Wednesday, September 30, 2026
  • Insight Corporte
Insight TV News
Advertisement
  • देश
  • विदेश
  • मध्यप्रदेश स्पेशल
  • राज्य
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
  • बिज़नेस
  • खेल
  • मनोरंजन
  • टेक
  • धर्म ज्योतिष
  • लाइफस्टाइल
  • ख़ास मुद्दा
  • इनसाइट फीचर
  • अन्य
    • संपादक की कलम से
    • स्पेशल रिपोर्ट
    • अतिथि आलेख
No Result
View All Result
  • देश
  • विदेश
  • मध्यप्रदेश स्पेशल
  • राज्य
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
  • बिज़नेस
  • खेल
  • मनोरंजन
  • टेक
  • धर्म ज्योतिष
  • लाइफस्टाइल
  • ख़ास मुद्दा
  • इनसाइट फीचर
  • अन्य
    • संपादक की कलम से
    • स्पेशल रिपोर्ट
    • अतिथि आलेख
No Result
View All Result
Insight TV News
No Result
View All Result

वंदे मातरम’ का इतिहास: कैसे बना राष्ट्रीय गीत और क्यों कुछ मुसलमान करते हैं इसका विरोध

Insight TV Admin by Insight TV Admin
November 6, 2025
in देश
0
वंदे मातरम’ का इतिहास: कैसे बना राष्ट्रीय गीत और क्यों कुछ मुसलमान करते हैं इसका विरोध
0
SHARES
14
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली

भारत की स्वतंत्रता संग्राम की गूंज में एक ऐसा गीत है जो न केवल राष्ट्रप्रेम की भावना जगाता है, बल्कि मातृभूमि को देवी के रूप में पूजने की परंपरा को जीवंत करता है। 'वंदे मातरम'- ये दो शब्द आज भारत के राष्ट्रीय गीत के रूप में गूंजते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह गीत कैसे और कब रचा गया? कैसे यह बंगाल के एक उपन्यास से निकलकर पूरे देश की आवाज बन गया? और कैसे यह स्वतंत्रता आंदोलन का प्रतीक बना, जिसने ब्रिटिश शासन की नींव हिला दी? आइए, इतिहास की उन पन्नों को पलटें जहां राष्ट्रवाद की लौ पहली बार प्रज्वलित हुई।

वंदे मातरम की जड़ें 19वीं सदी के बंगाल में हैं, जब भारत ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन की जंजीरों में जकड़ा हुआ था। इस गीत के रचयिता थे बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय, जिन्हें बंगाली साहित्य का पितामह कहा जाता है। बंकिम चंद्र एक प्रशासनिक अधिकारी थे, लेकिन उनकी रचनाएं राष्ट्रवाद की आग से भरी हुई थीं। गीत की रचना 7 नवंबर 1875 को हुई, जब बंकिम चंद्र अपने घर में बैठे थे। कुछ इतिहासकारों के अनुसार, यह गीत एकाएक प्रेरणा से लिखा गया। बंकिम ने इसे संस्कृत और बंगाली के मिश्रण में रचा, जहां संस्कृत श्लोक मातृभूमि की महिमा गाते हैं और बंगाली हिस्सा भावनात्मक गहराई प्रदान करता है। गीत की पहली पंक्तियां हैं:

वंदे मातरम्।

सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्।

शस्यशामलां मातरम्॥

यह गीत सबसे पहले उनके प्रसिद्ध उपन्यास आनंदमठ में प्रकाशित हुआ, जो 1882 में पूरा हुआ और धारावाहिक रूप में बंगाली पत्रिका बंगदर्शन में छपा। उपन्यास की पृष्ठभूमि 18वीं सदी का संन्यासी विद्रोह है, जहां भूखे संन्यासी ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ विद्रोह करते हैं। 'वंदे मातरम' उपन्यास में संन्यासियों का युद्धगीत है, जो मातृभूमि को दुर्गा देवी के रूप में चित्रित करता है। बंकिम चंद्र ने गीत को संगीतबद्ध करने के लिए अपने भतीजे को प्रेरित किया, लेकिन मूल धुन बाद में जादवपुर विश्वविद्यालय के संगीतकारों द्वारा विकसित की गई। गीत की रचना का उद्देश्य स्पष्ट था – भारतीयों में मातृभूमि के प्रति प्रेम और विदेशी शासन के खिलाफ संघर्ष की भावना जगाना।

