Wednesday, October 14, 2026
  • Insight Corporte
Insight TV News
Advertisement
  • देश
  • विदेश
  • मध्यप्रदेश स्पेशल
  • राज्य
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
  • बिज़नेस
  • खेल
  • मनोरंजन
  • टेक
  • धर्म ज्योतिष
  • लाइफस्टाइल
  • ख़ास मुद्दा
  • इनसाइट फीचर
  • अन्य
    • संपादक की कलम से
    • स्पेशल रिपोर्ट
    • अतिथि आलेख
No Result
View All Result
  • देश
  • विदेश
  • मध्यप्रदेश स्पेशल
  • राज्य
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
  • बिज़नेस
  • खेल
  • मनोरंजन
  • टेक
  • धर्म ज्योतिष
  • लाइफस्टाइल
  • ख़ास मुद्दा
  • इनसाइट फीचर
  • अन्य
    • संपादक की कलम से
    • स्पेशल रिपोर्ट
    • अतिथि आलेख
No Result
View All Result
Insight TV News
No Result
View All Result

रायपुर के पहले पुलिस कमिश्नर के लिए चर्चा में 5 आईजी स्तर के आईपीएस अधिकारी

Insight TV Admin by Insight TV Admin
December 24, 2025
in छत्तीसगढ़, राज्य
0
रायपुर के पहले पुलिस कमिश्नर के लिए चर्चा में 5 आईजी स्तर के आईपीएस अधिकारी
0
SHARES
1
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

 रायपुर
 रायपुर में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू होने की सुगबुगाहट तेज हो गई है। अगले साल एक जनवरी को लेकर सरकार के भीतर मंत्रणा चल रही है। एक जनवरी को अगर ना भी हुआ तो उस दिन कम-से-कम नोटिफिकेशन जारी हो जाएगा। वैसे सरकार के लोगों की कोशिश है कि एक जनवरी से पुलिस के इस बड़े रिफार्म का आगाज हो जाए।

हालांकि, एक जनवरी में टाईम काफी कम बच गया है। मुश्किल से हफ्ता भर समय है। किस प्रकार का पुलिस कमिश्नर सिस्टम होगा, इस पर भी अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। हालांकि, चाहेगी तो हफ्ता भर काफी है। अब ज्यादा लेट होने की गुंजाइश इसलिए नहीं है कि मुख्यमंत्री के ऐलान किए सवा साल से अधिका हो गया है। सीएम विष्णुदेव साय ने 15 अगस्त 2024 के भाषण में पुलिस कमिश्नर सिस्टम शुरू करने की घोषणा की थी। उनके ऐलान के बाद काफी वक्त निकल चुका है। इसलिए, अब ज्यादा विलंब करने का प्रश्न नहीं उठता।

छत्तीसगढ़ के रजत जयंती समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों पुलिस कमिश्नर सिस्टम प्रारंभ करने चर्चाएं थीं मगर ऐन वक्त पर उसे टाल दिया गया। बाद में पता चला कि विधानसभा के शीतकालीन सत्र में विधयेक पारित कर एक्ट बनाया जाएगा। याने ओड़िसा की तरह काफी सशक्त पुलिस कमिश्नर प्रणाली बनाया जाएगा। किंतु उसके बाद विधानसभा का एक दिन का स्पेशल सत्र भी निकल गया और फिर शीतकालीन सत्र भी।

रायपुर के फर्स्ट पुलिस कमिश्नर के लिए आईजी लेवल के पांच आईपीएस अधिकारियों के नाम चर्चाओं में हैं, उनमें पुलिस मुख्यालय में पोस्टेड अजय यादव, ब्रदीनारायण मीणा, बिलासपुर आईजी संजीव शुक्ला, दुर्ग आईजी रामगोपाल गर्ग और सरगुजा आईजी दीपक झा का नाम प्रमुख है। हालांकि, महिला आईजी के तौर पर एक नाम नेहा चंपावत का भी है। उन्होंने एलएलबी करने के बाद यूपीएससी क्रैक किया। सरकार को अगर फर्स्ट पुलिस कमिश्नर के लिए महिला आईपीएस जंचेगी तो उन्हें मौका मिल सकता है। नेहा तेज-तर्रार आईपीएस अधिकारी हैं। एसपी के तौर पर उन्होंने सिर्फ एक जिला महासमुंद किया है। तेज महिलाएं पुलिस में सफल भी होती हैं, क्योंकि उनसे अकरण कोई हुज्जत नहीं करता। यद्यपि, रायपुर रेंज आईजी अमरेश मिश्रा भी बेहतर चयन हो सकते हैं, मगर एसीबी और ईओडब्लू की जिम्मेदारियों के चलते सरकार शायद ही उनके नाम पर विचार करें। कोरबा में कुख्यात अपराधी का एककांउटर करने वाले सुंदरराज इस समय बस्तर आईजी हैं। नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई के चलते उन्हें सरकार अभी टच नहीं करेगी।

