Wednesday, February 4, 2026
  • Insight Corporte
Insight TV News
Advertisement
  • देश
  • विदेश
  • मध्यप्रदेश स्पेशल
  • राज्य
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
  • बिज़नेस
  • खेल
  • मनोरंजन
  • टेक
  • धर्म ज्योतिष
  • लाइफस्टाइल
  • ख़ास मुद्दा
  • इनसाइट फीचर
  • अन्य
    • संपादक की कलम से
    • स्पेशल रिपोर्ट
    • अतिथि आलेख
No Result
View All Result
  • देश
  • विदेश
  • मध्यप्रदेश स्पेशल
  • राज्य
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
  • बिज़नेस
  • खेल
  • मनोरंजन
  • टेक
  • धर्म ज्योतिष
  • लाइफस्टाइल
  • ख़ास मुद्दा
  • इनसाइट फीचर
  • अन्य
    • संपादक की कलम से
    • स्पेशल रिपोर्ट
    • अतिथि आलेख
No Result
View All Result
Insight TV News
No Result
View All Result

सीजेआई सूर्यकांत नाराज, ‘पायजामा का नाड़ा तोड़ना रेप नहीं’ टिप्पणी पर विवाद

Insight TV Admin by Insight TV Admin
December 9, 2025
in देश
0
सीजेआई सूर्यकांत नाराज, ‘पायजामा का नाड़ा तोड़ना रेप नहीं’ टिप्पणी पर विवाद
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली

देश की सर्वोच्च अदालत ने यौन अपराधों से जुड़े मामलों में अदालतों द्वारा की जाने वाली टिप्पणियों और फैसले लिखने के तरीके पर एक ऐतिहासिक और कड़ा रुख अपनाया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस विवादित फैसले पर, जिसमें कहा गया था कि ‘पायजामा का नाड़ा तोड़ना और स्तनों को पकड़ना रेप के प्रयास के आरोप के लिए पर्याप्त नहीं है,’ सीजेआई सूर्य कांत ने बेहद सख्त टिप्पणी की है.

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अदालतों को, विशेषकर उच्च न्यायालयों को, फैसले लिखते समय और सुनवाई के दौरान ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण टिप्पणियों से हर हाल में बचना चाहिए. शीर्ष अदालत ने न केवल उस फैसले को खारिज किया, बल्कि यह भी संकेत दिया कि वह अब देश भर की अदालतों के लिए व्यापक दिशानिर्देश जारी करेगी ताकि भविष्य में किसी भी पीड़ित की गरिमा को न्यायिक आदेशों में ठेस न पहुंचे.

संवेदनशीलता की कमी पर सुप्रीम कोर्ट की चिंता

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए गहरी चिंता व्यक्त की. कोर्ट ने माना कि जिस तरह से इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आरोपी के कृत्यों को तकनीकी आधार पर “कम गंभीर” बताया, वह न्यायिक औचित्य के खिलाफ है. सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा, हम व्यापक दिशानिर्देश जारी करेंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि न्यायिक प्रक्रिया में कुछ हद तक संवेदनशीलता बनी रहे. अदालतों को, और खास तौर पर हाईकोर्ट्स को ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण टिप्पणियों से बचना चाहिए जो समाज में गलत संदेश देती हों और पीड़ित के दर्द को कम करके आंकती हों.

यह मामला केवल एक फैसले को पलटने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सुप्रीम कोर्ट ने इसे एक नजीर (Precedent) बनाने का फैसला किया है. कोर्ट का मानना है कि यौन उत्पीड़न के मामलों में अगर जज शारीरिक संपर्क की बारीकियों को लेकर असंवेदनशील व्याख्या करेंगे, तो इसका सीधा असर न्याय प्रणाली पर जनता के भरोसे पर पड़ेगा.

क्या था इलाहाबाद हाईकोर्ट का विवादित फैसला?

इस पूरे विवाद की जड़ इलाहाबाद हाईकोर्ट का वह फैसला था, जिसने कानूनी जगत और समाज दोनों को हैरान कर दिया था. एक मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 376/511 (दुष्कर्म का प्रयास) के तहत लगे आरोपों को हटा दिया था.

