Wednesday, November 4, 2026
  • Insight Corporte
Insight TV News
Advertisement
  • देश
  • विदेश
  • मध्यप्रदेश स्पेशल
  • राज्य
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
  • बिज़नेस
  • खेल
  • मनोरंजन
  • टेक
  • धर्म ज्योतिष
  • लाइफस्टाइल
  • ख़ास मुद्दा
  • इनसाइट फीचर
  • अन्य
    • संपादक की कलम से
    • स्पेशल रिपोर्ट
    • अतिथि आलेख
No Result
View All Result
  • देश
  • विदेश
  • मध्यप्रदेश स्पेशल
  • राज्य
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
  • बिज़नेस
  • खेल
  • मनोरंजन
  • टेक
  • धर्म ज्योतिष
  • लाइफस्टाइल
  • ख़ास मुद्दा
  • इनसाइट फीचर
  • अन्य
    • संपादक की कलम से
    • स्पेशल रिपोर्ट
    • अतिथि आलेख
No Result
View All Result
Insight TV News
No Result
View All Result

अमेरिकी चुनाव में पिया डंडिया की जीत, जानें बाकी भारतवंशी उम्मीदवारों का हाल

Insight TV Admin by Insight TV Admin
November 4, 2026
in विदेश
0
अमेरिकी चुनाव में पिया डंडिया की जीत, जानें बाकी भारतवंशी उम्मीदवारों का हाल
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

न्यूयॉर्क

अमेरिका के मिडटर्म इलेक्शन में भारतीय मूल के उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला हो रहा है. फ्लोरिडा से डेमोक्रेटिक उम्मीदवार पिया डंडिया ने जीत दर्ज की है. वहीं, ओहियो के गवर्नर पद के लिए चुनाव लड़ रहे विवेक रामास्वामी शुरुआती रुझानों में पिछड़ते नजर आ रहे हैं. अमिश शाह, नित्या रमन और सरिता कोमारेड्डी के चुनावी नतीजे अभी साफ नहीं हैं. आइए जानते हैं, इन भारतवंशी उम्मीदवारों का अब तक कैसा रहा प्रदर्शन। 

अमेरिका में 3 नवंबर को मिडटर्म इलेक्शन के लिए मतदान हुआ. इन चुनावों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी का संसद के दोनों सदनों में बहुमत दांव पर है. चुनाव के शुरुआती नतीजों और उपलब्ध अनुमानों के मुताबिक, भारतीय मूल के उम्मीदवारों के प्रदर्शन पर भी सबकी नजर है. फ्लोरिडा से पिया डंडिया की जीत की खबर सामने आई है, जबकि अन्य उम्मीदवारों की सीटों पर मतगणना जारी है. हालांकि, सभी चुनावी नतीजे अभी पूरी तरह फाइनल नहीं हुए हैं। 

पिया डंडिया ने फ्लोरिडा में दर्ज की जीत

भारतीय मूल की डेमोक्रेटिक उम्मीदवार पिया डंडिया ने फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से जीत हासिल की है. डिसीजन डेस्क HQ ने उन्हें इस सीट पर विजेता घोषित किया है. करीब 94 फीसदी वोटों की गिनती के दौरान पिया डंडिया को लगभग 52.2 फीसदी वोट मिले, जबकि उनके रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी केसी अस्कर को करीब 47.8 फीसदी वोट हासिल हुए. इस तरह पिया ने अपने प्रतिद्वंद्वी पर बढ़त बनाते हुए जीत दर्ज की। 

यह सीट रेडिस्ट्रिक्टिंग के बाद ओपन सीट थी, यानी इस चुनाव में कोई मौजूदा सांसद अपनी सीट बचाने के लिए मैदान में नहीं था. पिया डंडिया डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार हैं और पेशे से पूर्व स्कूल प्रिंसिपल रही हैं. उनकी जीत को इस चुनाव में भारतीय मूल के उम्मीदवारों के लिए एक अहम कामयाबी माना जा रहा है. हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, चुनावी आंकड़ों के आधार पर उनकी जीत प्रोजेक्ट की गई है। 