पांच नामों की चर्चा सबसे अधिक

रायपुर पुलिस कमिश्नर के लिए वैसे पांच आईपीएस अधिकारियों की चर्चा सबसे अधिक है। अब सरकार नेहा चंपावत जैसा कोई नया प्रयोग कर चौंका दें तो बात अलग है। मगर इन नामों पर जोर ज्यादा है। चलिये बताते हैं इन पांचों आईपीएस अधिकारियों के बारे में कौन, किस-किस जिले में एसपी, आईजी रहे….

1. अजय यादव

2004 बैच के आईपीएस अजय यादव सात जिलों के एसपी रहे। नारायणपुर से उनकी कप्तानी शुरू हुई थी, इसके बाद कांकेर, बिलासपुर जांजगीर, दुर्ग, रायपुर में एसएसपी रहे। प्रोफाइल के हिसाब से देखें तो अजय यादव काफी मजबूत स्थिति में हैं। वे रायपुर, बिलासपुर और सरगुजा को मिलाकर तीन पुलिस रेंज के आईजी रह चुके हैं। इसके अलावा पुलिस महकमे में नेक्स्ट टू डीजीपी इंटेलिजेंस चीफ की भी पोस्टिंग वे कर चुके हैं।

2. बद्रीनारायण मीणा

2004 बैच के आईपीएस बद्री नारायण मीणा छत्तीसगढ़ में नौ जिले के एसपी रह चुके हैं। बलरामपुर से उनकी कप्तानी का सफर प्रारंभ हुआ। इसके बाद कवर्धा, राजनांदगांव, जगदलपुर, कोरबा, बिलासपुर, रायपुर, रायगढ़ और दुर्ग। बद्री चार पुलिस रेंज के आईजी रह चुके हैं। वे पहले आईपीएस अधिकारी होंगे, जो दुर्ग के साथ रायपुर के भी आईजी रहे। इसके बाद फिर बिलासपुर के आईजी बनाए गए। बिलासपुर के बाद उन्हें फिर दुर्ग आईजी का दायित्व सौंपा गया। याने तीन पुलिस रेंज में वे चार बार आईजी रहे। वे डेपुटेशन पर तीन साल तक आईबी में भी रहे।

3. संजीव शुक्ला

संजीव शुक्ला इस समय बिलासपुर पुलिस रेंज के आईजी हैं। वे पांच जिलों के पुलिस अधीक्षक रहे हैं। इनमें जशपुर, रायगढ़, राजनांदगांव, दुर्ग और रायपुर शामिल है। वे नक्सल प्रभावित इलाका कांकेर के डीआईजी भी रह चुके हैं।

4. रामगोपाल गर्ग

2007 बैच के आईपीएस रामगोपाल गर्ग सात साल सीबीआई में डेपुटेशन पर रहने के कारण ज्यादा जिलों के एसपी नहीं रह सके। दिल्ली जाने के बाद वे गरियाबंद के एसपी रहे। और जब लौटकर आए तो डीआईजी बन चुके थे। उन्हें अंबिकापुर पुलिस रेंज का प्रभारी आईजी बनाकर भेजा गया। वहां से फिर रायगढ़ का डीआईजी। फिर विधानसभा चुनाव के समय दुर्ग के एसएसपी बने। चुनाव के बाद दुर्ग के प्रभारी आईजी बने और फिर पिछले साल प्रमोशन होने पर वहीं आईजी बन गए। रामगोपाल का कैरियर बड़ा उतार-चढ़ाव वाला रहा। याने सरगुजा जैसे रेंज का आईजी रहने के बाद रायगढ़ का डीआईजी। इसके बाद दुर्ग का एसपी, फिर दुर्ग का प्रभारी आईजी, आईजी।

