Saturday, November 7, 2026
  • Insight Corporte
Insight TV News
Advertisement
  • देश
  • विदेश
  • मध्यप्रदेश स्पेशल
  • राज्य
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
  • बिज़नेस
  • खेल
  • मनोरंजन
  • टेक
  • धर्म ज्योतिष
  • लाइफस्टाइल
  • ख़ास मुद्दा
  • इनसाइट फीचर
  • अन्य
    • संपादक की कलम से
    • स्पेशल रिपोर्ट
    • अतिथि आलेख
No Result
View All Result
  • देश
  • विदेश
  • मध्यप्रदेश स्पेशल
  • राज्य
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
  • बिज़नेस
  • खेल
  • मनोरंजन
  • टेक
  • धर्म ज्योतिष
  • लाइफस्टाइल
  • ख़ास मुद्दा
  • इनसाइट फीचर
  • अन्य
    • संपादक की कलम से
    • स्पेशल रिपोर्ट
    • अतिथि आलेख
No Result
View All Result
Insight TV News
No Result
View All Result

न आसियान न अमेरिका: डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी के बीच बढ़ती दूरी की वजह क्या है?

Insight TV Admin by Insight TV Admin
October 27, 2025
in देश
0
न आसियान न अमेरिका: डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी के बीच बढ़ती दूरी की वजह क्या है?
0
SHARES
3
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली

कभी मंच साझा करते हुए ‘दो मजबूत नेताओं’ की दोस्ती का प्रतीक माने जाने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच अब रिश्तों की गर्माहट noticeably कम हो गई है। न अमेरिका में आमने-सामने मुलाकात, न किसी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में साझा उपस्थिति बस औपचारिक बधाइयों और प्रशंसाओं का सिलसिला जारी है। सवाल उठ रहा है कि आखिर दोनों के बीच यह दूरी क्यों बढ़ रही है?  

निमंत्रण पर ‘ना’ और बढ़ती खामोशी

इस साल जून में ट्रंप ने पीएम मोदी को कनाडा से लौटते वक्त अमेरिका रुकने का निमंत्रण दिया, मगर मोदी ने वह प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया। इसके बाद शर्म अल-शेख सम्मेलन के लिए भी आमंत्रण आया — जो ट्रंप की मध्यपूर्व शांति पहल का जश्न था पर प्रधानमंत्री ने इसमें भी शिरकत नहीं की और भारत की ओर से एक जूनियर मंत्री को भेजा गया। अब जब ट्रंप मलेशिया में हो रहे आसियान शिखर सम्मेलन में पहुंचे, मोदी ने वहां भी वर्चुअल माध्यम से भाग लिया। यह पिछले एक दशक में दूसरा मौका है जब प्रधानमंत्री ने आसियान मंच पर भौतिक उपस्थिति दर्ज नहीं की।

आगामी नवंबर में जब दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में G20 शिखर सम्मेलन होगा, ट्रंप ने पहले ही साफ कर दिया है कि वे उसमें शामिल नहीं होंगे। यानि, दोनों नेताओं की आमने-सामने मुलाकात अब लगभग एक साल बाद ही संभव दिख रही है। 

अब ट्रंप मलेशिया में आयोजित आसियान शिखर सम्मेलन में हैं, जिसमें पीएम मोदी ने भाग नहीं लिया, बल्कि वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए. यह पिछले दस वर्षों में सिर्फ दूसरी बार है, जब उन्होंने आसियान सम्मेलन में उपस्थिति नहीं दर्ज की.

और अब नवंबर में प्रधानमंत्री दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग जाने वाले हैं, जहां G20 शिखर सम्मेलन आयोजित होगा. लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति पहले ही कह चुके हैं कि वे उस सम्मेलन में शामिल नहीं होंगे.

इसका मतलब है कि दोनों नेताओं की आमने-सामने मुलाकात अब लगभग एक साल तक नहीं होगी. पिछली बार उनकी मुलाकात फरवरी में वॉशिंगटन डीसी में हुई थी. कई लोगों को यह दूरी कुछ अजीब लग रही है. क्वाड शिखर सम्मेलन की तारीख को लेकर भी अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.