हाईकोर्ट ने अपने तर्क में कहा था कि यद्यपि आरोपी ने पीड़िता के स्तनों को पकड़ा और उसके पायजामे का नाड़ा तोड़ा, लेकिन उसने शारीरिक संबंध बनाने का कोई और प्रयास नहीं किया.” इस आधार पर हाईकोर्ट ने इसे रेप का प्रयास न मानते हुए केवल ‘छेड़छाड़’ या महिला की गरिमा भंग करने का मामला माना था. हाईकोर्ट की इस टिप्पणी को सुप्रीम कोर्ट ने बेहद आपत्तिजनक माना. शीर्ष अदालत ने इस पर स्वतः संज्ञान लिया था, जो यह दर्शाता है कि सुप्रीम कोर्ट इस मुद्दे को कितना गंभीर मानता है.

पीड़ित ऐसी स्थिति से समझौता नहीं कर पाएंगे

सुनवाई के दौरान एक बेहद महत्वपूर्ण क्षण तब आया जब जस्टिस सूर्य कांत ने मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा कि अगर अदालतें इस तरह का दृष्टिकोण अपनाएंगी, तो पीड़ित न्याय की उम्मीद कैसे करेंगे? उन्होंने टिप्पणी की, पीड़ित ऐसी स्थिति से समझौता नहीं कर पाएंगे. इसका अर्थ स्पष्ट था, जब एक महिला यौन हिंसा का सामना करती है, तो वह न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक आघात से भी गुजरती है. ऐसे में अगर अदालत यह कहे कि ‘नाड़ा तोड़ना’ रेप की कोशिश नहीं है क्योंकि आरोपी आगे नहीं बढ़ा, तो यह उस मानसिक आघात को नकारने जैसा है जो पीड़िता ने उस क्षण में महसूस किया होगा. सुप्रीम कोर्ट का मानना है कि अपराध की गंभीरता को केवल शारीरिक क्रिया की पूर्णता से नहीं, बल्कि आरोपी के इरादे (Intent) और पीड़िता पर पड़े प्रभाव से मापा जाना चाहिए.

दिशानिर्देश बनाने का सही समय

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि अब समय आ गया है कि इस मुद्दे पर स्पष्ट गाइडलाइन्स बनाई जाएं. कोर्ट ने कहा, दिशानिर्देश बनाने का यही सही समय है, नहीं तो इसका पीड़ितों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. अक्सर देखा गया है कि निचली अदालतें और कई बार हाईकोर्ट्स भी यौन अपराधों के फैसलों में ऐसी भाषा का प्रयोग करते हैं जो पितृसत्तात्मक सोच को दर्शाती है या जो तकनीकी रूप से इतनी रूखी होती है कि उसमें मानवीय संवेदना खो जाती है. सुप्रीम कोर्ट का उद्देश्य अब एक ऐसा फ्रेमवर्क तैयार करना है जो जजों को बताए कि संवेदनशील मामलों में फैसले लिखते समय किन शब्दों का चयन करना है और किन तर्कों से बचना है.

Tags: CJI Surya Kanttop-news
Previous Post

C-130J सुपर हरक्यूलिस के लिए भारत में स्थापित होगा विशाल MRO केंद्र

Next Post

छत्तीसगढ़ में बढ़ेगी सर्दी! मौसम विभाग ने दो दिनों के शीतलहर के दिए संकेत

Insight TV Admin

Insight TV Admin

Next Post
छत्तीसगढ़ में बढ़ेगी सर्दी! मौसम विभाग ने दो दिनों के शीतलहर के दिए संकेत

छत्तीसगढ़ में बढ़ेगी सर्दी! मौसम विभाग ने दो दिनों के शीतलहर के दिए संकेत

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Latest
  • Trending
  • Comments
अब फ्री नहीं रहेगा WhatsApp? पैसे देकर मिलेंगे 5 जबरदस्त प्रीमियम फीचर्स, जानिए सब्सक्रिप्शन लेना फायदेमंद है या नहीं

अब फ्री नहीं रहेगा WhatsApp? पैसे देकर मिलेंगे 5 जबरदस्त प्रीमियम फीचर्स, जानिए सब्सक्रिप्शन लेना फायदेमंद है या नहीं

February 4, 2026
यात्रियों की सुविधा में नया आयाम : पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल के प्रयास से अंबिकापुर-दुर्ग एक्सप्रेस अब रायपुर स्टेशन के प्लेटफॉर्म-1 से चलेगी