विवेक रामास्वामी ओहियो में हारे
अमेरिका के ओहियो राज्य में गवर्नर पद के चुनाव में डे
मोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन (Amy Acton) ने रिपब्लिकन उम्मीदवार विवेक रामास्वामी को हरा दिया है. Decision Desk HQ ने एमी एक्टन को विजेता घोषित किया है. विवेक रामास्वामी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन हासिल था. इस चुनाव में रामास्वामी की हार के साथ रिपब्लिकन पार्टी को ओहियो के गवर्नर पद पर झटका लगा है. गौरतलब है कि ओहियो में इससे पहले रिपब्लिकन पार्टी का गवर्नर था। 

शुरुआती आंकड़े विवेक रामास्वामी के लिए मुश्किल मुकाबले की ओर इशारा कर रहे थे. रामास्वामी रिपब्लिकन पार्टी की ओर से चुनाव लड़ रहे थे और उन्हें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन हासिल था। 

अमिश शाह की सीट पर नतीजे का इंतजार
भारतीय मूल के अमिश शाह एरिजोना के पहले कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से अमेरिकी संसद के निचले सदन यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स का चुनाव लड़ रहे हैं. इस सीट पर उनका मुकाबला रिपब्लिकन उम्मीदवार जे फीली से है. चुनाव से पहले इस सीट को टॉस-अप यानी कांटे का मुकाबला माना जा रहा था. कुछ चुनावी सर्वे और रेटिंग्स में अमिश शाह को मामूली बढ़त मिलती दिखाई गई थी। 

हालांकि, 4 नवंबर की सुबह तक उपलब्ध जानकारी में इस सीट पर कोई अंतिम चुनावी घोषणा या विस्तृत लाइव आंकड़े सामने नहीं आए हैं. ऐसे में अमिश शाह की जीत या हार को लेकर अभी कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी. मतगणना जारी है और अंतिम नतीजे का इंतजार किया जा रहा है. इस सीट पर जीत हासिल करने वाले उम्मीदवार को अमेरिकी संसद के निचले सदन में जगह मिलेगी। 

नित्या रमन और करेन बास के बीच मुकाबला
भारतीय मूल की नित्या रमन लॉस एंजिल्स के मेयर पद के लिए चुनाव लड़ रही हैं. उनका मुकाबला शहर की मौजूदा मेयर कैरेन बास से है. चुनाव से पहले दोनों उम्मीदवारों के बीच मुकाबला काफी करीबी माना जा रहा था. प्री-इलेक्शन पोल में दोनों को करीब 40-40 फीसदी समर्थन मिलने की बात सामने आई थी। 

4 नवंबर की सुबह तक इस मुकाबले का अंतिम नतीजा स्पष्ट नहीं हुआ था और वोटों की गिनती जारी थी. ऐसे में नित्या रमन की जीत या हार को लेकर फिलहाल कुछ भी कहना संभव नहीं है. कैरेन बास मौजूदा मेयर हैं और इस चुनाव में अपनी कुर्सी बचाने की कोशिश कर रही हैं. वहीं, नित्या रमन के प्रदर्शन पर भी भारतीय मूल के मतदाताओं की नजर बनी हुई है। 

सरिता कोमारेड्डी के सामने लेटिटिया जेम्स की चुनौती
भारतीय मूल की सरिता कोमारेड्डी न्यूयॉर्क के अटॉर्नी जनरल पद के लिए चुनाव मैदान में हैं. उनका मुकाबला डेमोक्रेटिक पार्टी की मौजूदा अटॉर्नी जनरल Letitia James से है. चुनाव से पहले आए सर्वे में लेटिटिया जेम्स को बढ़त मिलती दिखाई गई थी. कुछ प्री-इलेक्शन पोल में दोनों उम्मीदवारों के बीच 13 फीसदी से ज्यादा वोटों का अंतर बताया गया था। 