कभी दो ‘मजबूत नेताओं’ के बीच हाई-प्रोफाइल ‘ब्रोमांस’ कहा जाने वाला रिश्ता अब एक अजीब कूटनीतिक दूरी में बदल गया है. अब मुलाकातें कम हो गई हैं. हाल ही में दोनों नेताओं के बीच तीन बार फोन पर बातचीत हुई है, लेकिन कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया. इस बीच सार्वजनिक बयानों में गर्मजोशी बनी हुई है. पीएम मोदी ट्रंप की ‘शांति प्रयासों’ की प्रशंसा करते हैं और ट्रंप उन्हें ‘अच्छा दोस्त’ कहते हैं, लेकिन सतह के नीचे यह रिश्ता कुछ तनावपूर्ण दिखाई देता है.

तो सवाल है कि आखिर दोनों एक-दूसरे से बच क्यों रहे हैं?

पुरानी नज़दीकी कैसे बन गई दूरी

2019-2020 के दौरान मोदी-ट्रंप के रिश्ते बहुत सार्वजनिक रूप से मजबूत दिखाई देते थे. ‘हाउडी मोदी!’ और ‘नमस्ते ट्रंप!’ जैसे विशाल आयोजनों ने इस दोस्ती की झलक पूरी दुनिया को दिखाई.

दोनों नेता बड़े वादे करते थे… भारत-अमेरिका व्यापार बढ़ाना, रक्षा सहयोग गहरा करना, ऊर्जा समझौते करना. भारत के लिए ट्रंप एक ऐसे सहयोगी थे, जिनके साथ नई दिल्ली अपनी वैश्विक भूमिका मजबूत करना चाहती थी, जबकि अमेरिका के लिए भारत हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में एक प्रमुख रणनीतिक साझेदार था.

जब ट्रंप ने इस साल की शुरुआत में राष्ट्रपति पद संभाला, तो पीएम मोदी ने फरवरी में उनसे मुलाकात की. दोनों ने अगली मुलाकात भारत में क्वाड शिखर सम्मेलन के दौरान करने का वादा किया, लेकिन मई आते-आते रिश्तों में दरारें दिखने लगीं.

ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान युद्ध रुकवाया था. हालांकि पीएम मोदी ने सार्वजनिक रूप से इस दावे को खारिज कर दिया. जून तक आते-आते दोनों के रिश्ते में तनाव और बढ़ गया.

रिश्ते में खटास के प्रमुख कारण

1. ट्रेड और टैरिफ: अमेरिका ने भारत के साथ व्यापार असंतुलन को लेकर कड़ा रुख अपनाया है. भारत पर 50% तक टैरिफ लगाया गया है और अमेरिका भारत के कृषि और डेयरी क्षेत्र में प्रवेश की मांग कर रहा है. मोदी ने साफ कहा है कि भारत समझौता नहीं करेगा.

2. रूसी तेल का खेल: भारत अभी भी रूस से बड़ी मात्रा में तेल खरीद रहा है. अमेरिका चाहता है कि भारत इसे कम करे. यह विवाद का बड़ा मुद्दा बन गया है. हाल ही में भारत के विदेश मंत्रालय ने ट्रंप के उस दावे को खारिज किया कि भारत ‘लगभग शून्य’ स्तर तक रूसी तेल खरीद घटा देगा.

3. कूटनीतिक छवि: दोनों नेताओं के अपने घरेलू राजनीतिक आधार हैं जो उन्हें ताकतवर छवि बनाए रखने के लिए प्रेरित करते हैं, न कि समझौता करने के लिए.

4. रणनीतिक स्वायत्तता बनाम गठजोड़: भारत हमेशा यह रेखांकित करता है कि वह अपनी स्वतंत्र विदेश नीति पर चलेगा, किसी एक देश के साथ पूरी तरह नहीं जुड़ेगा.

इन सभी तत्वों ने एक गर्मजोशी भरे रिश्ते को कठिन बना दिया है.

क्या मोदी ट्रंप से मुलाकात टाल रहे हैं?

