इसे पीड़ितों के साथ बड़ा अन्याय बताया। 

राजनीतिक षड्यंत्र की जांच नहीं होने का आरोप
शिवनारायण द्विवेदी ने झीरम हमले के पीछे कथित राजनीतिक षड्यंत्र की जांच नहीं किए जाने पर भी सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि वे शुरू से ही इस मामले में राजनीतिक षड्यंत्र की जांच की मांग करते रहे हैं. उनका कहना है कि NIA को हमले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करनी चाहिए थी. द्विवेदी ने मांग की कि बड़े नक्सली नेताओं और कमांडरों से पूछताछ होनी चाहिए, ताकि हमले की पूरी सच्चाई सामने आ सके. उन्होंने कहा कि जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य छूट गए हैं, जिन पर आगे भी लड़ाई जारी रहेगी। 

सरेंडर करने वाले कथित कमांडरों से पूछताछ की मांग
शिवनारायण द्विवेदी ने झीरम हमले में कथित रूप से शामिल रहे नक्सली कमांडर देवा का जिक्र करते हुए उसके सरेंडर का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति के तहत किसी नक्सली के सरेंडर करने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि वे सरकार की पुनर्वास नीति के खिलाफ नहीं हैं. हालांकि, उनका सवाल है कि इतनी बड़ी घटना में कथित भूमिका रखने वाले लोगों से पूछताछ क्यों नहीं की गई? द्विवेदी ने कहा कि यदि बड़े नक्सली कमांडर जांच के दायरे से बाहर रह जाते हैं और छोटे स्तर के लोगों को सजा मिलती है, तो इससे न्याय की प्रक्रिया पर सवाल खड़े होते हैं। 

छोटे नक्सलियों को सजा, बड़े कमांडरों पर सवाल बरकरार
शिवनारायण द्विवेदी ने कहा कि मामले में जिन लोगों को दोषी ठहराया गया है, उनमें कई ऐसे लोग हैं, जो कथित तौर पर छोटे स्तर पर काम करते थे. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग बर्तन और लकड़ी उठाने जैसे काम करते थे. द्विवेदी का कहना है कि इतने बड़े हमले को अंजाम देने में बड़े स्तर के कमांडरों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए थी. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इतनी बड़ी घटना के पीछे जिम्मेदार सभी लोगों को कटघरे में क्यों नहीं लाया गया? हालांकि, उन्होंने न्यायालय के फैसले का सम्मान करने की बात दोहराई। 

हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई जारी रखने का ऐलान
शिवनारायण द्विवेदी ने कहा कि वे झीरम हमले के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए आगे भी अपनी लड़ाई जारी रखेंगे. उन्होंने कहा कि NIA की जांच में जिन तथ्यों को कथित तौर पर नजरअंदाज किया गया है, उन्हें लेकर वे आगे कदम उठाएंगे. द्विवेदी ने कहा कि जरूरत पड़ने पर वे हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे. उनकी मांग है कि पीड़ितों के बयान दर्ज किए जाएं, बड़े नक्सली कमांडरों से पूछताछ हो और कथित राजनीतिक षड्यंत्र की जांच की जाए। 

Tags: featuredJhiram Ghati
Previous Post

IPL 2027 Auction भारत में होगी, BCCI ने विदेश में नीलामी कराने का फैसला बदला

Next Post

ओवैसी को रामेश्वर शर्मा का दो टूक जवाब: हैदराबाद तुम्हारे बाप का नहीं, भारत का है, मैं भी हैदराबाद आऊंगा

Insight TV Admin

Insight TV Admin

Next Post
ओवैसी को रामेश्वर शर्मा का दो टूक जवाब: हैदराबाद तुम्हारे बाप का नहीं, भारत का है, मैं भी हैदराबाद आऊंगा

ओवैसी को रामेश्वर शर्मा का दो टूक जवाब: हैदराबाद तुम्हारे बाप का नहीं, भारत का है, मैं भी हैदराबाद आऊंगा

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Latest
  • Trending
  • Comments
सेवा संकल्प अभियान : केन्द्र की आजीविका मिशन और बिहान के सहयोग से सीता मरावी ने रचा आत्मनिर्भरता का नया अध्याय

सेवा संकल्प अभियान : केन्द्र की आजीविका मिशन और बिहान के सहयोग से सीता मरावी ने रचा आत्मनिर्भरता का नया अध्याय