हालांकि, चुनावी मुकाबले का अंतिम नतीजा अभी सामने नहीं आया है. मतगणना पूरी होने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि सरिता कोमारेड्डी इस चुनाव में जीत हासिल कर पाती हैं या नहीं. फिलहाल उपलब्ध शुरुआती जानकारी के मुताबिक, लेटिटिया जेम्स को चुनाव से पहले मजबूत दावेदार माना जा रहा था। 

अमेरिका में क्यों होता है मिडटर्म इलेक्शन?
अमेरिका में राष्ट्रपति का कार्यकाल चार साल का होता है. राष्ट्रपति चुनाव के ठीक दो साल बाद मिडटर्म इलेक्शन कराया जाता है. इसे राष्ट्रपति के कार्यकाल के बीच में होने वाला चुनाव कहा जाता है. इसमें अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सभी 435 सीटों पर मतदान होता है. इसके अलावा सीनेट की करीब एक तिहाई सीटों और कई राज्यों में गवर्नर सहित दूसरे पदों के लिए भी चुनाव कराए जाते हैं। 

अमेरिकी संसद के दो सदन हैं. पहला हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स यानी प्रतिनिधि सभा, जिसे निचला सदन कहा जाता है. इसमें कुल 435 सदस्य होते हैं और सभी का कार्यकाल दो साल का होता है. दूसरा सदन सीनेट है, जिसमें कुल 100 सदस्य होते हैं. सीनेटरों का कार्यकाल छह साल का होता है, लेकिन हर दो साल में करीब एक तिहाई सीटों पर चुनाव कराया जाता है. इस बार सीनेट की 35 सीटों पर मतदान हो रहा है, जिनमें फ्लोरिडा और ओहियो की खाली हुई सीटों के लिए विशेष चुनाव भी शामिल हैं। 

ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत दांव पर
मौजूदा राजनीतिक स्थिति में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को संसद के दोनों सदनों में बहुमत हासिल है. प्रतिनिधि सभा में बहुमत के लिए 218 सीटों की जरूरत है, जबकि रिपब्लिकन पार्टी के पास 219 सीटें बताई गई हैं. वहीं, सीनेट में बहुमत का आंकड़ा 51 है और रिपब्लिकन पार्टी के पास 53 सीटें हैं. ऐसे में दोनों सदनों में पार्टी का बहुमत बेहद अहम माना जा रहा है। 

अगर रिपब्लिकन पार्टी इनमें से किसी एक सदन में भी बहुमत गंवा देती है, तो राष्ट्रपति ट्रंप के लिए अपने एजेंडे से जुड़े कानून पास कराना मुश्किल हो सकता है. विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी को संसद में ज्यादा ताकत मिल जाएगी और सरकार के फैसलों पर निगरानी भी बढ़ सकती है. यही वजह है कि मिडटर्म इलेक्शन को ट्रंप प्रशासन के लिए एक बड़ी राजनीतिक परीक्षा माना जा रहा है. इन नतीजों से आने वाले दो साल में अमेरिकी राजनीति की दिशा भी तय हो सकती है। 

5.70 करोड़ से ज्यादा लोगों ने पहले ही किया मतदान
अमेरिका में मतदान के दिन से पहले ही अर्ली वोटिंग के जरिए 5 करोड़ 70 लाख से ज्यादा मतदाता अपना वोट डाल चुके थे. इनमें करीब 3 करोड़ 20 लाख लोगों ने पोलिंग बूथ पर जाकर मतदान किया. वहीं, लगभग ढाई करोड़ मतदाताओं ने मेल-इन बैलेट के जरिए अपने वोट का इस्तेमाल किया. इस बार पहले से मतदान करने वालों की संख्या 2022 के मिडटर्म इलेक्शन के मुकाबले ज्यादा बताई गई है। 