यात्रियों की सुविधा में नया आयाम : पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल के प्रयास से अंबिकापुर-दुर्ग एक्सप्रेस अब रायपुर स्टेशन के प्लेटफॉर्म-1 से चलेगी

February 4, 2026
युमनाम खेमचंद सिंह ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, दो डिप्टी सीएम और दो मंत्री भी शपथबद्ध

युमनाम खेमचंद सिंह ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, दो डिप्टी सीएम और दो मंत्री भी शपथबद्ध

February 4, 2026
द्वेषपूर्ण मामलों की समीक्षा कर, विधि सम्मत प्रक्रिया से लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा आवश्यक – उपमुख्यमंत्री  शर्मा

द्वेषपूर्ण मामलों की समीक्षा कर, विधि सम्मत प्रक्रिया से लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा आवश्यक – उपमुख्यमंत्री शर्मा

February 4, 2026
सूर्यकुमार टॉप-5 के दरवाजे पर, ईशान की बड़ी छलांग; ऑलराउंडर रैंकिंग में पाक खिलाड़ी नंबर-1

सूर्यकुमार टॉप-5 के दरवाजे पर, ईशान की बड़ी छलांग; ऑलराउंडर रैंकिंग में पाक खिलाड़ी नंबर-1

February 4, 2026
फार्मर आईडी और प्राकृतिक खेती पर दिया जाए विशेष ध्यान

फार्मर आईडी और प्राकृतिक खेती पर दिया जाए विशेष ध्यान

February 4, 2026
जनकपुर मण्डल में शुभम सिंह बने नए अध्यक्ष, भारतीय जनता युवा मोर्चा में खुशी की लहर

जनकपुर मण्डल में शुभम सिंह बने नए अध्यक्ष, भारतीय जनता युवा मोर्चा में खुशी की लहर

February 4, 2026
ढाई लाख को ढाई करोड़ बनाने वाले तांत्रिक की पिटाई, नोटों की बारिश कराते वीडियो वायरल

ढाई लाख को ढाई करोड़ बनाने वाले तांत्रिक की पिटाई, नोटों की बारिश कराते वीडियो वायरल

February 4, 2026
बिहार में एनडीए को  प्रचंड जनादेश  मोदी-नीतीश का करिश्माई नेतृत्व और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्ट्रेटेजिक ब्रेकथ्रू

बिहार में एनडीए को प्रचंड जनादेश मोदी-नीतीश का करिश्माई नेतृत्व और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्ट्रेटेजिक ब्रेकथ्रू

November 14, 2025
Zoho Vani क्या है? अरट्टई के बाद Zoho का नया Free AI टूल चर्चा में!

Zoho Vani क्या है? अरट्टई के बाद Zoho का नया Free AI टूल चर्चा में!

October 4, 2025
RSS कार्यालय पहुंचे इंदौर कलेक्टर, जीतू पटवारी ने शिवम वर्मा पर उठाए सवाल – ‘अधिकारी नहीं, BJP कार्यकर्ता की तरह काम कर रहे’

RSS कार्यालय पहुंचे इंदौर कलेक्टर, जीतू पटवारी ने शिवम वर्मा पर उठाए सवाल – ‘अधिकारी नहीं, BJP कार्यकर्ता की तरह काम कर रहे’

January 9, 2026
विधायिका और पत्रकारिता – लोकतंत्र के दो सशक्त स्तंभ : भोपाल में “मीडिया संवाद एवं दीपावली मिलन” कार्यक्रम

विधायिका और पत्रकारिता – लोकतंत्र के दो सशक्त स्तंभ : भोपाल में “मीडिया संवाद एवं दीपावली मिलन” कार्यक्रम

October 26, 2025
IND vs AUS: टी20 सीरीज का बदला टाइम, कितने बजे शुरू होगा कैनबरा में पहला मुकाबला?

IND vs AUS: टी20 सीरीज का बदला टाइम, कितने बजे शुरू होगा कैनबरा में पहला मुकाबला?