September 17, 2026
बैंक कॉलोनी में अनुमति के विपरीत निर्माण करने पर 18 दुकानों पर निगम का चला बुल्डोजर  

बैंक कॉलोनी में अनुमति के विपरीत निर्माण करने पर 18 दुकानों पर निगम का चला बुल्डोजर  

September 17, 2026
विश्वकर्मा जयंती पर राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन में मुख्यमंत्री ने श्रमिक हित में की तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं

विश्वकर्मा जयंती पर राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन में मुख्यमंत्री ने श्रमिक हित में की तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं

September 17, 2026
रूस प्रतिबंध बिल अमेरिकी संसद से पास, ट्रंप को भारत पर 100% तक टैरिफ लगाने का अधिकार

रूस प्रतिबंध बिल अमेरिकी संसद से पास, ट्रंप को भारत पर 100% तक टैरिफ लगाने का अधिकार

September 17, 2026
विश्वकर्मा जयंती पर मंत्री कृष्णा गौर ने की पूजा, सृजन और राष्ट्र निर्माण का दिया संदेश

विश्वकर्मा जयंती पर मंत्री कृष्णा गौर ने की पूजा, सृजन और राष्ट्र निर्माण का दिया संदेश

September 17, 2026
रीवा में उपचार में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई, डॉ. सोनल अग्रवाल की सेवाएं समाप्त

रीवा में उपचार में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई, डॉ. सोनल अग्रवाल की सेवाएं समाप्त

September 17, 2026
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 के लिए भारत नहीं आएगा पाकिस्तान, न्यूट्रल वेन्यू की रखी मांग

एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 के लिए भारत नहीं आएगा पाकिस्तान, न्यूट्रल वेन्यू की रखी मांग

September 17, 2026
राज्यपाल पटेल ने लोकभवन में रक्तदान-स्वास्थ्य शिविर का किया शुभारंभ, 370 लोग हुए शामिल

राज्यपाल पटेल ने लोकभवन में रक्तदान-स्वास्थ्य शिविर का किया शुभारंभ, 370 लोग हुए शामिल

September 17, 2026
प्रधानमंत्री मोदी की हर गारंटी को पूरा कर रही है छत्तीसगढ़ सरकार : मुख्यमंत्री साय

प्रधानमंत्री मोदी की हर गारंटी को पूरा कर रही है छत्तीसगढ़ सरकार : मुख्यमंत्री साय

December 5, 2025
रायपुर : नेचुरोपैथी भवन निर्माण के लिए दी 2 करोड़ 62 लाख रूपये की सौगात

रायपुर : नेचुरोपैथी भवन निर्माण के लिए दी 2 करोड़ 62 लाख रूपये की सौगात

December 8, 2025
विधायक गोपालसिंह इंजीनियर के प्रयास रंग लाये,50 ग्राम पंचायतों में 25-25 लाख के सामुदायिक भवन निर्माण की मिली स्वीकृति

विधायक गोपालसिंह इंजीनियर के प्रयास रंग लाये,50 ग्राम पंचायतों में 25-25 लाख के सामुदायिक भवन निर्माण की मिली स्वीकृति

November 29, 2025
IND vs AUS: टी20 सीरीज का बदला टाइम, कितने बजे शुरू होगा कैनबरा में पहला मुकाबला?

IND vs AUS: टी20 सीरीज का बदला टाइम, कितने बजे शुरू होगा कैनबरा में पहला मुकाबला?

October 26, 2025
बिहार में एनडीए को  प्रचंड जनादेश  मोदी-नीतीश का करिश्माई नेतृत्व और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्ट्रेटेजिक ब्रेकथ्रू

बिहार में एनडीए को प्रचंड जनादेश मोदी-नीतीश का करिश्माई नेतृत्व और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्ट्रेटेजिक ब्रेकथ्रू

November 14, 2025
डंकुनी–सूरत कॉरिडोर का असर: दुर्ग के 25 गांवों की जमीन की खरीद-फरोख्त पर लगी रोक

डंकुनी–सूरत कॉरिडोर का असर: दुर्ग के 25 गांवों की जमीन की खरीद-फरोख्त पर लगी रोक

June 10, 2026

मानसिक स्वास्थ्य पर खुला संवाद जरूरी, विद्यार्थियों को मिला सकारात्मक जीवन का मंत्र