साल 2022 के मिडटर्म चुनाव में मतदान के दिन से पहले करीब 4 करोड़ 60 लाख लोगों ने वोट डाला था. इस बार यह आंकड़ा बढ़कर 5 करोड़ 70 लाख से अधिक पहुंच गया. इससे पता चलता है कि अमेरिकी चुनाव में अर्ली वोटिंग और मेल-इन बैलेट की भूमिका लगातार बढ़ रही है. चुनाव में मतदान का यह तरीका उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों के लिए भी काफी महत्वपूर्ण हो गया है। 

20 मिडटर्म चुनाव, 18 बार हारी राष्ट्रपति की पार्टी
अमेरिका के पिछले मिडटर्म चुनावों का इतिहास बताता है कि राष्ट्रपति की पार्टी को अक्सर इन चुनावों में नुकसान उठाना पड़ा है. पिछले 20 मिडटर्म चुनावों में से 18 बार राष्ट्रपति की पार्टी को हार का सामना करना पड़ा. सिर्फ दो मौकों पर राष्ट्रपति की पार्टी मिडटर्म चुनाव में अपनी स्थिति बेहतर रखने में कामयाब रही. साल 1998 में बिल क्लिंटन और 2002 में जॉर्ज बुश की पार्टी ने मिडटर्म चुनाव में जीत हासिल की थी। 

यही राजनीतिक इतिहास इस बार भी डोनाल्ड ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी के लिए चिंता का विषय है. चुनाव से पहले ट्रंप ने कहा था कि उनकी पार्टी ने इस बार पूरी ताकत लगा दी है. हालांकि, चुनावी नतीजे ही तय करेंगे कि रिपब्लिकन पार्टी संसद के दोनों सदनों में अपना बहुमत बरकरार रख पाती है या नहीं. अगर पार्टी को नुकसान होता है तो इसका असर ट्रंप के बचे हुए राष्ट्रपति कार्यकाल पर भी पड़ सकता है। 

20 हजार मेल-इन बैलेट पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला
मिडटर्म चुनाव के बीच कैलिफॉर्निया में करीब 20 हजार विवादित मेल-इन बैलेट को लेकर भी मामला चर्चा में रहा. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन चाहता था कि इन बैलेट की गिनती नहीं की जाए. अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से दलील दी गई थी कि इन वोटों में कुछ ऐसे मतदाताओं के भी होने की आशंका है, जो अमेरिकी नागरिक नहीं हैं. इसी आधार पर ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में आपातकालीन अपील की थी। 

हालांकि, कैलिफॉर्निया के अधिकारियों ने संघीय सरकार के आंकड़ों और दलीलों को चुनौती दी थी. उनका कहना था कि इस तरह की कार्रवाई से वैध मतदाताओं के मतदान के अधिकार पर भी असर पड़ सकता है. इससे पहले निचली अदालतें भी ट्रंप प्रशासन की दलील खारिज कर चुकी थीं. अब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने भी इन बैलेट की गिनती रोकने की मांग वाली आपातकालीन अपील खारिज कर दी है. इस फैसले को ट्रंप प्रशासन के लिए झटका माना जा रहा है। 

महंगाई, बेरोजगारी और इमिग्रेशन बने बड़े मुद्दे
अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में महंगाई और बेरोजगारी सबसे बड़े मुद्दों में शामिल रहे. इसके अलावा इमिग्रेशन, टैक्स में कटौती, ईरान युद्ध और इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष को लेकर भी मतदाताओं के बीच चर्चा रही. लगातार बढ़ती महंगाई से अमेरिकी नागरिक परेशान हैं और इसका असर उनके रोजमर्रा के खर्च पर पड़ रहा है. बेरोजगारी और आर्थिक स्थिति को लेकर भी मतदाताओं ने अपनी चिंता जाहिर की है। इमिग्रेशन के मुद्दे पर भी ट्रंप प्रशासन को विरोध का सामना करना पड़ा है. अमेरिका में इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट यानी ICE की ओर से अप्रवासियों के खिलाफ की जा रही गिरफ्तारियों को लेकर कई मतदाता नाराज बताए गए हैं. इसके अलावा टैक्स में कटौती के कारण सरकारी सुविधाओं के लिए फंडिंग कम होने और सेवाओं का स्तर प्रभावित होने की शिकायतें भी सामने आई हैं. वहीं, ईरान युद्ध में अमेरिका की भागीदारी और इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष को लेकर भी मतदाताओं के बीच असंतोष चुनावी चर्चा का हिस्सा रहा। 

क्यों अहम हैं अमेरिकी मिडटर्म चुनाव?

अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और उसकी नीतियों का असर कई देशों पर पड़ता है. ऐसे में मिडटर्म चुनाव के नतीजे सिर्फ अमेरिका की घरेलू राजनीति तक सीमित नहीं रहते. संसद में रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत बरकरार रहता है या डेमोक्रेटिक पार्टी को बढ़त मिलती है, इसका असर अमेरिकी विदेश नीति, व्यापार, रक्षा और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर भी पड़ सकता है। 

भारत सहित दुनिया के कई देशों की नजर इन चुनावों पर है. खासतौर पर अमेरिका की इमिग्रेशन नीति, व्यापारिक फैसलों और विदेश नीति में संभावित बदलावों को लेकर इन नतीजों का महत्व है. भारतीय मूल के उम्मीदवारों की जीत और हार भी इस चुनाव का एक अहम पहलू है. फिलहाल पिया डंडिया की जीत सामने आ चुकी है, जबकि विवेक रामास्वामी, अमिश शाह, नित्या रमन और सरिता कोमारेड्डी के चुनावी नतीजों की तस्वीर पूरी तरह साफ होने का इंतजार है। 

 

Tags: Piya Dandiya
Previous Post

सिंधिया राजपरिवार संपत्ति विवाद में आज प्रतिमा राणा के दर्ज होंगे बयान

Insight TV Admin

Insight TV Admin

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Latest
  • Trending
  • Comments
अमेरिकी चुनाव में पिया डंडिया की जीत, जानें बाकी भारतवंशी उम्मीदवारों का हाल

अमेरिकी चुनाव में पिया डंडिया की जीत, जानें बाकी भारतवंशी उम्मीदवारों का हाल

November 4, 2026
सिंधिया राजपरिवार संपत्ति विवाद में आज प्रतिमा राणा के दर्ज होंगे बयान

सिंधिया राजपरिवार संपत्ति विवाद में आज प्रतिमा राणा के दर्ज होंगे बयान

November 4, 2026
जितेंद्र सिंह का दावा, अभिजीत दिपके को अमेरिका और आशुतोष रांका को पाकिस्तान से फंडिंग

जितेंद्र सिंह का दावा, अभिजीत दिपके को अमेरिका और आशुतोष रांका को पाकिस्तान से फंडिंग

November 4, 2026
75 की उम्र में भी कायम है रजनीकांत का जलवा, जानिए क्यों बरकरार है थलाइवा का स्टारडम

75 की उम्र में भी कायम है रजनीकांत का जलवा, जानिए क्यों बरकरार है थलाइवा का स्टारडम

November 4, 2026
जिस बीमारी का करते थे इलाज, उसी से हार गए जिंदगी की जंग पद्मश्री न्यूरोसर्जन डॉ. अशोक महापात्र

जिस बीमारी का करते थे इलाज, उसी से हार गए जिंदगी की जंग पद्मश्री न्यूरोसर्जन डॉ. अशोक महापात्र

November 4, 2026
भिलाई स्टील प्लांट ने कैश कलेक्शन में बनाया नया रिकॉर्ड, ₹3,041 करोड़ की वसूली

भिलाई स्टील प्लांट ने कैश कलेक्शन में बनाया नया रिकॉर्ड, ₹3,041 करोड़ की वसूली

November 4, 2026
छत्तीसगढ़ में गुणवत्ता नियंत्रण कार्यशाला, डिप्टी सीएम अरुण साव करेंगे शुभारंभ

छत्तीसगढ़ में गुणवत्ता नियंत्रण कार्यशाला, डिप्टी सीएम अरुण साव करेंगे शुभारंभ

November 4, 2026
भोपाल में आज BJP की पदयात्रा, CM मोहन यादव और जेपी नड्डा हुए शामिल

