पिछले कुछ समय से अफवाह थी कि OnePlus बंद हो सकता है। इसे लेकर अब बड़ा अपडेट आया है। दरअसल रिपोर्ट्स के मुताबिक OnePlus और Realme आपस में मर्ज हो गए हैं। बताया जा रहा है कि ऐसा चीन और ग्लोबल दोनों बाजारों के लिए किया गया है। ऐसे में यह एक अलग सब-प्रोडक्ट सेंटर बन गया है, जहां दोनों ब्रैंड्स की रिसर्च, डेवलपमेंट और मार्केटिंग टीमें एक साथ मिलकर काम करेंगी। ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि क्या
OnePlus पूरी तरह से बंद होने वाला है, जिसका जवाब है नहीं।
बताया जा रहा है कि यह विलय बदलते स्मार्टफोन मार्केट का नतीजा है। कुछ समय से स्मार्टफोन मार्केट में कंपोनेंट्स की बढ़ती कीमतें और चिप्स की कमी ने कंपनियों के लिए अस्तित्व में बने रहना मुश्किल कर दिया है। इसके अलावा बाजार में कंपटीशन की भी कमी नहीं है। यही वजह है कि बीबीके ग्रुप ने फैसला लिया है कि OnePlus और Realme एक साथ R&D, सप्लाई चेन और प्रोक्योरमेंट का काम देखेंगे।
क्या बंद हो जाएगा OnePlus?
इस मर्जर की खबरें आने के बाद से लोग सोशल मीडिया पर कयास लगा रहे हैं कि क्या यह OnePlus का अंत है? रिपोर्ट्स की मानें, तो ऐसा नहीं है। बताया जा रहा है कि इस मर्जर के बाद Oneplus प्रीमियम स्मार्टफोन्स पर और Realme बजट और मिड-रेंज स्मार्टफोन्स पर फोकस करेगा। ऐसा भी बताया जा रहा है कि भारत में वनप्लस अब ऑनलाइन-ओनली सेल्स मॉडल पर जोर दे रहा है, जो कि लागत कम करने का तरीका हो सकता है।(REF.)
यूजर्स को इससे फायदा या नुकसान?
इस मर्जर से यूजर्स को कुछ फायदे होंगे, तो कुछ नुकसान भी। दरअसल:
अब दोनों ब्रांड्स की टीमें रिसर्च और टेक्नोलॉजी शेयर करेंगी। इससे संभव है कि पहले के मुकाबले सॉफ्टवेयर अपडेट्स और लेटेस्ट फीचर्स तेजी से यूजर्स को मिल सकें।
दोनों कंपनियों के रिसोर्स और सप्लाई चेन जुड़ने से प्रोडक्शन पर आने वाली लागत गिरेगी। कंपनी चाहे तो यह बचत ग्राहकों तक पहुंचा सकती है।
Oneplus-Realme मर्जर से यूजर्स को ये नुकसान
इस मर्जर से बाजार में वैरायटी की कमी हो सकती है। दरअसल पहले ही ये ब्रैंड्स वनप्लस नॉर्ड CE6 लाइट और रियलमी P4X को एक जैसे हार्डवेयर के साथ पेश कर चुके हैं। ऐसे में आगे चलकर ऐसा और भी ज्यादा होने की संभावना है।
इस मर्जर से OnePlus की ब्रैंड वैल्यू पर फर्क पड़ सकता है। असल में OnePlus की एक प्रीमियम और अलग पहचान थी। अब Realme भी OnePlus जैसे फोन लॉन्च कर उसकी पहचान को धुंधला जरूर करेगा।
बताया जा रहा है कि भारत में वनप्लस ऑनलाइन-ओनली सेल्स मॉडल पर जोर देगा। ऐसे में वे यूजर्स जो ऑफलाइन फोन खरीदना पसंद करते हैं, वे OnePlus से दूर होने लगेंगे।


