5. दीपक झा

2008 बैच के आईपीएस दीपक झा सात जिलों के एसपी रह चुके हैं। कोंडागांव से उनके कप्तानी का सफर प्रारंभ हुआ था, उसके बाद बालोद, महासमुंद, रायगढ़, जगदलपुर, बिलासपुर और फिर बलौदा बाजार। इसके बाद उन्हें नवगठित राजनांदगांव पुलिस रेंज का प्रभारी आईजी बनाया गया। पिछले साल उन्हें आईजी प्रमोट होने पर अंबिकापुर पुलिस रेंज के आईजी की जिम्मेदारी दी गई।

नाम का पुलिस कमिश्नर

पता चला है, एक जनवरी से रायपुर में पुलिस कमिश्नर सिस्टम प्रारंभ हो जाएगा। मगर इसके साथ यह भी जानकारी मिली है कि सोशल मीडिया और मीडिया में जो बातें चल रही हैं, उससे उलट सिर्फ नाम के लिए पुलिस कमिश्नर होगा। उसे प्रतिबंधात्मक धारा याने 151 के अलावा और कोई अधिकार देने के पक्ष में सिस्टम नहीं है।

ओड़िसा सबसे बेस्ट

देश में चूकि ओड़िसा में पुलिस कमिश्नर सिस्टम ताजा लागू हुआ है, इसलिए उसका सिस्टम भी काफी तगड़ा है। ओड़िसा ने एक्ट बनाकर उसे क्रियान्वित किया है। लेकिन, छत्तीसगढ़ में एक वर्ग मध्यप्रदेश से ज्यादा अधिकार पुलिस कमिश्नर को देना नहीं चाहता। जाहिर है, एमपी में आईएएस लॉबी के तगड़े विरोध के चलते दंतविहीन पुलिस कमिश्नर सिस्टम बनाया गया, जिसका प्रदेश को कोई लाभ नहीं मिल रहा। वहां के मुख्यमंत्री मोहन यादव अब ओड़िसा की तत्कालीन नवीन पटनायक सरकार द्वारा बनाए गए सिस्टम को फॉलो करने पर मंत्रणा कर रहे हैं।

अंग्रेजी शासन काल से पुलिस कमिश्नर

पुलिस कमिश्नर सिस्टम अंग्रेजों के समय से चला आ रहा है। आजादी के पहले कोलकाता, चेन्नई और मुंबई जैसे देश के तीन महानगरों में लॉ एंड आर्डर को कंट्रोल करने के लिए अंग्रेजों ने वहां पुलिस कमिश्नर सिस्टम प्रभावशील कर रखा था। आजादी के बाद देश को यह वीरासत में मिली। चूकि बड़े महानगरों में अपराध बड़े स्तर पर होते हैं, इसलिए पुलिस को पावर देना जरूरी समझा गया। लिहाजा, अंग्रेजों की व्यवस्था आजाद भारत में भी बड़े शहरों में लागू रही। बल्कि पुलिस अधिनियम 1861 के तहत लागू पुलिस कमिश्नर सिस्टम को और राज्यों में भी प्रभावशील किया गया।

कमिश्नर को दंडाधिकारी पावर

वर्तमान सिस्टम में राज्य पुलिस के पास कोई अधिकार नहीं होते। उसे छोटी-छोटी कार्रवाइयों के लिए कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदार, नायब तहसीलदारों का मुंह ताकना पड़ता है। दरअसल, भारतीय पुलिस अधिनियम 1861 के धारा 4 में जिले के कलेक्टरों को जिला दंडाधिकारी का अधिकार दिया गया है। इसके जरिये पुलिस उसके नियंत्रण में होती है। बिना डीएम के आदेश के पुलिस कुछ नहीं कर सकती। सिवाए एफआईआर करने के। इसके अलावा पुलिस अधिनियम 1861 में कलेक्टरों को सीआरपीसी के तहत कई अधिकार दिए गए हैं। पुलिस को अगर लाठी चार्ज करना होगा तो बिना मजिस्ट्रेट के आदेश के वह नहीं कर सकती। कोई जुलूस, धरना की इजाजत भी कलेक्टर देते हैं। प्रतिबंधात्मक धाराओं में जमानत देने का अधिकार भी जिला मजिस्ट्रेट में समाहित होता है। कलेक्टर के नीचे एडीएम, एसडीएम या तहसीलदार इन धाराओं में जमानत देते हैं।