स्वतंत्रता आंदोलन में भूमिका: ब्रिटिशों की नींद उड़ाने वाला नारा

वंदे मातरम महज एक गीत नहीं रहा; यह स्वतंत्रता संग्राम का युद्धघोष बन गया। 1896 में कलकत्ता कांग्रेस अधिवेशन में पहली बार इसे सार्वजनिक रूप से गाया गया, जब रवींद्रनाथ टैगोर ने इसे अपनी धुन में प्रस्तुत किया। टैगोर की आवाज ने गीत को अमर बना दिया। 1905 के बंगाल विभाजन के दौरान यह गीत स्वदेशी आंदोलन का प्रतीक बना। बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय और बिपिन चंद्र पाल जैसे नेता इसे रैलियों में गाते थे। ब्रिटिश सरकार इतनी भयभीत हुई कि 1907 में उन्होंने गीत गाने पर प्रतिबंध लगा दिया। फिर भी, क्रांतिकारी जैसे अरविंद घोष और सुभाष चंद्र बोस इसे गुप्त रूप से गाते रहे। महात्मा गांधी ने भी इसे सराहा, लेकिन पूरे गीत को अपनाने में संकोच किया क्योंकि इसमें हिंदू देवी-देवताओं का उल्लेख था, जो मुस्लिम समुदाय को अलग कर सकता था। फिर भी, आंदोलन में इसका प्रभाव असीम था। 1937 में रवींद्रनाथ टैगोर ने इसे ऑर्केस्ट्रा में प्रस्तुत किया, जिसने इसे वैश्विक स्तर पर पहुंचाया।

राष्ट्रीय गीत का दर्जा: 1950 की ऐतिहासिक घोषणा

स्वतंत्रता के बाद वंदे मातरम को राष्ट्रीय सम्मान मिला। 24 जनवरी 1950 को भारत की संविधान सभा ने इसे राष्ट्रीय गीत घोषित किया। यह निर्णय डॉ. राजेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में लिया गया। उसी दिन जना गना मन को राष्ट्रीय गान बनाया गया।राष्ट्रीय गीत के रूप में केवल उपन्यास के पहले दो छंदों को अपनाया गया, क्योंकि पूरे गीत में विद्रोही तत्व थे और धार्मिक संदर्भ मुस्लिम लीग की आपत्तियों के कारण विवादास्पद थे। जवाहरलाल नेहरू और मौलाना अबुल कलाम आजाद ने समझौता किया। आज, सरकारी समारोहों में पहले दो छंद गाए जाते हैं।

वंदे मातरम विवादों से अछूता नहीं रहा। 2006 में शताब्दी समारोह के दौरान कुछ मुस्लिम संगठनों ने धार्मिक आधार पर विरोध किया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे राष्ट्रप्रेम का प्रतीक माना। गीत की विरासत फिल्मों, स्कूलों और खेल आयोजनों में जीवित है।

देश भर में हो रहा आयोजन

राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में देश भर में 150 महत्वपूर्ण स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम’ गाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में ऐसे ही एक कार्यक्रम में भाग लेंगे। संस्कृति मंत्रालय के अनुसार, ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री हिस्सा लेंगे। इसके साथ ही विभिन्न कार्यक्रमों की शुरुआत होगी।

इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में होने वाले उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री मोदी मुख्य अतिथि होंगे। समारोह सात नवंबर की सुबह सार्वजनिक स्थानों पर स्कूली बच्चों, कॉलेज के छात्रों, अधिकारियों, निर्वाचित प्रतिनिधियों, पुलिसकर्मियों और डॉक्टरों सहित नागरिकों की भागीदारी के साथ 'वंदे मातरम' के पूर्ण संस्करण के सामूहिक गायन के साथ शुरू होगा।