ऐसा प्रतीत होता है कि प्रधानमंत्री मोदी किसी असहज या अनुचित माहौल में बैठक से बचना चाहते हैं. जैसे 47वें आसियान शिखर सम्मेलन (कुआलालंपुर) में उन्होंने वर्चुअल रूप से शामिल होना चुना, जिसे व्यापक रूप से ट्रंप से आमने-सामने मुलाकात से बचने के रूप में देखा गया.

ट्रंप ने अपनी यात्रा के दौरान फिर से यह दावा दोहराया कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान संघर्ष को खत्म कराया और भारत रूस से तेल खरीदना बंद करने वाला है, जबकि भारतीय अधिकारियों ने ऐसे किसी भी फोन कॉल या बातचीत से इनकार किया.

ऐसी स्थितियों में सार्वजनिक विरोधाभास से दोस्ती की छवि कमजोर पड़ती है.

पीएम मोदी यह दिखाना चाहते हैं कि भारत किसी बाहरी दबाव में नहीं झुकेगा. ट्रंप से मिलना और वहां किसी ‘समझौते’ का संकेत देना, घरेलू राजनीति के लिहाज से मोदी के लिए असुविधाजनक हो सकता है. उसी तरह, ट्रंप भी ऐसी बैठक में दिलचस्पी नहीं रखते जहां उन्हें कोई ‘स्पष्ट जीत’ दिखाई न दे. इसलिए भारत का यह रवैया (बहुत जल्दी मुलाकात न करना) एक रणनीतिक लचीलापन बनाए रखने की कोशिश है.

शर्म अल-शेख समिट में क्यों नहीं गए मोदी

पीएम मोदी ने शर्म अल-शेख समिट में शामिल होने के लिए अमेरिकी न्योते को ‘व्यस्त कार्यक्रम’ का हवाला देते हुए ठुकरा दिया. लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि इसके पीछे गहरी कूटनीतिक सोच थी. इस सम्मेलन के दौरान ट्रंप ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को मंच पर बुलाया, जिन्होंने खुलेआम ट्रंप की जमकर तारीफ की. यहां तक कि उन्हें दोबारा नोबेल शांति पुरस्कार के लिए सिफारिश कर डाली.

ट्रंप ने मंच पर ही शरीफ से पूछ लिया, ‘क्या भारत और पाकिस्तान अब अच्छे से रहेंगे?’ यह सब सुनना मोदी के लिए असहज स्थिति होती, क्योंकि उन्होंने बार-बार कहा है कि भारत-पाकिस्तान संघर्षविराम में अमेरिका की कोई भूमिका नहीं थी. इस लिहाज से पीएम मोदी का सम्मेलन में न जाना उनके लिए बेहतर निर्णय साबित हुआ.

भारत की रणनीति

इस पूरी स्थिति को केवल ‘मुलाकात टालने’ के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए. यह भारत की कूटनीतिक रणनीति है ताकि वह बिना दबाव के अपने हितों की रक्षा कर सके.

भारत पर अमेरिकी दबाव खासकर व्यापार और ऊर्जा के मोर्चे पर बढ़ रहा है. ऐसे में मोदी सरकार नहीं चाहती कि किसी बैठक में भारत को कमजोर दिखाया जाए.

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत किसी ‘बंदूक की नोक पर समझौता’ नहीं करेगा. उन्होंने कहा कि व्यापार समझौते दीर्घकालिक साझेदारी और आपसी विश्वास पर आधारित होने चाहिए. ‘जल्दबाजी में नहीं’ और ‘बंदूक की नोक पर कोई सौदा नहीं’ जैसे उनके ये शब्द साफ संकेत देते हैं कि भारत अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखना चाहता है.

आगे क्या है रास्ता?

रिश्ता फिर से पटरी पर साना

अगर दोनों नेता यह समझें कि यह रिश्ता बहुत रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, तो हो सकता है कि दोनों एक नई शुरुआत करें- मुलाकात, व्यापार या रक्षा समझौते की घोषणा और एक ‘रीसेट’.