तत्काल फैसला लेने का अधिकार

महानगरों या बड़े शहरों में अपराध भी उच्च स्तर का होता है। उसके लिए पुलिस के पास न बड़ी टीम चाहिए बल्कि अपराधियों से निबटने के लिए अधिकार की भी जरूरत पड़ती है। धरना, प्रदर्शन के दौरान कई बार भीड़े उत्तेजित या हिंसक हो जाती है। पुलिस के पास कोई अधिकार होते नहीं, इसलिए उसे कलेक्टर से कार्रवाई से पहले इजाजत मांगनी पड़ती है। पुलिस कमिश्नर लागू हो जाने के बाद एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के अधिकार पुलिस कमिश्नर को मिल जाएंगे। इससे फायदा यह होगा कि पुलिस विषम परिस्थितियों में तत्काल फैसला ले सकती है। हालांकि, इससे पुलिस की जवाबदेही भी बढ़ जाती है।

शास्त्र और बार लायसेंस

पुलिस कमिश्नर सिस्टम में पुलिस को धरना, प्रदर्शन की अनुमति देने के साथ ही शस्त्र और बार का लायसेंस देने का अधिकार भी मिल जाता है। अभी ये अधिकार कलेक्टर के पास होते हैं। कलेक्टर ही एसपी की रिपोर्ट पर शस्त्र लायसेंस की अनुशंसा करता है। बार का लायसेंस भी कलेक्टर जारी करता है।

मगर छत्तीसगढ़ में नहीं

पुलिस कमिश्नर सिस्टम में उक्त सभी अधिकारी पुलिस को होते हैं मगर छत्तीसगढ़ में जो सिस्टम लागू होने जा रहा, वो सिर्फ रस्मी होगा। याने पुलिस कमिश्नर बनकर भी उसे एसपी से खास ज्यादा कोई अधिकार नहीं होगा। वो न तो बार का लायसेंस देखेगा और न ही शास्त्र लायसेंस। उसके पास जिला बदर के अधिकार भी नहीं होंगे।

Tags: Raipur Police Commissionertop-news
Previous Post

1 जनवरी से रायपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू, सुरक्षा व्यवस्था में होगा बड़ा बदलाव

Next Post

चेन्नई के व्यक्ति ने एक साल में खरीदी 1 लाख रुपये से ज्यादा कीमत के कंडोम, इतनी बार किया ऑर्डर

Insight TV Admin

Insight TV Admin

Next Post
चेन्नई के व्यक्ति ने एक साल में खरीदी 1 लाख रुपये से ज्यादा कीमत के कंडोम, इतनी बार किया ऑर्डर

चेन्नई के व्यक्ति ने एक साल में खरीदी 1 लाख रुपये से ज्यादा कीमत के कंडोम, इतनी बार किया ऑर्डर

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Latest
  • Trending
  • Comments
​कुरुषनार का कायकल्प: जहाँ कल तक गूंजती थीं बारूद की आहटें

​कुरुषनार का कायकल्प: जहाँ कल तक गूंजती थीं बारूद की आहटें

October 13, 2026
रिक्त शैक्षणिक पदों पर भर्ती शीघ्र पूरी करें, पीएम-उषा की राशि का समय-सीमा में करें उपयोग : उच्च शिक्षा मंत्री  परमार

रिक्त शैक्षणिक पदों पर भर्ती शीघ्र पूरी करें, पीएम-उषा की राशि का समय-सीमा में करें उपयोग : उच्च शिक्षा मंत्री परमार

October 13, 2026
प्रदेश राष्ट्रीय पोषण माह में देश में तीसरे स्थान पर

प्रदेश राष्ट्रीय पोषण माह में देश में तीसरे स्थान पर

October 13, 2026
विगत दो सप्ताह में साइबर अपराधियों के विरुद्ध मध्यप्रदेश पुलिस की बड़ी कार्रवाई

विगत दो सप्ताह में साइबर अपराधियों के विरुद्ध मध्यप्रदेश पुलिस की बड़ी कार्रवाई

October 13, 2026
ग्रामोद्योग सचिव  राजेश सिंह राणा ने किया छत्तीसगढ़ रेशम सेतु का निरीक्षण