मंत्रालय ने कहा कि गीत के ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व को देखते हुए, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में राष्ट्रव्यापी समारोहों को मंजूरी दी थी। अधिकारियों ने बताया कि उद्घाटन समारोह में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम, 'वंदे मातरम' के 150 वर्षों के इतिहास पर एक प्रदर्शनी, एक लघु वृत्तचित्र फिल्म का प्रदर्शन और एक स्मारक डाक टिकट और सिक्का जारी किया जाएगा।

मुत्ताहिदा मजलिस-ए-उलमा ने ‘वंदे मातरम’ कार्यक्रम को बताया गैर-इस्लामिक, सरकार से निर्देश वापस लेने की मांग

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के धार्मिक संगठनों का प्रतिनिधित्व करने वाले मुत्ताहिदा मजलिस-ए-उलेमा (MMU) ने बुधवार को केंद्र और जम्मू-कश्मीर सरकार के एक आदेश की कड़ी आलोचना की है। इस आदेश में स्कूलों को ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में सांस्कृतिक और संगीत कार्यक्रम आयोजित करने तथा सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों की अनिवार्य भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया है।

एमएमयू की अगुवाई मीरवाइज उमर फारूक कर रहे हैं। उन्होंने इस निर्देश को 'गैर-इस्लामिक' और 'आरएसएस प्रेरित हिंदू विचारधारा थोपने की कोशिश' करार दिया है। संयुक्त बयान में ग्रैंड मुफ्ती नासिर-उल-इस्लाम और मौलाना रहमतुल्लाह समेत कई धार्मिक नेताओं ने कहा कि यह आदेश इस्लाम की मूल आस्था- तौहीद (अल्लाह की एकता) के सिद्धांत के विरुद्ध है। उन्होंने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से इस 'जबरन थोपे गए निर्देश' को तुरंत वापस लेने की अपील की।

एमएमयू द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि वंदे मातरम का गायन या पाठ इस्लाम के अनुसार अनुचित है, क्योंकि इसमें ऐसे भाव और अभिव्यक्तियां हैं जो अल्लाह की एकता के सिद्धांत से विरोधाभासी हैं। इस्लाम में अल्लाह के अलावा किसी अन्य के प्रति भक्ति या उपासना का कोई स्थान नहीं है। केंद्र सरकार द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार, देशभर के विद्यालयों को नवंबर माह में विशेष सभाओं का आयोजन कर छात्रों और शिक्षकों से राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम गवाने का निर्देश दिया गया है। इसके तहत जम्मू-कश्मीर प्रशासन के संस्कृति विभाग ने भी 7 नवंबर से सभी स्कूलों में ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने के आदेश दिए हैं।

एमएमयू ने कहा कि मुस्लिम समुदाय अपने देश से गहरा प्रेम रखता है, परंतु वह प्रेम सेवा, करुणा और समाज में योगदान के माध्यम से व्यक्त किया जाना चाहिए- ऐसे किसी कार्य से नहीं जो धार्मिक आस्था के विरुद्ध हो। संगठन ने कहा कि किसी भी मुस्लिम छात्र या संस्था को अपनी आस्था के खिलाफ किसी गतिविधि में जबरन शामिल करना अन्यायपूर्ण और अस्वीकार्य है।

बयान में आगे कहा गया कि यह कदम संस्कृतिक उत्सव के नाम पर मुस्लिम बहुल क्षेत्र में आरएसएस प्रेरित हिंदुत्व विचारधारा थोपने की एक सुनियोजित कोशिश प्रतीत होती है, न कि वास्तविक एकता और विविधता के सम्मान को बढ़ावा देने की। एमएमयू ने यह भी कहा कि इस आदेश से क्षेत्र के मुसलमानों में गहरी व्यथा और असंतोष फैल गया है, और बड़ी संख्या में लोग धार्मिक नेतृत्व से संपर्क कर इस मामले में हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। अंत में संगठन ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने तत्काल कोई कदम नहीं उठाया, तो वह राज्यभर के सभी धार्मिक नेताओं की बैठक बुलाकर आगे की रणनीति तय करेगा।

भाजपा की उत्सव मनाने की योजना

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भी इस उपलब्धि को एक उत्सव के रूप में मनाने की योजना बना रही है। नई दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कहा, “इस अवसर को मनाने के लिए सात नवंबर से 26 नवंबर (संविधान दिवस) तक देश भर में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ’’