भोपाल में आज BJP की पदयात्रा, CM मोहन यादव और जेपी नड्डा हुए शामिल

November 4, 2026
प्रधानमंत्री मोदी की हर गारंटी को पूरा कर रही है छत्तीसगढ़ सरकार : मुख्यमंत्री साय

प्रधानमंत्री मोदी की हर गारंटी को पूरा कर रही है छत्तीसगढ़ सरकार : मुख्यमंत्री साय

December 5, 2025
रायपुर : नेचुरोपैथी भवन निर्माण के लिए दी 2 करोड़ 62 लाख रूपये की सौगात

रायपुर : नेचुरोपैथी भवन निर्माण के लिए दी 2 करोड़ 62 लाख रूपये की सौगात

December 8, 2025
विधायक गोपालसिंह इंजीनियर के प्रयास रंग लाये,50 ग्राम पंचायतों में 25-25 लाख के सामुदायिक भवन निर्माण की मिली स्वीकृति

विधायक गोपालसिंह इंजीनियर के प्रयास रंग लाये,50 ग्राम पंचायतों में 25-25 लाख के सामुदायिक भवन निर्माण की मिली स्वीकृति

November 29, 2025
IND vs AUS: टी20 सीरीज का बदला टाइम, कितने बजे शुरू होगा कैनबरा में पहला मुकाबला?

IND vs AUS: टी20 सीरीज का बदला टाइम, कितने बजे शुरू होगा कैनबरा में पहला मुकाबला?

October 26, 2025
बिहार में एनडीए को  प्रचंड जनादेश  मोदी-नीतीश का करिश्माई नेतृत्व और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्ट्रेटेजिक ब्रेकथ्रू

बिहार में एनडीए को प्रचंड जनादेश मोदी-नीतीश का करिश्माई नेतृत्व और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्ट्रेटेजिक ब्रेकथ्रू

November 14, 2025
डंकुनी–सूरत कॉरिडोर का असर: दुर्ग के 25 गांवों की जमीन की खरीद-फरोख्त पर लगी रोक

डंकुनी–सूरत कॉरिडोर का असर: दुर्ग के 25 गांवों की जमीन की खरीद-फरोख्त पर लगी रोक

June 10, 2026

मानसिक स्वास्थ्य पर खुला संवाद जरूरी, विद्यार्थियों को मिला सकारात्मक जीवन का मंत्र

August 5, 2026
MMS क्या होता है? जानें कैसे लीक होती हैं प्राइवेट वीडियो और क्या है सजा का प्रावधान

MMS क्या होता है? जानें कैसे लीक होती हैं प्राइवेट वीडियो और क्या है सजा का प्रावधान

November 28, 2025
ब्रह्मास्त्र: ब्रह्मोस से भी ताकतवर, दुश्मन के एयर डिफेंस जोन में बिना घुसे करेगा तबाही

ब्रह्मास्त्र: ब्रह्मोस से भी ताकतवर, दुश्मन के एयर डिफेंस जोन में बिना घुसे करेगा तबाही

0
महाराष्ट्र में भारी बारिश का अलर्ट, मुंबई में येलो चेतावनी जारी

महाराष्ट्र में भारी बारिश का अलर्ट, मुंबई में येलो चेतावनी जारी

0
कोयंबटूर में सेव एनर्जी मुहिम, 122 स्थानों पर लगे मोशन सेंसर सोलर स्ट्रीट लाइट

कोयंबटूर में सेव एनर्जी मुहिम, 122 स्थानों पर लगे मोशन सेंसर सोलर स्ट्रीट लाइट

0
चीन का रोबोटिक कमाल! क्या इंसानों की नौकरियों पर आ गया खतरा?

चीन का रोबोटिक कमाल! क्या इंसानों की नौकरियों पर आ गया खतरा?

