भोपाल
मध्यप्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है. दरअसल राज्य सरकार ने कर्मचारियों के हित में बड़ा कदम उठाते हुए विभागों में लंबित पदोन्नति प्रक्रिया की रफ्तार तेज कर दी है. मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों को अब तक की गई और रुकी हुई पदोन्नतियों का पूरा विवरण आज ही आनलाइन पोर्टल पर दर्ज करने का आदेश दिया है. इससे अब बिना किसी देरी या पक्षपात के हर पात्र कर्मचारी को समय पर उच्च पद और बढ़े हुए वेतन का लाभ मिलना सुनिश्चित हो सकेगा।
आज ही अपलोड होगी जानकारी, जल्द दूर होंगी प्रमोशन की अड़चनें
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार सभी विभागों को अपनी पदोन्नति प्रक्रिया का पूरा ब्यौरा निर्धारित आनलाइन लिंक पर अनिवार्य रूप से दर्ज करना होगा. सरकार के इस फैसले से अब फाइलों में होने वाली देरी खत्म होगी और कर्मचारियों को उनके हक का प्रमोशन समय पर मिल सकेगा।
डिजिटल ट्रैकिंग से रुकेगी लेट लतीफी और मनमानी
इस आनलाइन व्यवस्था से पूरी पदोन्नति प्रक्रिया पारदर्शी हो जाएगी. शासन सीधे मॉनिटर कर सकेगा कि किस कर्मचारी का प्रमोशन कहां और क्यों अटका हुआ है. इससे बाबूशाही और मनमानी पर लगाम लगेगी और पात्र कर्मचारियों को बिना भटके उनका अधिकार मिलेगा।
लोक सेवा पदोन्नति नियम 2025, मुख्यमंत्री खुद करेंगे समीक्षा
मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव लोक सेवा पदोन्नति नियम 2025 के तहत पिछले नौ दिनों में विभागों द्वारा की गई प्रमोशन की कार्रवाई का पूरा रिकार्ड खंगालने जा रहे हैं. मुख्यमंत्री की इस सीधी समीक्षा से उन विभागों की पोल खुलेगी जहां कर्मचारियों के प्रमोशन के मामले बेवजह लंबित रखे गए हैं, जिससे प्रक्रिया में तेजी आएगी।
मंत्रियों और अफसरों को सख्त निर्देश, किसी भी वर्ग के साथ नहीं होगा अन्याय
हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया था कि सभी विभागों में पात्र अधिकारियों और कर्मचारियों की पदोन्नति बिना किसी भेदभाव के तय समय पर पूरी की जाए. सरकार का संकल्प है कि हर वर्ग के कर्मचारियों को उनके काम और वरिष्ठता का पूरा लाभ मिले।
कर्मचारी कल्याण के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता
इसस पूर्व बुधवार को मंत्रालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का कर्मचारी कल्याण समिति, मंत्रालय कर्मचारी संघ और अजाक्स के पदाधिकारियों द्वारा ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत किया गया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि वे पूरी तरह कर्मचारी हितों के साथ हैं और किसी भी स्तर पर योग्य कर्मचारियों का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।


