दूरी बरकरार रखते हुए काम जारी रखना

या फिर यह भी संभव है कि निजी गर्मजोशी घट जाए, लेकिन सरकारी स्तर पर मंत्रालयों और एजेंसियों के जरिए सहयोग जारी रहे. भारत अपनी साझेदारी रूस, चीन और ब्रिक्स देशों के साथ भी बढ़ा सकता है, जबकि अमेरिका से स्थिर लेकिन सीमित संबंध बनाए रखेगा.

कुल मिलाकर कहें तो दोनों नेताओं की व्यक्तिगत केमिस्ट्री मायने रखती है, लेकिन सबकुछ नहीं है. संस्थाएं, व्यापार समझौते और रणनीतिक ढांचे कहीं अधिक टिकाऊ होते हैं… भले ही शिखर सम्मेलन में ‘सेल्फी’ न दिखाई दे.

पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच दिखती दूरी व्यापार विवादों, ऊर्जा राजनीति, रणनीतिक स्वायत्तता और राजनीतिक छवि का मिश्रण है. इसका अर्थ यह नहीं कि भारत-अमेरिका संबंध टूट रहे हैं, बल्कि यह कि पहले जैसी सहज ‘दोस्ती की तस्वीरें’ अब एक सावधान और व्यावहारिक साझेदारी में बदल गई हैं.

 

 

Tags: ASEANfeaturedmodiUS
Previous Post

बारिश ने रोका भारत-ऑस्ट्रेलिया सेमीफाइनल, फाइनल की राह किसकी? जानें गणित

Next Post

गौरवशाली इतिहास से युवा पीढ़ी को जोड़ने का सेतु -मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सांस्कृतिक दृष्टि और ‘सम्राट विक्रमादित्य’ महानाट्य का संदेश

Insight TV Admin

Insight TV Admin

Next Post
गौरवशाली इतिहास से युवा पीढ़ी को जोड़ने का सेतु -मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सांस्कृतिक दृष्टि और ‘सम्राट विक्रमादित्य’ महानाट्य का संदेश

गौरवशाली इतिहास से युवा पीढ़ी को जोड़ने का सेतु -मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सांस्कृतिक दृष्टि और ‘सम्राट विक्रमादित्य’ महानाट्य का संदेश

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Latest
  • Trending
  • Comments
अमेरिकी नागरिकों से ठगी मामले में बड़ा खुलासा, चेतन के बाद कई नेता और पुलिस अधिकारी रडार पर

अमेरिकी नागरिकों से ठगी मामले में बड़ा खुलासा, चेतन के बाद कई नेता और पुलिस अधिकारी रडार पर

November 7, 2026
CG में जज के खिलाफ FIR दर्ज करना TI को पड़ा भारी, SSP ने किया लाइन अटैच

CG में जज के खिलाफ FIR दर्ज करना TI को पड़ा भारी, SSP ने किया लाइन अटैच

November 7, 2026
IND vs NZ: रोमांचक मुकाबले में भारत की जीत, DLS नियम से 7 विकेट गिरने के बाद भी मारी बाजी

IND vs NZ: रोमांचक मुकाबले में भारत की जीत, DLS नियम से 7 विकेट गिरने के बाद भी मारी बाजी

November 7, 2026
दिवाली की सजावट में न करें ये 5 गलतियां, एक चूक से लग सकती है घर में आग

दिवाली की सजावट में न करें ये 5 गलतियां, एक चूक से लग सकती है घर में आग

November 7, 2026
बीजापुर में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, जमीन से जुड़े कामकाज ठप होने के आसार

बीजापुर में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, जमीन से जुड़े कामकाज ठप होने के आसार

November 7, 2026
बस्तर में 43 दिन बाद फिर दौड़ी नाइट एक्सप्रेस, यात्रियों की परेशानी बरकरार

बस्तर में 43 दिन बाद फिर दौड़ी नाइट एक्सप्रेस, यात्रियों की परेशानी बरकरार

November 7, 2026
बस्तर के बाजारों में धनतेरस पर बरसी लक्ष्मी, 110 करोड़ रुपये का हुआ कारोबार