August 5, 2026
RSS कार्यालय पहुंचे इंदौर कलेक्टर, जीतू पटवारी ने शिवम वर्मा पर उठाए सवाल – ‘अधिकारी नहीं, BJP कार्यकर्ता की तरह काम कर रहे’

RSS कार्यालय पहुंचे इंदौर कलेक्टर, जीतू पटवारी ने शिवम वर्मा पर उठाए सवाल – ‘अधिकारी नहीं, BJP कार्यकर्ता की तरह काम कर रहे’

January 9, 2026
ब्रह्मास्त्र: ब्रह्मोस से भी ताकतवर, दुश्मन के एयर डिफेंस जोन में बिना घुसे करेगा तबाही

ब्रह्मास्त्र: ब्रह्मोस से भी ताकतवर, दुश्मन के एयर डिफेंस जोन में बिना घुसे करेगा तबाही

0
महाराष्ट्र में भारी बारिश का अलर्ट, मुंबई में येलो चेतावनी जारी

महाराष्ट्र में भारी बारिश का अलर्ट, मुंबई में येलो चेतावनी जारी

0
कोयंबटूर में सेव एनर्जी मुहिम, 122 स्थानों पर लगे मोशन सेंसर सोलर स्ट्रीट लाइट

कोयंबटूर में सेव एनर्जी मुहिम, 122 स्थानों पर लगे मोशन सेंसर सोलर स्ट्रीट लाइट

0
चीन का रोबोटिक कमाल! क्या इंसानों की नौकरियों पर आ गया खतरा?

चीन का रोबोटिक कमाल! क्या इंसानों की नौकरियों पर आ गया खतरा?

0
जर्मनी के रेडलाइट इलाकों में बढ़ी चीनी लड़कियों की मौजूदगी, कर रही हैं मोटी कमाई

जर्मनी के रेडलाइट इलाकों में बढ़ी चीनी लड़कियों की मौजूदगी, कर रही हैं मोटी कमाई

0
10 साल में प्रदेश के 69 निजी इंजीनियरिंग कॉलेज बंद, भोपाल और इंदौर सबसे आगे

10 साल में प्रदेश के 69 निजी इंजीनियरिंग कॉलेज बंद, भोपाल और इंदौर सबसे आगे

0
प्रदेश में निर्माण स्थलों के इंजीनियर के साथ ड्रोन से होगी निगरानी

प्रदेश में निर्माण स्थलों के इंजीनियर के साथ ड्रोन से होगी निगरानी

0
नेशनल लोक अदालत 13 सितंबर को: बिजली चोरी और अन्य अनियमितताओं के मामलों में हो सकेंगे समझौते

नेशनल लोक अदालत 13 सितंबर को: बिजली चोरी और अन्य अनियमितताओं के मामलों में हो सकेंगे समझौते

0

About Us

Insight TV News – एक ऑनलाइन मंच है जहाँ देश-विदेश की ताज़ा ख़बरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, तकनीक और व्यवसाय से जुड़ी जानकारियाँ तुरंत उपलब्ध होती हैं। पाठकों को नवीनतम घटनाओं से जोड़े रखती है और हर समय, हर जगह समाचार पढ़ने की सुविधा प्रदान करती है।

Categories

  • अतिथि आलेख
  • इनसाइट फीचर
  • ख़ास मुद्दा
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • देश
  • धर्म ज्योतिष
  • बिज़नेस
  • भोपाल
  • मध्य प्रदेश
  • मध्यप्रदेश स्पेशल
  • मनोरंजन
  • राज्य
  • लाइफस्टाइल
  • विदेश
  • संपादक की कलम से
  • स्पेशल रिपोर्ट

Contact Us

B-29, IT Park, Badwai
Near RGPV, Bhopal (M. P.) – 462033

Mobile: +91 93036 09004
Email: insighttvnews@gmail.com

WhatsApp: +91 93036 09004

  • Home
  • About Us
  • Advertise
  • Contact Us
  • MP Info RSS Feed
  • Privacy Policy

Copyright © 2025 Insight TV News. All Rights Reserved

No Result
View All Result
  • About Us
  • Advertise
  • Contact Us
  • Home
  • MP Info RSS Feed
  • Privacy Policy

Copyright © 2025 Insight TV News. All Rights Reserved