भोपाल
मप्र के 9 आईएएस अफसरों ने कलेक्टर और अपर कलेक्टर रहते हुए आदिवासियों की अरबों रुपए की करीब 1500 एकड़ जमीन गैर आदिवासियों को बेचे जाने की अनुमति दी थी। इंदौर जिले में लगभग 500 एकड़ आदिवासियों की जमीन गैर आदिवासियों को बेचने की अनुमति दी गई। बड़े मामलों में ये अनुमतियां इंदौर में कलेक्टर रहे 6 आईएएस ने दी। इनमें 28 केस में तो सीधे कलेक्टरों ने अनुमति दी, जबकि 72 में अपर कलेक्टर ने दीं। यह जानकारी गुरुवार को विधानसभा में कांग्रेस विधायक बाला बच्चन के सवाल के जवाब में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने दी है। खास बात यह है कि खंडवा जिले में सबसे ज्यादा 288.631 हैक्टेयर जमीन गैर आदिवासियों को बेचे जाने की अनुमति 2009 से 2023 के बीच कलेक्टर रहते दी गई, उनके नाम नहीं दिए हैं।
बड़वानी में 4, खरगौन में 11 और धार में 143 प्रकरणों में आदिवासियों की जमीन गैर आदिवासियों को बेचने की अनुमति दी गई, लेकिन किन कलेक्टरों ने अनुमति दीं, यह नहीं बताया है।
इन तत्कालीन कलेक्टर, अपर कलेक्टरों ने दी परमिशन… राकेश श्रीवास्तव(9.94 हैक्टे.), राघवेंद्र सिंह (2.25 हैक्टे.), पी नरहरि (6.20 हैक्टे.), इलैया राजा टी (1 हैक्टे.), निशांत वरवड़े (2.5 हैक्टे.), आनंद शर्मा (1.25 हैक्टे.), रवींद्र सिंह (1.92 हैक्टे.),आशुतोष अवस्थी (192 हैक्टे.) और जेपी आइरिन (4 हैक्टे.)।


