ग्रामोद्योग सचिव राजेश सिंह राणा ने किया छत्तीसगढ़ रेशम सेतु का निरीक्षण

October 13, 2026
श्रमिकों की समस्याओं का तत्परता से करेंगे हल: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

श्रमिकों की समस्याओं का तत्परता से करेंगे हल: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

October 13, 2026
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम से बच्चों को मिलेगा नया जीवन, सरगुजा में 48 मरीज निःशुल्क उपचार एवं सर्जरी के लिए चिन्हांकित

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम से बच्चों को मिलेगा नया जीवन, सरगुजा में 48 मरीज निःशुल्क उपचार एवं सर्जरी के लिए चिन्हांकित

October 13, 2026
मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध मादक पदार्थ के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई

मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध मादक पदार्थ के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई

October 13, 2026
प्रधानमंत्री मोदी की हर गारंटी को पूरा कर रही है छत्तीसगढ़ सरकार : मुख्यमंत्री साय

प्रधानमंत्री मोदी की हर गारंटी को पूरा कर रही है छत्तीसगढ़ सरकार : मुख्यमंत्री साय

December 5, 2025
रायपुर : नेचुरोपैथी भवन निर्माण के लिए दी 2 करोड़ 62 लाख रूपये की सौगात

रायपुर : नेचुरोपैथी भवन निर्माण के लिए दी 2 करोड़ 62 लाख रूपये की सौगात

December 8, 2025
विधायक गोपालसिंह इंजीनियर के प्रयास रंग लाये,50 ग्राम पंचायतों में 25-25 लाख के सामुदायिक भवन निर्माण की मिली स्वीकृति

विधायक गोपालसिंह इंजीनियर के प्रयास रंग लाये,50 ग्राम पंचायतों में 25-25 लाख के सामुदायिक भवन निर्माण की मिली स्वीकृति

November 29, 2025
IND vs AUS: टी20 सीरीज का बदला टाइम, कितने बजे शुरू होगा कैनबरा में पहला मुकाबला?

IND vs AUS: टी20 सीरीज का बदला टाइम, कितने बजे शुरू होगा कैनबरा में पहला मुकाबला?

October 26, 2025
बिहार में एनडीए को  प्रचंड जनादेश  मोदी-नीतीश का करिश्माई नेतृत्व और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्ट्रेटेजिक ब्रेकथ्रू

बिहार में एनडीए को प्रचंड जनादेश मोदी-नीतीश का करिश्माई नेतृत्व और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्ट्रेटेजिक ब्रेकथ्रू

November 14, 2025
डंकुनी–सूरत कॉरिडोर का असर: दुर्ग के 25 गांवों की जमीन की खरीद-फरोख्त पर लगी रोक

डंकुनी–सूरत कॉरिडोर का असर: दुर्ग के 25 गांवों की जमीन की खरीद-फरोख्त पर लगी रोक

June 10, 2026

मानसिक स्वास्थ्य पर खुला संवाद जरूरी, विद्यार्थियों को मिला सकारात्मक जीवन का मंत्र

August 5, 2026
विधायिका और पत्रकारिता – लोकतंत्र के दो सशक्त स्तंभ : भोपाल में “मीडिया संवाद एवं दीपावली मिलन” कार्यक्रम

विधायिका और पत्रकारिता – लोकतंत्र के दो सशक्त स्तंभ : भोपाल में “मीडिया संवाद एवं दीपावली मिलन” कार्यक्रम

October 26, 2025
ब्रह्मास्त्र: ब्रह्मोस से भी ताकतवर, दुश्मन के एयर डिफेंस जोन में बिना घुसे करेगा तबाही

ब्रह्मास्त्र: ब्रह्मोस से भी ताकतवर, दुश्मन के एयर डिफेंस जोन में बिना घुसे करेगा तबाही

0
महाराष्ट्र में भारी बारिश का अलर्ट, मुंबई में येलो चेतावनी जारी

महाराष्ट्र में भारी बारिश का अलर्ट, मुंबई में येलो चेतावनी जारी

0
कोयंबटूर में सेव एनर्जी मुहिम, 122 स्थानों पर लगे मोशन सेंसर सोलर स्ट्रीट लाइट

कोयंबटूर में सेव एनर्जी मुहिम, 122 स्थानों पर लगे मोशन सेंसर सोलर स्ट्रीट लाइट

0
चीन का रोबोटिक कमाल! क्या इंसानों की नौकरियों पर आ गया खतरा?