बस्तर के बाजारों में धनतेरस पर बरसी लक्ष्मी, 110 करोड़ रुपये का हुआ कारोबार

November 7, 2026
महू में 100 टन गोबर से बनेगा 25 फीट ऊंचा गोवर्धन पर्वत, CM करेंगे भव्य गोशाला का लोकार्पण

महू में 100 टन गोबर से बनेगा 25 फीट ऊंचा गोवर्धन पर्वत, CM करेंगे भव्य गोशाला का लोकार्पण

November 7, 2026
प्रधानमंत्री मोदी की हर गारंटी को पूरा कर रही है छत्तीसगढ़ सरकार : मुख्यमंत्री साय

प्रधानमंत्री मोदी की हर गारंटी को पूरा कर रही है छत्तीसगढ़ सरकार : मुख्यमंत्री साय

December 5, 2025
रायपुर : नेचुरोपैथी भवन निर्माण के लिए दी 2 करोड़ 62 लाख रूपये की सौगात

रायपुर : नेचुरोपैथी भवन निर्माण के लिए दी 2 करोड़ 62 लाख रूपये की सौगात

December 8, 2025
विधायक गोपालसिंह इंजीनियर के प्रयास रंग लाये,50 ग्राम पंचायतों में 25-25 लाख के सामुदायिक भवन निर्माण की मिली स्वीकृति

विधायक गोपालसिंह इंजीनियर के प्रयास रंग लाये,50 ग्राम पंचायतों में 25-25 लाख के सामुदायिक भवन निर्माण की मिली स्वीकृति

November 29, 2025
IND vs AUS: टी20 सीरीज का बदला टाइम, कितने बजे शुरू होगा कैनबरा में पहला मुकाबला?

IND vs AUS: टी20 सीरीज का बदला टाइम, कितने बजे शुरू होगा कैनबरा में पहला मुकाबला?

October 26, 2025
डंकुनी–सूरत कॉरिडोर का असर: दुर्ग के 25 गांवों की जमीन की खरीद-फरोख्त पर लगी रोक

डंकुनी–सूरत कॉरिडोर का असर: दुर्ग के 25 गांवों की जमीन की खरीद-फरोख्त पर लगी रोक

June 10, 2026
बिहार में एनडीए को  प्रचंड जनादेश  मोदी-नीतीश का करिश्माई नेतृत्व और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्ट्रेटेजिक ब्रेकथ्रू

बिहार में एनडीए को प्रचंड जनादेश मोदी-नीतीश का करिश्माई नेतृत्व और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्ट्रेटेजिक ब्रेकथ्रू

November 14, 2025

मानसिक स्वास्थ्य पर खुला संवाद जरूरी, विद्यार्थियों को मिला सकारात्मक जीवन का मंत्र

August 5, 2026
MMS क्या होता है? जानें कैसे लीक होती हैं प्राइवेट वीडियो और क्या है सजा का प्रावधान

MMS क्या होता है? जानें कैसे लीक होती हैं प्राइवेट वीडियो और क्या है सजा का प्रावधान

November 28, 2025
ब्रह्मास्त्र: ब्रह्मोस से भी ताकतवर, दुश्मन के एयर डिफेंस जोन में बिना घुसे करेगा तबाही

ब्रह्मास्त्र: ब्रह्मोस से भी ताकतवर, दुश्मन के एयर डिफेंस जोन में बिना घुसे करेगा तबाही

0
महाराष्ट्र में भारी बारिश का अलर्ट, मुंबई में येलो चेतावनी जारी

महाराष्ट्र में भारी बारिश का अलर्ट, मुंबई में येलो चेतावनी जारी

0
कोयंबटूर में सेव एनर्जी मुहिम, 122 स्थानों पर लगे मोशन सेंसर सोलर स्ट्रीट लाइट

कोयंबटूर में सेव एनर्जी मुहिम, 122 स्थानों पर लगे मोशन सेंसर सोलर स्ट्रीट लाइट

0
चीन का रोबोटिक कमाल! क्या इंसानों की नौकरियों पर आ गया खतरा?

चीन का रोबोटिक कमाल! क्या इंसानों की नौकरियों पर आ गया खतरा?