उन्होंने बताया कि सात नवंबर को 150 महत्वपूर्ण स्थानों पर वंदे मातरम गाया जाएगा, जिसके बाद स्वदेशी उत्पादों के उपयोग की शपथ ली जाएगी। इस दौरान कविता लेखन, पाठन और चित्रकला जैसे कई अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। जिन स्थानों पर सात नवंबर को वंदे मातरम का गायन आयोजित किया जाएगा उनमें कारगिल युद्ध स्मारक, अंडमान और निकोबार सेलुलर जेल, ओडिशा का स्वराज आश्रम, आगरा में शहीद स्मारक पार्क और वाराणसी में नमो घाट शामिल हैं।

पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि वंदे मातरम अंग्रेजों से भारत की मुक्ति के लिए एक प्रमुख मंत्र के रूप में उभरा। संवाददाता सम्मेलन में भाजपा के राष्ट्रीय सचिव ओम प्रकाश धनखड़ ने कहा कि सभी राज्यों के मुख्यमंत्री भी इस अवसर पर अपने प्रदेश की राजधानियों में इसी प्रकार के कार्यक्रमों में भाग लेंगे। संस्कृति मंत्रालय के अनुसार ऐसा माना जाता है कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने इस गीत की रचना सात नवंबर 1875 को अक्षय नवमी के अवसर पर की थी। मातृभूमि की वंदना में गाए गए इस गीत को 1950 में राष्ट्रीय गीत के रूप में अपनाया गया था।

Tags: top-newsVande Mataram
Previous Post

एमएस धोनी IPL 2026 में नहीं खेलेंगे? CSK के मालिक ने किया बड़ा खुलासा

Next Post

एयरफोर्स जवान से 14 लाख की ठगी, दोस्ती और बिजनेस पार्टनर बनाने के नाम पर सुभाश्री मोदक पर मामला

Insight TV Admin

Insight TV Admin

Next Post
एयरफोर्स जवान से 14 लाख की ठगी, दोस्ती और बिजनेस पार्टनर बनाने के नाम पर सुभाश्री मोदक पर मामला

एयरफोर्स जवान से 14 लाख की ठगी, दोस्ती और बिजनेस पार्टनर बनाने के नाम पर सुभाश्री मोदक पर मामला

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Latest
  • Trending
  • Comments
यात्रीगण ध्यान दें! टाटानगर, पुणे और नांदेड़ की कई ट्रेनें 24 नवंबर से 15 जनवरी तक रद्द

यात्रीगण ध्यान दें! टाटानगर, पुणे और नांदेड़ की कई ट्रेनें 24 नवंबर से 15 जनवरी तक रद्द

September 30, 2026
चुनाव आयोग का बड़ा बयान, Form-6 के साथ अब नहीं देना होगा अतिरिक्त घोषणा पत्र

चुनाव आयोग का बड़ा बयान, Form-6 के साथ अब नहीं देना होगा अतिरिक्त घोषणा पत्र

September 30, 2026
रायपुर में गुटखा कारोबारी के गोदाम पर DGGI की रेड, 50 से ज्यादा बोरे मिले

रायपुर में गुटखा कारोबारी के गोदाम पर DGGI की रेड, 50 से ज्यादा बोरे मिले

September 30, 2026
OMG! राखी सावंत ने डोनाल्ड ट्रंप को बताया अपना ‘पापा’, बोलीं- मुझे US की नागरिकता दिलाएं

OMG! राखी सावंत ने डोनाल्ड ट्रंप को बताया अपना ‘पापा’, बोलीं- मुझे US की नागरिकता दिलाएं

September 30, 2026
भारत का आर्चरी में दबदबा, चीन को हराकर पुरुष कंपाउंड टीम ने जीता गोल्ड

भारत का आर्चरी में दबदबा, चीन को हराकर पुरुष कंपाउंड टीम ने जीता गोल्ड

September 30, 2026
3,000 करोड़ की ड्रग्स का खेल बेनकाब, समंदर में कोस्ट गार्ड का सीक्रेट ऑपरेशन

