इंदौर
इंदौर में एमबीए छात्रा की निर्मम हत्या के मामले में रूह कंपा देने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपी पीयूष ने जिस तरह से प्रेमिका की जान ली, उसने सनसनी फैला दी है। पुलिस ने घटनास्थल का रीक्रिएशन किया है। इसमें नई चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। पीयूष ने सरप्राइज गिफ्ट के बहाने उसे बुलाया और फिर हैवानियत की सारी हदें पार कर दी। सीने पर चाकू टूटने तक वार करता रहा।
'गिफ्ट' के बहाने बांधे हाथ-पैर और फिर कर दी हत्या
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पीयूष ने वारदात वाले दिन छात्रा को कमरे में बुलाया था। वहां उसने छात्रा से कहा कि वह उसे एक सरप्राइज गिफ्ट देना चाहता है। इसी 'गिफ्ट' का झांसा देकर उसने छात्रा की आंखों पर पट्टी बांध दी और कमरे में पहले से मौजूद रस्सी और टेप की मदद से उसके हाथ-पैर बांध दिए। जब छात्रा ने खुद को बंधा हुआ पाया और विरोध किया, तो पीयूष अपनी असलियत पर उतर आया। उसने छात्रा का मुंह कपड़े से बंद कर दिया और उसके सीने पर बैठकर तब तक गला घोंटा और बेहोश कर दिया।
हत्या के बाद दरिंदगी, लाश के पास बैठकर पी शराब
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी की क्रूरता यहीं खत्म नहीं हुई। हत्या करने के बाद भी वह नहीं रुका। उसने पक्का करने के लिए छात्रा के सीने पर चाकू से जोरदार वार किया। प्रहार इतना तेज था कि चाकू का ब्लेड टूटकर शरीर में ही फंस गया। इसके बाद आरोपी कमरे से बाहर गया, शराब खरीदी और वापस आकर शव के पास बैठकर शराब पी। आरोपी ने कबूल किया कि उसने शव के साथ दुष्कर्म भी किया और फिर उसे निर्वस्त्र हालत में छोड़कर फरार हो गया।
जांच में बड़े खुलासे
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटनास्थल से कई अहम सबूत जुटाए हैं। हत्या में इस्तेमाल टूटा हुआ चाकू, रस्सी, चिपकाने वाला टेप और खून से सने कपड़े बरामद किए गए हैं। प्राथमिक जांच के अनुसार, आरोपी छात्रा के मोबाइल चैट्स को लेकर उस पर शक करता था। इसी वजह से उसने उसे खत्म करने की योजना बनाई। छात्रा के लापता होने के बाद 13 फरवरी को उसका शव किराए के कमरे से मिला था। आरोपी पीयूष वारदात के बाद मुंबई भाग गया था, जिसे पुलिस ने 14 फरवरी को अंधेरी इलाके से गिरफ्तार किया। फिलहाल आरोपी पुलिस कस्टडी में है और मामले की आगे की जांच जारी है।
शक ने छात्रा की जान ले ली
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, इस जघन्य हत्याकांड के पीछे मोबाइल चैट्स को लेकर उपजा शक एक बड़ी वजह हो सकता है। पीयूष ने छात्रा के सहपाठियों के साथ हुई बातचीत को पढ़ लिया था। घटना वाले दिन छात्रा यह कहकर घर से निकली थी कि वह अपना आधार कार्ड ठीक कराने जा रही है, जिसके बाद उसके पिता ने उसे कलेक्ट्रेट के पास छोड़ा था, लेकिन बाद में उसने अपनी छोटी बहन को बताया कि वह पीयूष के साथ एक बर्थडे पार्टी में जा रही है और रात 11 बजे तक लौट आएगी। जब वह वापस नहीं आई, तो परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके कुछ दिनों बाद किराए के एक कमरे से उसका शव बरामद हुआ।


