0
जर्मनी के रेडलाइट इलाकों में बढ़ी चीनी लड़कियों की मौजूदगी, कर रही हैं मोटी कमाई

जर्मनी के रेडलाइट इलाकों में बढ़ी चीनी लड़कियों की मौजूदगी, कर रही हैं मोटी कमाई

0
10 साल में प्रदेश के 69 निजी इंजीनियरिंग कॉलेज बंद, भोपाल और इंदौर सबसे आगे

10 साल में प्रदेश के 69 निजी इंजीनियरिंग कॉलेज बंद, भोपाल और इंदौर सबसे आगे

0
प्रदेश में निर्माण स्थलों के इंजीनियर के साथ ड्रोन से होगी निगरानी

प्रदेश में निर्माण स्थलों के इंजीनियर के साथ ड्रोन से होगी निगरानी

0
नेशनल लोक अदालत 13 सितंबर को: बिजली चोरी और अन्य अनियमितताओं के मामलों में हो सकेंगे समझौते

नेशनल लोक अदालत 13 सितंबर को: बिजली चोरी और अन्य अनियमितताओं के मामलों में हो सकेंगे समझौते

0

Recent Posts

  • अमेरिकी चुनाव में पिया डंडिया की जीत, जानें बाकी भारतवंशी उम्मीदवारों का हाल
  • सिंधिया राजपरिवार संपत्ति विवाद में आज प्रतिमा राणा के दर्ज होंगे बयान
  • जितेंद्र सिंह का दावा, अभिजीत दिपके को अमेरिका और आशुतोष रांका को पाकिस्तान से फंडिंग
  • 75 की उम्र में भी कायम है रजनीकांत का जलवा, जानिए क्यों बरकरार है थलाइवा का स्टारडम
  • जिस बीमारी का करते थे इलाज, उसी से हार गए जिंदगी की जंग पद्मश्री न्यूरोसर्जन डॉ. अशोक महापात्र

Recent Comments

No comments to show.

About Us

Insight TV News – एक ऑनलाइन मंच है जहाँ देश-विदेश की ताज़ा ख़बरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, तकनीक और व्यवसाय से जुड़ी जानकारियाँ तुरंत उपलब्ध होती हैं। पाठकों को नवीनतम घटनाओं से जोड़े रखती है और हर समय, हर जगह समाचार पढ़ने की सुविधा प्रदान करती है।

Archives

  • November 2026
  • October 2026
  • September 2026
  • August 2026
  • July 2026
  • June 2026
  • May 2026
  • April 2026
  • March 2026
  • February 2026
  • January 2026
  • December 2025
  • November 2025
  • October 2025
  • September 2025
  • August 2025

Categories

  • अतिथि आलेख
  • इनसाइट फीचर
  • ख़ास मुद्दा
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • देश
  • धर्म ज्योतिष
  • बिज़नेस
  • भोपाल
  • मध्य प्रदेश
  • मध्यप्रदेश स्पेशल
  • मनोरंजन
  • राज्य
  • लाइफस्टाइल
  • विदेश
  • संपादक की कलम से
  • स्पेशल रिपोर्ट

Categories

  • अतिथि आलेख
  • इनसाइट फीचर
  • ख़ास मुद्दा
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • देश
  • धर्म ज्योतिष
  • बिज़नेस
  • भोपाल
  • मध्य प्रदेश
  • मध्यप्रदेश स्पेशल
  • मनोरंजन
  • राज्य
  • लाइफस्टाइल
  • विदेश
  • संपादक की कलम से
  • स्पेशल रिपोर्ट

Contact Us

B-29, IT Park, Badwai
Near RGPV, Bhopal (M. P.) – 462033

Mobile: +91 93036 09004
Email: insighttvnews@gmail.com

WhatsApp: +91 93036 09004

  • Home
  • About Us
  • Advertise
  • Contact Us
  • MP Info RSS Feed
  • Privacy Policy

Copyright © 2025 Insight TV News. All Rights Reserved

No Result
View All Result
  • About Us
  • Advertise
  • Contact Us
  • Home
  • MP Info RSS Feed
  • Privacy Policy

Copyright © 2025 Insight TV News. All Rights Reserved