3,000 करोड़ की ड्रग्स का खेल बेनकाब, समंदर में कोस्ट गार्ड का सीक्रेट ऑपरेशन

September 30, 2026
45 दिन बेहद खास! मंगल गोचर से इन 5 राशियों को करियर-धन में लाभ के योग

45 दिन बेहद खास! मंगल गोचर से इन 5 राशियों को करियर-धन में लाभ के योग

September 30, 2026
छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, राज्य सेवा के 125 अधिकारियों का तबादला

छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, राज्य सेवा के 125 अधिकारियों का तबादला

September 30, 2026
प्रधानमंत्री मोदी की हर गारंटी को पूरा कर रही है छत्तीसगढ़ सरकार : मुख्यमंत्री साय

प्रधानमंत्री मोदी की हर गारंटी को पूरा कर रही है छत्तीसगढ़ सरकार : मुख्यमंत्री साय

December 5, 2025
रायपुर : नेचुरोपैथी भवन निर्माण के लिए दी 2 करोड़ 62 लाख रूपये की सौगात

रायपुर : नेचुरोपैथी भवन निर्माण के लिए दी 2 करोड़ 62 लाख रूपये की सौगात

December 8, 2025
विधायक गोपालसिंह इंजीनियर के प्रयास रंग लाये,50 ग्राम पंचायतों में 25-25 लाख के सामुदायिक भवन निर्माण की मिली स्वीकृति

विधायक गोपालसिंह इंजीनियर के प्रयास रंग लाये,50 ग्राम पंचायतों में 25-25 लाख के सामुदायिक भवन निर्माण की मिली स्वीकृति

November 29, 2025
IND vs AUS: टी20 सीरीज का बदला टाइम, कितने बजे शुरू होगा कैनबरा में पहला मुकाबला?

IND vs AUS: टी20 सीरीज का बदला टाइम, कितने बजे शुरू होगा कैनबरा में पहला मुकाबला?

October 26, 2025
बिहार में एनडीए को  प्रचंड जनादेश  मोदी-नीतीश का करिश्माई नेतृत्व और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्ट्रेटेजिक ब्रेकथ्रू

बिहार में एनडीए को प्रचंड जनादेश मोदी-नीतीश का करिश्माई नेतृत्व और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्ट्रेटेजिक ब्रेकथ्रू

November 14, 2025
डंकुनी–सूरत कॉरिडोर का असर: दुर्ग के 25 गांवों की जमीन की खरीद-फरोख्त पर लगी रोक

डंकुनी–सूरत कॉरिडोर का असर: दुर्ग के 25 गांवों की जमीन की खरीद-फरोख्त पर लगी रोक

June 10, 2026
विधायिका और पत्रकारिता – लोकतंत्र के दो सशक्त स्तंभ : भोपाल में “मीडिया संवाद एवं दीपावली मिलन” कार्यक्रम

विधायिका और पत्रकारिता – लोकतंत्र के दो सशक्त स्तंभ : भोपाल में “मीडिया संवाद एवं दीपावली मिलन” कार्यक्रम

October 26, 2025

मानसिक स्वास्थ्य पर खुला संवाद जरूरी, विद्यार्थियों को मिला सकारात्मक जीवन का मंत्र

August 5, 2026
ब्रह्मास्त्र: ब्रह्मोस से भी ताकतवर, दुश्मन के एयर डिफेंस जोन में बिना घुसे करेगा तबाही

ब्रह्मास्त्र: ब्रह्मोस से भी ताकतवर, दुश्मन के एयर डिफेंस जोन में बिना घुसे करेगा तबाही

0
महाराष्ट्र में भारी बारिश का अलर्ट, मुंबई में येलो चेतावनी जारी

महाराष्ट्र में भारी बारिश का अलर्ट, मुंबई में येलो चेतावनी जारी

0
कोयंबटूर में सेव एनर्जी मुहिम, 122 स्थानों पर लगे मोशन सेंसर सोलर स्ट्रीट लाइट

कोयंबटूर में सेव एनर्जी मुहिम, 122 स्थानों पर लगे मोशन सेंसर सोलर स्ट्रीट लाइट

0
चीन का रोबोटिक कमाल! क्या इंसानों की नौकरियों पर आ गया खतरा?

चीन का रोबोटिक कमाल! क्या इंसानों की नौकरियों पर आ गया खतरा?