चीन का रोबोटिक कमाल! क्या इंसानों की नौकरियों पर आ गया खतरा?

0
जर्मनी के रेडलाइट इलाकों में बढ़ी चीनी लड़कियों की मौजूदगी, कर रही हैं मोटी कमाई

जर्मनी के रेडलाइट इलाकों में बढ़ी चीनी लड़कियों की मौजूदगी, कर रही हैं मोटी कमाई

0
10 साल में प्रदेश के 69 निजी इंजीनियरिंग कॉलेज बंद, भोपाल और इंदौर सबसे आगे

10 साल में प्रदेश के 69 निजी इंजीनियरिंग कॉलेज बंद, भोपाल और इंदौर सबसे आगे

0
प्रदेश में निर्माण स्थलों के इंजीनियर के साथ ड्रोन से होगी निगरानी

प्रदेश में निर्माण स्थलों के इंजीनियर के साथ ड्रोन से होगी निगरानी

0
नेशनल लोक अदालत 13 सितंबर को: बिजली चोरी और अन्य अनियमितताओं के मामलों में हो सकेंगे समझौते

नेशनल लोक अदालत 13 सितंबर को: बिजली चोरी और अन्य अनियमितताओं के मामलों में हो सकेंगे समझौते

0

Recent Posts

  • ​कुरुषनार का कायकल्प: जहाँ कल तक गूंजती थीं बारूद की आहटें
  • रिक्त शैक्षणिक पदों पर भर्ती शीघ्र पूरी करें, पीएम-उषा की राशि का समय-सीमा में करें उपयोग : उच्च शिक्षा मंत्री परमार
  • प्रदेश राष्ट्रीय पोषण माह में देश में तीसरे स्थान पर
  • विगत दो सप्ताह में साइबर अपराधियों के विरुद्ध मध्यप्रदेश पुलिस की बड़ी कार्रवाई
  • ग्रामोद्योग सचिव राजेश सिंह राणा ने किया छत्तीसगढ़ रेशम सेतु का निरीक्षण

Recent Comments

No comments to show.

About Us

Insight TV News – एक ऑनलाइन मंच है जहाँ देश-विदेश की ताज़ा ख़बरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, तकनीक और व्यवसाय से जुड़ी जानकारियाँ तुरंत उपलब्ध होती हैं। पाठकों को नवीनतम घटनाओं से जोड़े रखती है और हर समय, हर जगह समाचार पढ़ने की सुविधा प्रदान करती है।

Archives

  • October 2026
  • September 2026
  • August 2026
  • July 2026
  • June 2026
  • May 2026
  • April 2026
  • March 2026
  • February 2026
  • January 2026
  • December 2025
  • November 2025
  • October 2025
  • September 2025
  • August 2025

Categories

  • अतिथि आलेख
  • इनसाइट फीचर
  • ख़ास मुद्दा
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • देश
  • धर्म ज्योतिष
  • बिज़नेस
  • भोपाल
  • मध्य प्रदेश
  • मध्यप्रदेश स्पेशल
  • मनोरंजन
  • राज्य
  • लाइफस्टाइल
  • विदेश
  • संपादक की कलम से
  • स्पेशल रिपोर्ट

Categories

  • अतिथि आलेख
  • इनसाइट फीचर
  • ख़ास मुद्दा
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • देश
  • धर्म ज्योतिष
  • बिज़नेस
  • भोपाल
  • मध्य प्रदेश
  • मध्यप्रदेश स्पेशल
  • मनोरंजन
  • राज्य
  • लाइफस्टाइल
  • विदेश
  • संपादक की कलम से
  • स्पेशल रिपोर्ट

Contact Us

B-29, IT Park, Badwai
Near RGPV, Bhopal (M. P.) – 462033

Mobile: +91 93036 09004
Email: insighttvnews@gmail.com

WhatsApp: +91 93036 09004

  • Home
  • About Us
  • Advertise
  • Contact Us
  • MP Info RSS Feed
  • Privacy Policy

Copyright © 2025 Insight TV News. All Rights Reserved

No Result
View All Result
  • About Us
  • Advertise
  • Contact Us
  • Home
  • MP Info RSS Feed
  • Privacy Policy

Copyright © 2025 Insight TV News. All Rights Reserved