भोपाल
मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा युवाओं एवं विद्यार्थियों के साथ रोजगार के नाम पर की जा रही धोखाधड़ी के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए इंदौर कमिश्नरेट पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो नौकरी दिलाने का झांसा देकर विद्यार्थियों की 10वीं एवं 12वीं की मूल अंकसूचियां अपने कब्जे में रखता था तथा उन्हें वापस करने के बदले प्रति अंकसूची ₹5,000 की अवैध मांग करता था।
इंदौर के थाना विजयनगर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपीको गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे सेकक्षा 10वीं एवं 12वीं की कुल 313 मूल अंकसूचियांबरामद की गई हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी इंदौर केऑर्बिट मॉलमें संचालित अपनी कंसल्टेंसी के माध्यम से दूर-दराज़ से पढ़ाई के लिए आए विद्यार्थियों को पार्ट-टाइम एवं फुल-टाइम नौकरी दिलाने का प्रलोभन देता था।
आरोपी विद्यार्थियों से उनकी मूल अंकसूचियां जमा कराकर उन्हें विभिन्न निजी कंपनियों एवं संस्थानों में नौकरी दिलाने की प्रक्रिया का भरोसा देता था। इसके बाद अंकसूचियां वापस करने के लिए प्रति विद्यार्थी5 हजार रूपए की मांग करता था। शिकायत के अनुसार, राशि नहीं देने पर विद्यार्थियों को लगातार प्रताड़ित किया जाता था तथा जान से मारने की धमकी भी दी जाती थी।
कई पीड़ित विद्यार्थियों द्वारा पुलिस कमिश्नरेट इंदौर में शिकायत किए जाने पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना विजयनगर पुलिस ने मामले की जांच की। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर आरोपी के विरुद्धप्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह AZFA इंटरप्राइजेजनामक फर्म के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने का कार्य करता था तथा विद्यार्थियों की मूल अंकसूचियां अपने पास सुरक्षा के नाम पर रखकर उनसे राशि वसूलता था।


