October 26, 2025
गौरवशाली इतिहास से युवा पीढ़ी को जोड़ने का सेतु -मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सांस्कृतिक दृष्टि और ‘सम्राट विक्रमादित्य’ महानाट्य का संदेश

गौरवशाली इतिहास से युवा पीढ़ी को जोड़ने का सेतु -मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सांस्कृतिक दृष्टि और ‘सम्राट विक्रमादित्य’ महानाट्य का संदेश

October 27, 2025
MMS क्या होता है? जानें कैसे लीक होती हैं प्राइवेट वीडियो और क्या है सजा का प्रावधान

MMS क्या होता है? जानें कैसे लीक होती हैं प्राइवेट वीडियो और क्या है सजा का प्रावधान

November 28, 2025
नीति आयोग का सुझाव: बात-बात पर लाइसेंस और निरीक्षण राज को खत्म किया जाए

नीति आयोग का सुझाव: बात-बात पर लाइसेंस और निरीक्षण राज को खत्म किया जाए

November 27, 2025
ब्रह्मास्त्र: ब्रह्मोस से भी ताकतवर, दुश्मन के एयर डिफेंस जोन में बिना घुसे करेगा तबाही

ब्रह्मास्त्र: ब्रह्मोस से भी ताकतवर, दुश्मन के एयर डिफेंस जोन में बिना घुसे करेगा तबाही

0
महाराष्ट्र में भारी बारिश का अलर्ट, मुंबई में येलो चेतावनी जारी

महाराष्ट्र में भारी बारिश का अलर्ट, मुंबई में येलो चेतावनी जारी

0
कोयंबटूर में सेव एनर्जी मुहिम, 122 स्थानों पर लगे मोशन सेंसर सोलर स्ट्रीट लाइट

कोयंबटूर में सेव एनर्जी मुहिम, 122 स्थानों पर लगे मोशन सेंसर सोलर स्ट्रीट लाइट

0
चीन का रोबोटिक कमाल! क्या इंसानों की नौकरियों पर आ गया खतरा?

चीन का रोबोटिक कमाल! क्या इंसानों की नौकरियों पर आ गया खतरा?

0
जर्मनी के रेडलाइट इलाकों में बढ़ी चीनी लड़कियों की मौजूदगी, कर रही हैं मोटी कमाई

जर्मनी के रेडलाइट इलाकों में बढ़ी चीनी लड़कियों की मौजूदगी, कर रही हैं मोटी कमाई

0
10 साल में प्रदेश के 69 निजी इंजीनियरिंग कॉलेज बंद, भोपाल और इंदौर सबसे आगे

10 साल में प्रदेश के 69 निजी इंजीनियरिंग कॉलेज बंद, भोपाल और इंदौर सबसे आगे

0
प्रदेश में निर्माण स्थलों के इंजीनियर के साथ ड्रोन से होगी निगरानी

प्रदेश में निर्माण स्थलों के इंजीनियर के साथ ड्रोन से होगी निगरानी

0
नेशनल लोक अदालत 13 सितंबर को: बिजली चोरी और अन्य अनियमितताओं के मामलों में हो सकेंगे समझौते

नेशनल लोक अदालत 13 सितंबर को: बिजली चोरी और अन्य अनियमितताओं के मामलों में हो सकेंगे समझौते

0

About Us

Insight TV News – एक ऑनलाइन मंच है जहाँ देश-विदेश की ताज़ा ख़बरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, तकनीक और व्यवसाय से जुड़ी जानकारियाँ तुरंत उपलब्ध होती हैं। पाठकों को नवीनतम घटनाओं से जोड़े रखती है और हर समय, हर जगह समाचार पढ़ने की सुविधा प्रदान करती है।

Categories

  • अतिथि आलेख
  • इनसाइट फीचर
  • ख़ास मुद्दा
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • देश
  • धर्म ज्योतिष
  • बिज़नेस
  • भोपाल
  • मध्य प्रदेश
  • मध्यप्रदेश स्पेशल
  • मनोरंजन
  • राज्य
  • लाइफस्टाइल
  • विदेश
  • संपादक की कलम से
  • स्पेशल रिपोर्ट

Contact Us

B-29, IT Park, Badwai
Near RGPV, Bhopal (M. P.) – 462033

Mobile: +91 93036 09004
Email: insighttvnews@gmail.com

WhatsApp: +91 93036 09004

  • Home
  • About Us
  • Advertise
  • Contact Us
  • MP Info RSS Feed
  • Privacy Policy

Copyright © 2025 Insight TV News. All Rights Reserved

No Result
View All Result
  • About Us
  • Advertise
  • Contact Us
  • Home
  • MP Info RSS Feed
  • Privacy Policy

Copyright © 2025 Insight TV News. All Rights Reserved