0
जर्मनी के रेडलाइट इलाकों में बढ़ी चीनी लड़कियों की मौजूदगी, कर रही हैं मोटी कमाई

जर्मनी के रेडलाइट इलाकों में बढ़ी चीनी लड़कियों की मौजूदगी, कर रही हैं मोटी कमाई

0
10 साल में प्रदेश के 69 निजी इंजीनियरिंग कॉलेज बंद, भोपाल और इंदौर सबसे आगे

10 साल में प्रदेश के 69 निजी इंजीनियरिंग कॉलेज बंद, भोपाल और इंदौर सबसे आगे

0
प्रदेश में निर्माण स्थलों के इंजीनियर के साथ ड्रोन से होगी निगरानी

प्रदेश में निर्माण स्थलों के इंजीनियर के साथ ड्रोन से होगी निगरानी

0
नेशनल लोक अदालत 13 सितंबर को: बिजली चोरी और अन्य अनियमितताओं के मामलों में हो सकेंगे समझौते

नेशनल लोक अदालत 13 सितंबर को: बिजली चोरी और अन्य अनियमितताओं के मामलों में हो सकेंगे समझौते

0

Recent Posts

  • अमेरिकी नागरिकों से ठगी मामले में बड़ा खुलासा, चेतन के बाद कई नेता और पुलिस अधिकारी रडार पर
  • CG में जज के खिलाफ FIR दर्ज करना TI को पड़ा भारी, SSP ने किया लाइन अटैच
  • IND vs NZ: रोमांचक मुकाबले में भारत की जीत, DLS नियम से 7 विकेट गिरने के बाद भी मारी बाजी
  • दिवाली की सजावट में न करें ये 5 गलतियां, एक चूक से लग सकती है घर में आग
  • बीजापुर में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, जमीन से जुड़े कामकाज ठप होने के आसार

Recent Comments

No comments to show.

About Us

Insight TV News – एक ऑनलाइन मंच है जहाँ देश-विदेश की ताज़ा ख़बरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, तकनीक और व्यवसाय से जुड़ी जानकारियाँ तुरंत उपलब्ध होती हैं। पाठकों को नवीनतम घटनाओं से जोड़े रखती है और हर समय, हर जगह समाचार पढ़ने की सुविधा प्रदान करती है।

Archives

  • November 2026
  • October 2026
  • September 2026
  • August 2026
  • July 2026
  • June 2026
  • May 2026
  • April 2026
  • March 2026
  • February 2026
  • January 2026
  • December 2025
  • November 2025
  • October 2025
  • September 2025
  • August 2025

Categories

  • अतिथि आलेख
  • इनसाइट फीचर
  • ख़ास मुद्दा
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • देश
  • धर्म ज्योतिष
  • बिज़नेस
  • भोपाल
  • मध्य प्रदेश
  • मध्यप्रदेश स्पेशल
  • मनोरंजन
  • राज्य
  • लाइफस्टाइल
  • विदेश
  • संपादक की कलम से
  • स्पेशल रिपोर्ट

Categories

  • अतिथि आलेख
  • इनसाइट फीचर
  • ख़ास मुद्दा
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • देश
  • धर्म ज्योतिष
  • बिज़नेस
  • भोपाल
  • मध्य प्रदेश
  • मध्यप्रदेश स्पेशल
  • मनोरंजन
  • राज्य
  • लाइफस्टाइल
  • विदेश
  • संपादक की कलम से
  • स्पेशल रिपोर्ट

Contact Us

B-29, IT Park, Badwai
Near RGPV, Bhopal (M. P.) – 462033

Mobile: +91 93036 09004
Email: insighttvnews@gmail.com

WhatsApp: +91 93036 09004

  • Home
  • About Us
  • Advertise
  • Contact Us
  • MP Info RSS Feed
  • Privacy Policy

Copyright © 2025 Insight TV News. All Rights Reserved

No Result
View All Result
  • About Us
  • Advertise
  • Contact Us
  • Home
  • MP Info RSS Feed
  • Privacy Policy

Copyright © 2025 Insight TV News. All Rights Reserved