0
जर्मनी के रेडलाइट इलाकों में बढ़ी चीनी लड़कियों की मौजूदगी, कर रही हैं मोटी कमाई

जर्मनी के रेडलाइट इलाकों में बढ़ी चीनी लड़कियों की मौजूदगी, कर रही हैं मोटी कमाई

0
10 साल में प्रदेश के 69 निजी इंजीनियरिंग कॉलेज बंद, भोपाल और इंदौर सबसे आगे

10 साल में प्रदेश के 69 निजी इंजीनियरिंग कॉलेज बंद, भोपाल और इंदौर सबसे आगे

0
प्रदेश में निर्माण स्थलों के इंजीनियर के साथ ड्रोन से होगी निगरानी

प्रदेश में निर्माण स्थलों के इंजीनियर के साथ ड्रोन से होगी निगरानी

0
नेशनल लोक अदालत 13 सितंबर को: बिजली चोरी और अन्य अनियमितताओं के मामलों में हो सकेंगे समझौते

नेशनल लोक अदालत 13 सितंबर को: बिजली चोरी और अन्य अनियमितताओं के मामलों में हो सकेंगे समझौते

0

Recent Posts

  • यात्रीगण ध्यान दें! टाटानगर, पुणे और नांदेड़ की कई ट्रेनें 24 नवंबर से 15 जनवरी तक रद्द
  • चुनाव आयोग का बड़ा बयान, Form-6 के साथ अब नहीं देना होगा अतिरिक्त घोषणा पत्र
  • रायपुर में गुटखा कारोबारी के गोदाम पर DGGI की रेड, 50 से ज्यादा बोरे मिले
  • OMG! राखी सावंत ने डोनाल्ड ट्रंप को बताया अपना ‘पापा’, बोलीं- मुझे US की नागरिकता दिलाएं
  • भारत का आर्चरी में दबदबा, चीन को हराकर पुरुष कंपाउंड टीम ने जीता गोल्ड

Recent Comments

No comments to show.

About Us

Insight TV News – एक ऑनलाइन मंच है जहाँ देश-विदेश की ताज़ा ख़बरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, तकनीक और व्यवसाय से जुड़ी जानकारियाँ तुरंत उपलब्ध होती हैं। पाठकों को नवीनतम घटनाओं से जोड़े रखती है और हर समय, हर जगह समाचार पढ़ने की सुविधा प्रदान करती है।

Archives

  • September 2026
  • August 2026
  • July 2026
  • June 2026
  • May 2026
  • April 2026
  • March 2026
  • February 2026
  • January 2026
  • December 2025
  • November 2025
  • October 2025
  • September 2025
  • August 2025

Categories

  • अतिथि आलेख
  • इनसाइट फीचर
  • ख़ास मुद्दा
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • देश
  • धर्म ज्योतिष
  • बिज़नेस
  • भोपाल
  • मध्य प्रदेश
  • मध्यप्रदेश स्पेशल
  • मनोरंजन
  • राज्य
  • लाइफस्टाइल
  • विदेश
  • संपादक की कलम से
  • स्पेशल रिपोर्ट

Categories

  • अतिथि आलेख
  • इनसाइट फीचर
  • ख़ास मुद्दा
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • देश
  • धर्म ज्योतिष
  • बिज़नेस
  • भोपाल
  • मध्य प्रदेश
  • मध्यप्रदेश स्पेशल
  • मनोरंजन
  • राज्य
  • लाइफस्टाइल
  • विदेश
  • संपादक की कलम से
  • स्पेशल रिपोर्ट

Contact Us

B-29, IT Park, Badwai
Near RGPV, Bhopal (M. P.) – 462033

Mobile: +91 93036 09004
Email: insighttvnews@gmail.com

WhatsApp: +91 93036 09004

  • Home
  • About Us
  • Advertise
  • Contact Us
  • MP Info RSS Feed
  • Privacy Policy

Copyright © 2025 Insight TV News. All Rights Reserved

No Result
View All Result
  • About Us
  • Advertise
  • Contact Us
  • Home
  • MP Info RSS Feed
  • Privacy Policy

Copyright © 2025 Insight TV News. All Rights Reserved